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बंगाल में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के ‘सबसे खास’ पीए को सीने में मारी 3 गोलियां, मौके पर मौत से मचा हड़कंप



पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या, इलाके में तनाव

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद हिंसा का खौफनाक चेहरा सामने आया है, जहां बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी और उनके निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। मध्यमग्राम इलाके में बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें चंद्रनाथ को सीने में तीन गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके ड्राइवर भी घायल हो गए और अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

कैसे हुआ खौफनाक हमला, मिनटों में खत्म कर दी गई जिंदगी

यह सनसनीखेज वारदात देर रात मध्यमग्राम के दोहड़िया इलाके में हुई, जब चंद्रनाथ रथ अपने ड्राइवर के साथ कार में कहीं जा रहे थे। तभी अचानक बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रास्ते में रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने बिना किसी चेतावनी के बेहद करीब से फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और कुछ ही सेकंड में चंद्रनाथ रथ खून से लथपथ होकर सीट पर गिर पड़े।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने चार राउंड फायरिंग की, जिनमें से तीन गोलियां सीधे चंद्रनाथ के सीने में लगीं। गोली लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, ड्राइवर को भी गोली लगी, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग दहशत में आ गए। कार के शीशों पर गोलियों के साफ निशान देखे जा सकते हैं, जो हमले की भयावहता को बयां करते हैं। बताया जा रहा है कि हमलावरों की बाइक पर नंबर प्लेट नहीं थी, जिससे उनकी पहचान करना और भी मुश्किल हो गया है।

कौन थे चंद्रनाथ रथ, क्यों थे इतने खास

चंद्रनाथ रथ सिर्फ एक निजी सहायक नहीं थे, बल्कि सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे। पिछले करीब पांच वर्षों से वे उनके साथ लगातार जुड़े हुए थे और उनके राजनीतिक व व्यक्तिगत कार्यों का पूरा प्रबंधन संभालते थे।

पार्टी के भीतर उनकी पहचान एक ऐसे व्यक्ति के रूप में थी, जो हर छोटे-बड़े फैसले में सुवेंदु अधिकारी के साथ मौजूद रहते थे। चाहे मीटिंग्स का आयोजन हो या राजनीतिक रणनीति का समन्वय, हर जिम्मेदारी चंद्रनाथ ही निभाते थे। चुनाव के दौरान भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी और लगातार सक्रिय रहे थे।

बताया जा रहा है कि वह मूल रूप से चंदिताला के रहने वाले थे, लेकिन फिलहाल मध्यमग्राम में रह रहे थे। उनके अचानक हुए इस हमले और मौत ने पार्टी के अंदर गहरा सदमा पैदा कर दिया है। उनके करीबी उन्हें बेहद सरल और समर्पित व्यक्ति के रूप में याद कर रहे हैं।

राजनीति गरमाई, आरोप-प्रत्यारोप के बीच पुलिस जांच तेज

इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में उबाल आ गया है। बीजेपी ने इस हत्या को लेकर सीधे तौर पर सत्तारूढ़ दल टीएमसी पर निशाना साधा है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि चुनाव में हार के बाद टीएमसी के समर्थक बौखलाए हुए हैं और इसी के चलते इस तरह की हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है।

घटना की जानकारी मिलते ही सुवेंदु अधिकारी खुद मौके के लिए रवाना हो गए और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और हमलावरों की तलाश के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और हमले में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध था और हमलावरों ने चंद्रनाथ को निशाना बनाकर ही फायरिंग की।

घटनास्थल पर बीजेपी के कई बड़े नेता भी पहुंचे, जिससे माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

इस हत्या ने एक बार फिर बंगाल में चुनाव के बाद बढ़ती हिंसा पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह घटना आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गर्मा सकती है।

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