ताजा खबरें

5/recent/ticker-posts

बड़ी खबरें

Recent/hot-post

PF ट्रांसफर में फंस सकते हैं आपके पैसे! नौकरी बदलने से पहले ये 4 गलतियां सुधार लें, नहीं तो होगी बड़ी देरी



EPFO 3.0 के बाद भी PF ट्रांसफर में देरी हो सकती है। नौकरी बदलने से पहले KYC, UAN और रिकॉर्ड अपडेट जरूर करें।

EPFO 3.0 के बाद भी क्यों अटक सकता है PF ट्रांसफर?

EPFO 3.0 के लागू होने के बाद भविष्य निधि (PF) ट्रांसफर की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज और लगभग पेपरलेस होने जा रही है। इसके बावजूद यदि कर्मचारी के रिकॉर्ड में कोई गलती है, KYC अधूरी है या पुराने नियोक्ता की जानकारी अपडेट नहीं है, तो PF ट्रांसफर में देरी हो सकती है। ऐसे में नौकरी बदलने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करना बेहद जरूरी है, ताकि आपका PF बिना किसी रुकावट के नए खाते में ट्रांसफर हो सके।

नौकरी बदलने से पहले इन जानकारियों की करें जांच

PF ट्रांसफर के दौरान सबसे अधिक परेशानी व्यक्तिगत जानकारी में अंतर होने की वजह से आती है। कर्मचारी का नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरण EPFO, आधार, पैन और बैंक रिकॉर्ड में एक जैसे होने चाहिए। यदि किसी दस्तावेज में जानकारी अलग है तो ट्रांसफर प्रक्रिया रुक सकती है और सुधार कराने में अतिरिक्त समय लग सकता है।

इसके अलावा कर्मचारी को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि नई कंपनी में जॉइन करते समय उसके लिए नया UAN जारी न किया जाए। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर पूरी नौकरी के दौरान एक ही रहता है। नया UAN बनने से पुराने और नए PF खाते को जोड़ने में दिक्कत आती है और ट्रांसफर लंबा खिंच सकता है।

KYC और पुराने Employer का रिकॉर्ड भी है जरूरी

PF ट्रांसफर शुरू करने से पहले आधार, पैन और बैंक खाते की KYC पूरी तरह लिंक और सत्यापित होना जरूरी है। यदि KYC अधूरी रहती है या किसी दस्तावेज का सत्यापन लंबित है तो आवेदन आगे नहीं बढ़ पाता।

साथ ही नौकरी छोड़ने से पहले यह भी जांच लें कि पुराने नियोक्ता ने EPFO पोर्टल पर आपकी Date of Exit, वेतन संबंधी जानकारी और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड सही तरीके से अपडेट किए हैं या नहीं। रिकॉर्ड अधूरा होने पर नई व्यवस्था में भी PF ट्रांसफर अटक सकता है।

सभी दस्तावेज सही होने पर भी लग सकता है समय

अगर सभी जानकारी सही है तब भी कुछ मामलों में PF ट्रांसफर में समय लग सकता है। इसकी वजह EPFO में एक साथ अधिक आवेदन आना, सिस्टम अपग्रेड या सामान्य प्रोसेसिंग प्रक्रिया हो सकती है। ऐसे में कर्मचारी को समय-समय पर EPFO पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखते रहना चाहिए और यदि कोई अतिरिक्त जानकारी मांगी जाए तो उसे जल्द उपलब्ध कराना चाहिए। इससे ट्रांसफर प्रक्रिया बिना अनावश्यक देरी के पूरी होने की संभावना बढ़ जाती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ