ताजा खबरें

5/recent/ticker-posts

बड़ी खबरें

Recent/hot-post

‘मैं खुद दरोगा हूं, फिर भी नहीं लिखी FIR!’ लखनऊ में महिला अफसर ने ससुर पर लगाया रेप का आरोप, बोली- ‘पूरा थाना बिक चुका है’



लखनऊ में महिला दरोगा ने ससुर पर रेप का आरोप लगाया। FIR में 4 दिन की देरी और पुलिस पर धमकाने के गंभीर आरोप लगे।

लखनऊ में एक महिला दरोगा द्वारा अपने ही ससुर पर रेप का गंभीर आरोप लगाने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद वह लगातार चार दिनों तक थाना और चौकी के चक्कर लगाती रही, लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। महिला अफसर का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने मदद करने के बजाय उसे धमकाया, सबूत मांगते रहे और मामला दबाने की कोशिश की। पीड़िता ने यहां तक कह दिया कि “पूरा थाना बिक चुका है।” मामला सोशल मीडिया पर उछलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने की बात कही है।

महिला दरोगा का आरोप, ‘ससुर ने किया रेप, पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद’


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया यह मामला पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़िता खुद पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर तैनात है। महिला अफसर ने आरोप लगाया कि उसके ससुर ने उसके साथ रेप किया, जिसके बाद वह न्याय की उम्मीद लेकर पुलिस के पास पहुंची। लेकिन वहां उसे इंसाफ मिलने के बजाय लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा।

महिला दरोगा के मुताबिक, घटना के बाद उसने तत्काल संबंधित पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी थी। इसके बावजूद न तो उसकी शिकायत को गंभीरता से लिया गया और न ही समय पर मेडिकल कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि चार दिनों तक उसे थाने और चौकी के चक्कर लगवाए गए। हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर उसे वापस भेज दिया गया।

पीड़िता ने कहा कि वह रोजाना पारा थाना और हंस खेड़ा चौकी पहुंच रही थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। पुलिसकर्मी उससे सबूत मांग रहे थे और एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी कर रहे थे। महिला अफसर का कहना है कि जब विभाग में तैनात एक महिला अधिकारी के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम महिलाओं के साथ क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

चौकी इंचार्ज पर धमकाने का आरोप, ‘कमरे में बंद कर नौकरी खाने की दी धमकी’


मामले में सबसे गंभीर आरोप हंस खेड़ा चौकी इंचार्ज पर लगाए गए हैं। पीड़िता का दावा है कि जब उसने अपनी आपबीती चौकी इंचार्ज को बताई, तो उन्होंने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय उसे डराने-धमकाने की कोशिश की।

महिला दरोगा ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज ने उसे कमरे में बंद कर दिया और कहा कि “तुम्हारी नौकरी खा जाएंगे।” पीड़िता का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और लगातार दबाव बनाया कि वह मामले को आगे न बढ़ाए।

पीड़िता के मुताबिक, उसे यह महसूस कराया गया कि यदि उसने ज्यादा आवाज उठाई तो उसके करियर पर असर पड़ सकता है। महिला अफसर ने आरोप लगाया कि संबंधित पुलिसकर्मी विपक्षी पक्ष के संपर्क में थे और पूरे मामले को दबाने की कोशिश कर रहे थे।

महिला दरोगा ने मीडिया के सामने कहा कि “मैं खुद दरोगा हूं, लेकिन मेरा ही मुकदमा नहीं लिखा जा रहा। रोज थाने आ रही हूं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। मुझे डराया और धमकाया जा रहा है।”

‘पूरा थाना बिक चुका है’ बयान से मचा बवाल, सोशल मीडिया पर उठा मामला


पीड़िता का “पूरा थाना बिक चुका है” वाला बयान सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोगों ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया यूजर्स ने पूछा कि जब एक महिला पुलिस अधिकारी की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं हो रही, तो आम नागरिकों की स्थिति कैसी होगी।

मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी। सोशल मीडिया पर लोगों ने महिला सुरक्षा, पुलिस संवेदनशीलता और विभागीय जवाबदेही को लेकर कई सवाल उठाए। कुछ लोगों ने पुलिस विभाग में सुधार की मांग की, जबकि कई यूजर्स ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

घटना के बाद बढ़ते दबाव को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी किया। पुलिस की ओर से कहा गया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है।

हालांकि पीड़िता का आरोप है कि यदि मामला सोशल मीडिया और मीडिया में न आता, तो शायद उसकी शिकायत अब भी दर्ज नहीं होती। महिला अफसर का कहना है कि उसे न्याय के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ा और विभाग के भीतर ही असहयोग का सामना करना पड़ा।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और पुलिस विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सामने आता है और आरोपों के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ