दिल्ली AC ब्लास्ट हादसे ने बढ़ाई चिंता, जानिए गर्मी में एयर कंडीशनर फटने के बड़े कारण और बचाव के जरूरी तरीके।
दिल्ली के पॉश इलाके हौज खास में हुए दर्दनाक AC ब्लास्ट ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। रिटायर्ड IAS अधिकारी और CCI के पहले चेयरमैन धनेंद्र कुमार के घर में लगे स्प्लिट एसी की इनडोर यूनिट में अचानक धमाका हुआ, जिसके बाद भीषण आग लग गई। हादसे के वक्त घर में पांच लोग मौजूद थे। इस हादसे में धनेंद्र कुमार की मौत हो गई जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। भीषण गर्मी के बीच लगातार बढ़ते AC इस्तेमाल ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कई घंटों तक एसी चलाना, खराब वायरिंग, गंदा फिल्टर, ओवरलोडेड कंप्रेसर और समय पर सर्विसिंग न करवाना ऐसे हादसों की सबसे बड़ी वजह बनते जा रहे हैं।
हौज खास AC ब्लास्ट ने बढ़ाया डर, घरों में लगे एयर कंडीशनर बने खतरा
दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। तापमान लगातार 45 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है, ऐसे में ज्यादातर घरों में एयर कंडीशनर 15 से 20 घंटे तक लगातार चल रहे हैं। लोगों के लिए AC अब लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत बन चुका है। लेकिन हौज खास में हुए इस हादसे ने बता दिया कि छोटी सी लापरवाही भी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
जानकारी के मुताबिक, हादसा उस वक्त हुआ जब घर में लगा स्प्लिट एसी अचानक तेज आवाज के साथ फट गया। धमाके के तुरंत बाद कमरे में आग फैल गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते उससे पहले धुआं और आग पूरे हिस्से में फैल चुकी थी। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि AC ब्लास्ट केवल मशीन खराब होने की वजह से नहीं होता बल्कि लंबे समय तक लापरवाही, खराब मेंटेनेंस और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की अनदेखी इसके पीछे बड़ा कारण होती है। लगातार बढ़ती गर्मी में एयर कंडीशनर पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे उसका कंप्रेसर और इलेक्ट्रिकल यूनिट तेजी से गर्म होने लगते हैं।
लगातार घंटों तक AC चलाना बन सकता है जानलेवा
भीषण गर्मी में लोग दिन-रात एयर कंडीशनर बंद नहीं करते। कई घरों में एसी लगातार 15 से 18 घंटे तक चलता रहता है। यही सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लगातार लंबे समय तक चलने से AC का कंप्रेसर ओवरलोड हो जाता है। कंप्रेसर मशीन का सबसे अहम हिस्सा होता है और यही पूरे सिस्टम को ठंडा रखने का काम करता है।
जब कंप्रेसर बिना रुके लगातार काम करता है तो उसका तापमान तेजी से बढ़ता है। अगर समय रहते मशीन को आराम न मिले तो अंदर मौजूद गैस और इलेक्ट्रिकल सर्किट पर दबाव बढ़ने लगता है। कई मामलों में यही दबाव धमाके की वजह बन जाता है।
इसके अलावा पुराने एसी में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। कई लोग 8 से 10 साल पुराने एयर कंडीशनर इस्तेमाल करते रहते हैं लेकिन उनकी वायरिंग और पार्ट्स समय के साथ कमजोर हो चुके होते हैं। अधिक गर्मी और लगातार लोड के कारण मशीन के अंदर स्पार्किंग शुरू हो सकती है जो ब्लास्ट का रूप ले लेती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लगातार कई घंटों तक AC चलाने के बजाय बीच-बीच में कुछ समय के लिए बंद जरूर करें। इससे मशीन को ठंडा होने का समय मिलता है और कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
वोल्टेज फ्लक्चुएशन और खराब वायरिंग बन रही बड़े हादसों की वजह
भारत के कई इलाकों में गर्मियों के दौरान बिजली की खपत अचानक बहुत बढ़ जाती है। इसी कारण वोल्टेज में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। यह स्थिति एयर कंडीशनर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
जब बिजली का वोल्टेज अचानक बढ़ता या घटता है तो AC के इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर सीधा असर पड़ता है। खासतौर पर कंप्रेसर और सर्किट बोर्ड सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। अचानक हाई वोल्टेज आने पर मशीन के अंदर शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जिससे आग या धमाका होने का खतरा बढ़ जाता है।
कई लोग बिना स्टेबलाइजर के एयर कंडीशनर चलाते हैं। यह आदत बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। स्टेबलाइजर बिजली के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करता है और मशीन को सुरक्षित रखता है। जिन इलाकों में वोल्टेज की समस्या ज्यादा रहती है वहां स्टेबलाइजर लगाना बेहद जरूरी माना जाता है।
इसके साथ ही घर की पुरानी वायरिंग भी बड़ा खतरा बन सकती है। कई पुराने मकानों में वर्षों पुरानी बिजली की वायरिंग लगी होती है जो हाई लोड सहन करने में सक्षम नहीं रहती। AC जैसे भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब ऐसे सिस्टम पर चलते हैं तो तार गर्म होने लगते हैं और आग लगने का खतरा पैदा हो जाता है।
इलेक्ट्रिकल विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर घर में बार-बार फ्यूज उड़ना, स्पार्किंग होना या स्विच बोर्ड गर्म होना जैसी समस्याएं दिखें तो तुरंत वायरिंग की जांच करवानी चाहिए।
गंदा फिल्टर और खराब सर्विसिंग भी बन सकती है विस्फोट की वजह
बहुत से लोग केवल तब AC की सर्विस करवाते हैं जब मशीन पूरी तरह खराब होने लगती है। यही सबसे बड़ी गलती मानी जाती है। एयर कंडीशनर के फिल्टर में लगातार धूल और गंदगी जमा होती रहती है। जब फिल्टर जाम हो जाता है तो हवा का बहाव रुकने लगता है।
एयर फ्लो कम होने से मशीन के अंदर का तापमान तेजी से बढ़ता है। इसका सीधा असर कंप्रेसर और मोटर पर पड़ता है। ज्यादा गर्मी की वजह से मशीन के अंदर इलेक्ट्रिकल फॉल्ट या स्पार्किंग हो सकती है।
टेक्नीशियन बताते हैं कि हर 3 से 4 महीने में एक बार AC की सर्विसिंग जरूर करवानी चाहिए। सर्विसिंग के दौरान गैस प्रेशर, वायरिंग, फिल्टर, कंप्रेसर और इलेक्ट्रिकल पार्ट्स की जांच की जाती है। कई बार मशीन के अंदर कोई पार्ट खराब हो रहा होता है लेकिन सामान्य व्यक्ति को उसका अंदाजा नहीं लग पाता। समय रहते खराब पार्ट बदल दिया जाए तो बड़ा हादसा टाला जा सकता है।
विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि लोकल और बिना ट्रेनिंग वाले मैकेनिक से सर्विस करवाना भी जोखिम भरा हो सकता है। हमेशा अधिकृत और प्रशिक्षित टेक्नीशियन से ही AC की जांच करवानी चाहिए ताकि मशीन सुरक्षित तरीके से काम करती रहे।
दिल्ली के हौज खास में हुआ हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है। भीषण गर्मी में एयर कंडीशनर का इस्तेमाल जरूरी है लेकिन थोड़ी सी सावधानी और नियमित मेंटेनेंस बड़ी दुर्घटना को रोक सकती है।


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