दिल्ली-NCR, यूपी, बिहार और उत्तराखंड में बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट। IMD ने कई राज्यों में आंधी-बिजली की चेतावनी जारी की।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी है, लेकिन मौसम विभाग ने इसे लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट, यूपी के 60 जिलों में ओले गिरने की चेतावनी और बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड व हिमाचल में भारी बारिश की संभावना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। IMD के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 31 मई तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है।
दिल्ली-NCR में बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन कई इलाकों में पेड़ गिरने और ट्रैफिक प्रभावित होने की खबरें भी सामने आईं। भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए दिल्ली-एनसीआर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आज दिनभर तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ बारिश और कई जगहों पर बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।
दिल्ली में तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जहां पिछले दिनों अधिकतम तापमान 44 डिग्री के आसपास पहुंच रहा था, वहीं बारिश के बाद तापमान गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान भी 24 डिग्री के आसपास रह सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण उत्तर भारत में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा में भी तेज बारिश और धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने का भी अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।
यूपी के 60 जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश का खतरा
उत्तर प्रदेश में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। गुरुवार को बदायूं, झांसी, बांदा और आसपास के कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। IMD ने शुक्रवार को राज्य के करीब 60 जिलों में ओलावृष्टि और आंधी का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी और मध्य यूपी में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं और पीलीभीत समेत कई जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
बुंदेलखंड के जिलों झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर और बांदा में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम करने की सलाह दी है। गेहूं कटाई के बाद खेतों में रखी फसल और सब्जियों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी में भी बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। राज्य के कई हिस्सों में बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, जिसके चलते प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
बिहार, एमपी, राजस्थान और पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का कहर
दिल्ली और यूपी के अलावा बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज आंधी को लेकर चेतावनी जारी की है। बिहार के पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया और दरभंगा समेत कई जिलों में तेज बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने लोगों से खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है।
ओडिशा और झारखंड में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के टकराव से यह सिस्टम और मजबूत हो गया है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। दमोह, छतरपुर और सागर समेत कई जिलों में गुरुवार को बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। IMD के अनुसार भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा संभाग में अगले दो दिनों तक तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी।
राजस्थान के जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर में भी तेज हवाओं और हल्की बारिश का अनुमान लगाया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इससे भीषण गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन अचानक बदलता मौसम लोगों के लिए परेशानी भी खड़ी कर सकता है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भी मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग और चमोली समेत कई जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में भी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका जताई है। यात्रियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार अगले 48 घंटे उत्तर भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम लगातार बदलता रहेगा और कई इलाकों में तेज तूफान, बिजली और ओलावृष्टि की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।


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