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Lucknow Fake Job Scam: नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों से ठगी, लखनऊ में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़; 3 साइबर ठग गिरफ्तार




लखनऊ में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले 3 साइबर ठग गिरफ्तार।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। क्राइम ब्रांच ने 'ऑपरेशन फेक जॉब' के तहत विभूतिखंड क्षेत्र में छापेमारी कर तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को नामी कंपनियों और निजी बैंकों का एचआर अधिकारी बताकर नौकरी का झांसा देते थे और रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग व अन्य शुल्क के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड, फर्जी दस्तावेज और अन्य सामान बरामद कर जांच शुरू कर दी है।

फर्जी HR बनकर बेरोजगारों को बनाते थे निशाना

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया, जॉब पोर्टल और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से नौकरी तलाश रहे युवाओं का डेटा जुटाते थे। इसके बाद उन्हें कॉल कर प्रतिष्ठित कंपनियों और निजी बैंकों में नौकरी दिलाने का दावा किया जाता था। भरोसा जीतने के लिए फर्जी ऑफर लेटर, जॉइनिंग लेटर और अन्य दस्तावेज भी तैयार किए जाते थे। जब अभ्यर्थी इनके झांसे में आ जाते थे तो उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, मेडिकल फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट और प्लेसमेंट चार्ज के नाम पर रकम वसूली जाती थी।

छापेमारी में मोबाइल, सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद

सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने विभूतिखंड क्षेत्र में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से छह मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड, 10 डेबिट कार्ड, एक कार, फर्जी दस्तावेज और साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया है। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक खातों की जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

देश के कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं तार

प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और देश के कई राज्यों में लोगों को अपना शिकार बना चुका है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अब तक कितने लोगों से ठगी की गई और कुल कितनी रकम वसूली गई। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

विभूतिखंड थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी संस्था या व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।



साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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