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70 लाख की सुपारी, Signal App पर लाइव लोकेशन… शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में CBI को मिला बड़ा सुराग


शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में 70 लाख की सुपारी और Signal App से लोकेशन शेयरिंग का खुलासा।

पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari के निजी सहायक Chandranath Rath की हत्या मामले में अब बड़ा खुलासा सामने आया है. इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच अपने हाथ में लेने के बाद Central Bureau of Investigation ने दावा किया है कि हत्या के लिए 70 लाख रुपए की सुपारी दी गई थी और पूरी साजिश मध्यमग्राम से बैठकर रची गई. जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों को Signal App के जरिए लाइव लोकेशन, फोटो और मूवमेंट की जानकारी भेजी जा रही थी. मामले में यूपी और बिहार से तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद अब सीबीआई मुख्य साजिशकर्ता तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है.

चुनाव के दौरान ही निशाने पर थे चंद्रनाथ रथ

सीबीआई जांच में शुरुआती तौर पर जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले ही चंद्रनाथ रथ को टारगेट बना लिया गया था. जांच एजेंसियों का मानना है कि राजनीतिक भीड़ और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की वजह से पहले कई बार हत्या की योजना फेल हो गई थी. इसके बाद आरोपियों ने लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की.

सूत्रों के अनुसार, मध्यमग्राम स्थित घर के आसपास से ही चंद्रनाथ रथ की तस्वीरें और लोकेशन शूटर्स तक पहुंचाई जा रही थीं. जांच में सामने आया है कि हत्या से करीब एक महीने पहले से ही उनकी रेकी की जा रही थी. हर मूवमेंट पर नजर रखी जा रही थी और Signal App के जरिए रियल टाइम अपडेट भेजे जा रहे थे.

सीबीआई को शक है कि स्थानीय स्तर पर किसी ऐसे व्यक्ति ने पूरी साजिश को ऑपरेट किया, जिसे चंद्रनाथ रथ की दिनचर्या और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी. यही वजह है कि अब एजेंसी का पूरा फोकस मध्यमग्राम के उस संदिग्ध व्यक्ति पर है, जिसका नाम गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में लिया है.

यूपी-बिहार से गिरफ्तार हुए तीन आरोपी

मामले में अब तक तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें बक्सर से पकड़े गए मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य शामिल हैं, जबकि तीसरा आरोपी राज सिंह बलिया से गिरफ्तार किया गया है. सीबीआई की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम लगातार तीनों से पूछताछ कर रही है.

जांच एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक, मयंक मिश्रा और विक्की मौर्य ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं. दोनों ने कबूल किया है कि उन्हें Signal App पर चंद्रनाथ रथ की तस्वीरें, लोकेशन और हत्या का आदेश भेजा गया था. हालांकि बलिया से पकड़ा गया राज सिंह अभी भी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है.

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सीबीआई ने अदालत से तीनों आरोपियों की कस्टडी हासिल की है और उन्हें 23 मई तक रिमांड पर रखा गया है. पूछताछ के दौरान एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या का मास्टरमाइंड कौन है और आखिर इस पूरे ऑपरेशन को फंड किसने किया.

जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं थी, बल्कि बेहद प्रोफेशनल तरीके से तैयार किया गया ऑपरेशन था. शूटर्स को पहले से टारगेट की पहचान करवाई गई थी और हर गतिविधि की निगरानी की जा रही थी.

70 लाख की सुपारी और राजनीतिक एंगल की जांच

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में 70 लाख रुपए की सुपारी दिए जाने की बात सामने आई है. एजेंसी अब इस रकम के ट्रांजैक्शन, नेटवर्क और फंडिंग चैन की जांच कर रही है. अधिकारियों को शक है कि हत्या के पीछे बड़ा राजनीतिक या व्यक्तिगत नेटवर्क सक्रिय हो सकता है.

हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि हत्या पूरी तरह राजनीतिक रंजिश का नतीजा थी या इसके पीछे कोई निजी विवाद भी था. एजेंसी दोनों एंगल पर समानांतर जांच कर रही है. सीबीआई की टीम मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही है.

सूत्रों के अनुसार, स्पॉट जांच में यह भी पता चला है कि हत्या से पहले चंद्रनाथ रथ की लाइव लोकेशन लगातार शूटर्स तक पहुंच रही थी. इससे यह आशंका और मजबूत हो गई है कि साजिश में लोकल सपोर्ट मौजूद था.

जांच एजेंसी अब डिजिटल सबूतों पर भी फोकस कर रही है. Signal App पर हुई बातचीत, लोकेशन हिस्ट्री, मोबाइल डेटा और फाइनेंशियल ट्रेल को खंगाला जा रहा है. सीबीआई अधिकारियों का मानना है कि जैसे ही मुख्य साजिशकर्ता पकड़ा जाएगा, हत्या के असली मकसद से पर्दा उठ सकता है.

इस हाई प्रोफाइल हत्याकांड ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल मचा दी है. विपक्ष लगातार कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है, जबकि जांच एजेंसी अब इस केस को एक संगठित क्रिमिनल ऑपरेशन मानकर आगे बढ़ रही है. फिलहाल पूरे मामले की जांच तेजी से जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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