NEET विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जंतर-मंतर में जश्न, CJP ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया।
NEET पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के बीच जश्न का माहौल दिखा। CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया। वहीं संजय सिंह, मल्लिकार्जुन खरगे, अरविंद केजरीवाल, सोनम वांगचुक और शरद पवार ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी।
छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन लंबे समय से जारी था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और CJP की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल था। शनिवार, 25 जुलाई को प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी पत्र में अपने फैसले की जानकारी दी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के बीच जश्न देखने को मिला। आंदोलन से जुड़े लोग इस फैसले को अपनी मांग पूरी होने के रूप में देख रहे हैं। हालांकि प्रदर्शनकारियों की अन्य मांगें अभी बाकी हैं और आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी लड़ाई अभी समाप्त नहीं हुई है।
CJP के अभिजीत दिपके ने बताया लोकतंत्र की जीत
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया। उनका कहना था कि छात्रों और युवाओं की ओर से लगातार उठाई गई आवाज के बाद यह फैसला सामने आया है।
CJP की तरफ से इस घटनाक्रम का स्वागत किया गया, लेकिन संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस्तीफे के साथ उसकी पूरी लड़ाई समाप्त नहीं हुई है। अन्य लंबित मांगों को लेकर भी कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
संजय सिंह बोले- युवा शक्ति जिंदाबाद
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्र और युवा शक्ति की तारीफ की। उन्होंने कहा, “युवा शक्ति जिंदाबाद, छात्र शक्ति जिंदाबाद।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है।
संजय सिंह ने इस घटनाक्रम को देश के युवाओं के आंदोलन का नतीजा बताते हुए कहा कि पेपर लीक से शुरू हुई यह लड़ाई रोजगार तक जाएगी और अब गलतियों के लिए जवाबदेही तय करने की मांग आगे बढ़ेगी।
मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों की जीत बताया
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे देश के उन करोड़ों युवाओं की जीत बताया, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़क पर अपनी आवाज उठाई।
खरगे ने इसे सत्य की जीत बताते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने छात्र आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए और संबंधित मामलों में कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष ने छात्रों के हितों को लेकर संसद से सड़क तक आवाज उठाई।
अरविंद केजरीवाल ने दी देश को बधाई
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर देश को बधाई देते हुए इसे लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया।
प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय सामने आया जब जंतर-मंतर पर छात्र लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। शुक्रवार को सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत में भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रमुख मुद्दा बनी हुई थी।
सोनम वांगचुक बोले- यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत
सोनम वांगचुक ने भी इस घटनाक्रम को लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने इसे सड़कों से निकले सीधे लोकतंत्र से जोड़ते हुए शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत करार दिया।
वांगचुक ने CJP, देश की ‘जेन ज़ेड’ और आंदोलन में आवाज उठाने वाले नागरिकों को बधाई दी। उनका कहना था कि अब जवाबदेही से आगे बढ़ते हुए सुधार की दिशा में काम होना चाहिए।
वहीं उपलब्ध खबर के अनुसार, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने कहा कि यह अभी शुरुआत है और आंदोलन को अंत तक लेकर जाना है।
शरद पवार ने 28 दिनों के संघर्ष का किया जिक्र
शरद पवार ने अपनी प्रतिक्रिया में जंतर-मंतर पर युवाओं के लगातार 28 दिनों तक चले संघर्ष और दृढ़ संकल्प की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांग के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया है।
पवार ने छात्र आंदोलन को लोकतंत्र की ताकत का प्रतीक बताते हुए कहा कि युवाओं ने बिना डरे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखा और सरकार से जवाबदेही की मांग की।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ, CJP की बाकी मांगें अभी लंबित
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा आंदोलन से जुड़ी प्रमुख मांगों में शामिल था। इससे एक दिन पहले तक CJP और केंद्र सरकार के बीच बातचीत में इस्तीफे का मुद्दा प्रमुख गतिरोध बना हुआ था। शनिवार को प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, CJP की अपडेट की गई मांगों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पूरा हो गया है। इसके अलावा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये देने की मांग अभी लंबित बताई गई है।
प्रदर्शन करने वाले किसी भी छात्र के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने की मांग भी लंबित है। इसके साथ RAF और दिल्ली पुलिस की ओर से सार्वजनिक माफी की मांग पर भी कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
ऐसे में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर
DEMOCRACY WINS! 🇮🇳🇮🇳🇮🇳 pic.twitter.com/HpCaqBkPxc
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) July 25, 2026
साभार: उपलब्ध समाचार रिपोर्ट्स


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