धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर BJP सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता की पोस्ट से ओडिशा भाजपा में विवाद बढ़ गया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भुवनेश्वर से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सचिन राहर की सोशल मीडिया पोस्ट ने ओडिशा की राजनीति में विवाद खड़ा कर दिया है। अर्चिता की पोस्ट को प्रधान के इस्तीफे पर खुशी जताने के तौर पर देखा गया, जिसके बाद भाजपा के कुछ नेताओं ने नाराजगी जाहिर की। पोस्ट हटाने के कथित दबाव के बावजूद अर्चिता ने इनकार किया, जबकि अपराजिता सारंगी ने सार्वजनिक रूप से प्रधान का समर्थन किया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अर्चिता की पोस्ट पर विवाद
नीट पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में हुए छात्र प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत विभिन्न स्थानों पर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे और प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठी थी। प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेजने की जानकारी दी थी।
इसी घटनाक्रम के बाद भुवनेश्वर से भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता सचिन राहर की इंस्टाग्राम स्टोरी चर्चा में आ गई। पोस्ट में राष्ट्रीय ध्वज की पृष्ठभूमि के साथ धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर थी और उनके इस्तीफे तथा नीट लीक को लेकर हुए बड़े छात्र प्रदर्शनों का जिक्र किया गया था।
इस पोस्ट को प्रधान के इस्तीफे पर खुशी जाहिर करने के रूप में देखा गया। इसके बाद ओडिशा भाजपा के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई और मामला सोशल मीडिया से निकलकर पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बन गया।
पोस्ट हटाने से अर्चिता ने किया इनकार
विवाद बढ़ने के बीच अर्चिता ने एक और इंस्टाग्राम स्टोरी साझा की। इसमें उन्होंने ‘DP’s PA’ का जिक्र करते हुए संकेत दिया कि उनकी मां को पहली स्टोरी हटाने के लिए संदेश भेजा जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पोस्ट नहीं हटाएंगी और अपनी बात के अंत में ‘जय जगन्नाथ’ और ‘जय हिंद’ लिखा।
रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान के कार्यालय से फोन आने के बाद सांसद अपराजिता सारंगी ने अपनी बेटी से पोस्ट हटाने के लिए कहा था, लेकिन इसका असर नहीं हुआ। इसके बाद अर्चिता ने दूसरी पोस्ट के जरिए अपना रुख और स्पष्ट कर दिया।
इस पूरे विवाद के बाद अर्चिता का इंस्टाग्राम अकाउंट कथित तौर पर डीएक्टिवेट हो गया। फिलहाल उन्होंने मामले पर मीडिया के सामने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बेटी से अलग रहा सांसद अपराजिता सारंगी का रुख
बेटी की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद के बीच अपराजिता सारंगी का रुख बिल्कुल अलग दिखाई दिया। शनिवार रात उन्होंने सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन में बयान दिया।
अपराजिता सारंगी ने कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना काफी साहस की बात है। उन्होंने इस कठिन समय में धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़े होने की बात कही और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
एक तरफ बेटी की पोस्ट को प्रधान के इस्तीफे पर खुशी के रूप में देखा गया, वहीं दूसरी तरफ सांसद ने प्रधान के फैसले को नैतिक जिम्मेदारी और साहस से जोड़ते हुए उनका समर्थन किया। दोनों के अलग-अलग रुख के कारण यह मामला ओडिशा के राजनीतिक हलकों में और चर्चा में आ गया।
भाजपा नेता जगन्नाथ प्रधान ने जताई नाराजगी
अर्चिता की पोस्ट पर भाजपा नेता जगन्नाथ प्रधान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को ओडिशा की माटी का बेटा बताते हुए कहा कि उनके इस्तीफे से उन्हें दुख पहुंचा है। उन्होंने अपराजिता सारंगी का जिक्र करते हुए कहा कि ओडिशा के लोगों ने बिहार की बेटी को स्वीकार किया और उन्हें दो बार सांसद बनाया।
जगन्नाथ प्रधान ने कहा कि सारंगी को अपने परिवार के सदस्यों पर नियंत्रण रखना चाहिए और बेटी की टिप्पणी के लिए ओडिशा से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के ओडिशा और देश के लिए योगदान का उल्लेख करते हुए अर्चिता की टिप्पणी पर आपत्ति जताई।
एक अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता ने भी इस मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि भाजपा एक परिवार है और मुश्किल समय में उसके सदस्यों को एक-दूसरे के साथ खड़ा होना चाहिए। उन्होंने अनुशासित पार्टी में किसी नेता के खिलाफ इस तरह जाने को स्वीकार्य नहीं बताया।
सांसद कार्यालय ने कहा- हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार
दूसरी ओर, सांसद अपराजिता सारंगी के कार्यालय के असिस्टेंट धनेश्वर बारिक ने अर्चिता के अपनी बात रखने के अधिकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार है और अर्चिता Gen Z से हैं तथा अपने बयान पर कायम हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या बेटी की सोशल मीडिया पोस्ट से अपराजिता सारंगी को राजनीतिक तौर पर नुकसान हो सकता है, तो बारिक ने कहा कि इसका जवाब समय ही बताएगा।
इस मामले पर अपराजिता सारंगी की बेटी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी है। हालांकि उनकी सोशल मीडिया पोस्ट और उसके बाद पोस्ट नहीं हटाने के रुख ने ओडिशा भाजपा के भीतर राजनीतिक चर्चा जरूर तेज कर दी है।
NEET विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने दिया था इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नीट पेपर लीक को लेकर हुए व्यापक छात्र प्रदर्शनों के बीच आया। प्रधान ने अपने इस्तीफे में देश के युवाओं की आकांक्षाओं और लोकतंत्र में विश्वास का जिक्र करते हुए कहा था कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को इस्तीफा सौंपा है।
उनके इस्तीफे के अगले ही दिन अपराजिता सारंगी की बेटी की पोस्ट को लेकर सामने आया विवाद अब ओडिशा भाजपा में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ कुछ पार्टी नेताओं ने अर्चिता की टिप्पणी पर नाराजगी जताई है, वहीं सांसद कार्यालय ने इसे व्यक्तिगत विचार रखने के अधिकार से जोड़ा है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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