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कहो तो कह दूँ लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैंसभी दिखाएं
'आंसुओं' में बहुत ताकत होती हैं 'हुजूरे आला' समझ गए न
'नई बहू' के सामने  'पुरानी बहू' की 'बखत' बचती कँहा हैं
कोरोना जाए भाड़ में, झूम बराबर झूम शराबी
जो खुद ही खिलौना बना हैं, वो क्या खिलौना बनाएगा
रिया के सामने दाऊद की औकात ही नहीं बची.....
दिल के अरमां आंसुओं में बह गए ....
मूंछों से मोहब्बत हो तो गृहमंत्री जैसी
और यमराज भैंसे पर सवार 'सीबीआई' दफ्तर के लिए निकल पड़े!!
चौतरफा झूले ही झूले लगे हैं हुज़ूर, इस देश में
कलेक्टरों को अब 'नोटशीट' की जगह 'स्लेट' दे  देना चाहिए
कहो तो कह दूँ  'कोई नीम के पेड़ पर बैठा है तो कोई गिलोय क़ी बेल से लटके पड़ा है'