मुंबई मोहर्रम जुलूस में संदिग्ध कैप्सूल बांटने का मामला, 14,900 कैप्सूल जब्त। जानिए पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया।
'इम्युनिटी बूस्टर' बताकर बांटे गए कैप्सूल पर महिला को हुआ शक
मुंबई के रे रोड स्थित रेहमताबाद कब्रिस्तान के पास मोहर्रम के आशूरा जुलूस के दौरान संदिग्ध कैप्सूल बांटने का मामला सामने आया है। कैप्सूल खाने के बाद कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। मौके से बड़ी संख्या में कैप्सूल बरामद किए गए हैं और उनके भीतर मौजूद पदार्थ की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट होगी।
महिला ने खोला कैप्सूल तो निकला काला पाउडर, पुलिस को दी सूचना
जानकारी के अनुसार, मोहर्रम के जुलूस के दौरान चार लोग श्रद्धालुओं और जुलूस में शामिल लोगों को कैप्सूल बांट रहे थे। जब एक महिला को इस पर संदेह हुआ तो उसने उनसे पूछताछ की। आरोपियों ने दावा किया कि ये 'इम्युनिटी बूस्टर' कैप्सूल हैं। हालांकि महिला ने एक कैप्सूल खोलकर देखा तो उसके अंदर काले रंग का पाउडर मिला। इसके बाद उसने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने तक तीन आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
भायखला पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपी की पहचान 39 वर्षीय फय्याज निसार प्रेमजी के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने उसके पास से 14,900 संदिग्ध कैप्सूल बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी हाल ही में ईरान और इराक की यात्रा से लौटा था। जांच में यह भी सामने आया है कि बड़ी मात्रा में जिंक फॉस्फाइड से हजारों कैप्सूल तैयार किए गए थे। हालांकि इन दावों की पुष्टि अभी जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही होगी। पुलिस फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और पूरे मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति से मिली खाद्य सामग्री या दवा का सेवन न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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