14 साल से फरार इनामी शूटर रॉबिन जाट हापुड़ से गिरफ्तार, 6000KM पीछा और 500 CCTV जांच के बाद पुलिस को मिली सफलता।
राजस्थान के धौलपुर जिले में 2012 के चर्चित छात्र नेता नरेश कुशवाहा हत्याकांड का मुख्य आरोपी और 35 हजार का इनामी शार्प शूटर रॉबिन सिंह जाट आखिरकार 14 साल बाद उत्तर प्रदेश के हापुड़ से गिरफ्तार कर लिया गया है, लंबे समय तक फरार रहने वाले इस शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए पुलिस ने 6000 किलोमीटर तक पीछा किया और 500 से ज्यादा CCTV कैमरों की जांच की, साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने इस हाई-प्रोफाइल केस में बड़ी सफलता दिलाई है।
14 साल तक पुलिस को चकमा देता रहा शातिर अपराधी
27 दिसंबर 2012 को धौलपुर में छात्र नेता नरेश कुशवाहा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी हुए थे, मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी हुई लेकिन इस हत्या का मुख्य शूटर रॉबिन जाट घटना के बाद से ही फरार हो गया था, पुलिस और सीबी-सीआईडी लगातार उसकी तलाश में जुटी रही लेकिन वह हर बार ठिकाना बदलकर बच निकलता था, उसकी फरारी इतनी सुनियोजित थी कि वर्षों तक पुलिस उसके करीब भी नहीं पहुंच पाई।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हत्या की साजिश में राजनीतिक कनेक्शन भी जुड़े थे, जिसके चलते यह मामला और अधिक संवेदनशील बन गया था, इसी कारण पुलिस और जांच एजेंसियों पर लगातार दबाव बना हुआ था कि मुख्य आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
नेपाल से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक छिपता रहा आरोपी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रॉबिन जाट भारत ही नहीं बल्कि नेपाल तक भाग गया था, जहां उसने करीब चार साल तक छिपकर फरारी काटी, इसके बाद वह लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा और देश के अलग-अलग हिस्सों में घूमता रहा, असम, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उसकी मौजूदगी ट्रेस की गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी बेहद चालाक तरीके से अपनी पहचान छिपाता था और तकनीक का इस्तेमाल करते हुए अपनी लोकेशन बदलता रहता था, जिससे उसे पकड़ना और मुश्किल हो गया था, वह कभी मजदूर बनकर रहता तो कभी दूसरे नाम से पहचान बनाकर लोगों के बीच घुलमिल जाता था।
6000KM पीछा और 500 CCTV की जांच के बाद गिरफ्तारी
धौलपुर पुलिस और साइबर सेल ने पिछले 8 महीनों में इस केस पर खास फोकस किया और लगातार आरोपी की डिजिटल और लोकेशन ट्रैकिंग शुरू की, टीम ने करीब 6000 किलोमीटर तक अलग-अलग राज्यों में उसका पीछा किया और टोल प्लाजा के 500 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले, इस दौरान कई बार आरोपी पुलिस के करीब आया लेकिन हर बार बच निकलने में कामयाब रहा।
आखिरकार हापुड़ में उसकी सटीक लोकेशन मिलने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया, पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह गिरफ्तारी लंबे समय की मेहनत और साइबर तकनीक के सटीक इस्तेमाल का परिणाम है, आरोपी को पकड़ने में कई राज्यों की पुलिस और तकनीकी टीमों का सहयोग भी लिया गया।
इस गिरफ्तारी के साथ ही 14 साल से लंबित एक बड़ा मामला सुलझ गया है और पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, अब आरोपी से पूछताछ के बाद इस हत्याकांड से जुड़े और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


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