सपनों की दुनिया पर कब्जा! अब सोते समय भी दिमाग होगा आपके कंट्रोल में, अनोखी AI डिवाइस लॉन्च




AI वियरेबल डिवाइस अब आपके सपनों को करेगा कंट्रोल, लूसिड ड्रीमिंग टेक्नोलॉजी से बदलें सपनों की दुनिया


सपनों को कंट्रोल करने वाली टेक्नोलॉजी ने बढ़ाई हलचल

टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक ऐसा इनोवेशन सामने आया है, जिसने इंसानी सोच और विज्ञान की सीमाओं को चुनौती दे दी है। अब तक लोग फिल्मों और साइंस फिक्शन में ही देखते थे कि इंसान अपने सपनों को अपनी मर्जी से बदल सकता है, लेकिन अब यह कल्पना धीरे-धीरे हकीकत में बदलती नजर आ रही है। Prophetic AI नाम की कंपनी ने एक ऐसा स्मार्ट वियरेबल डिवाइस पेश किया है, जो दावा करता है कि यह इंसान को अपने सपनों पर नियंत्रण देने में सक्षम है। इस नई तकनीक ने न सिर्फ टेक इंडस्ट्री में हलचल मचाई है, बल्कि आम लोगों के बीच भी उत्सुकता और हैरानी पैदा कर दी है।

लूसिड ड्रीमिंग को करेगा एक्टिव, सपना देखते समय मिलेगा होश

यह खास डिवाइस लूसिड ड्रीमिंग तकनीक पर आधारित है, जिसका मतलब है कि व्यक्ति जब सपना देख रहा होता है, तब उसे यह अहसास हो जाता है कि वह सपना देख रहा है। Prophetic AI का कहना है कि उनके डिवाइस के जरिए यूजर अपने सपनों के भीतर घटनाओं को बदल सकता है, उन्हें नियंत्रित कर सकता है और यहां तक कि अपने सपनों को डिजाइन भी कर सकता है। यह तकनीक उन लोगों के लिए बेहद खास बताई जा रही है, जिन्हें अपने सपने याद नहीं रहते या जो कम सपने देखते हैं।

कैसे काम करता है यह स्मार्ट वियरेबल डिवाइस

Prophetic AI ने Phase और Dual नाम से दो अलग-अलग डिवाइस लॉन्च किए हैं, जो सिर पर पहनने वाले बैंड की तरह डिजाइन किए गए हैं। कंपनी के मुताबिक, ये डिवाइस माथे के जरिए सुरक्षित अल्ट्रासोनिक सिग्नल भेजते हैं, जो दिमाग के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स तक पहुंचते हैं। यह वही हिस्सा है, जो इंसान की सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता से जुड़ा होता है। जब यह हिस्सा नींद के दौरान सक्रिय होता है, तो व्यक्ति को यह महसूस होने लगता है कि वह सपना देख रहा है।

इसी प्रक्रिया के जरिए फ्रंटोपैरिएटल नेटवर्क सक्रिय होता है, जो सामान्य नींद में निष्क्रिय रहता है। जैसे ही यह नेटवर्क सक्रिय होता है, यूजर अपने सपनों के माहौल को समझ पाता है और उन्हें अपनी इच्छानुसार बदल सकता है।

EEG सेंसर और बिना सर्जरी दिमाग से कनेक्शन

इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें EEG यानी इलेक्ट्रोएन्सेफैलोग्राम सेंसर दिए गए हैं, जो दिमाग की गतिविधियों को ट्रैक करते हैं। यह तकनीक पहले भी मौजूद थी, लेकिन ज्यादातर मामलों में इसके लिए सर्जरी या ब्रेन इम्प्लांट की जरूरत होती थी। Prophetic AI का दावा है कि उनका डिवाइस बिना किसी सर्जरी के ही दिमाग की गतिविधियों को पढ़ सकता है और उसी के आधार पर काम करता है।

यह पहलू इसे बाकी ब्रेन टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स से अलग बनाता है और इसे ज्यादा सुरक्षित और आसान उपयोग वाला विकल्प भी माना जा रहा है।

कीमत और लॉन्च टाइमलाइन ने भी खींचा ध्यान

Prophetic AI ने अपने दोनों डिवाइस की कीमत और उपलब्धता को लेकर भी जानकारी दी है। Prophetic Dual की कीमत 449 डॉलर यानी करीब 43 हजार रुपये रखी गई है, जिसे इस साल के अंत तक बाजार में उतारने की योजना है। वहीं, Prophetic Phase ज्यादा एडवांस मॉडल है, जिसकी कीमत 1,299 डॉलर यानी लगभग 1.22 लाख रुपये बताई गई है। यह मॉडल अगले साल तक ग्राहकों को उपलब्ध कराया जाएगा।

कंपनी का कहना है कि Phase मॉडल में अल्ट्रासाउंड को ज्यादा सटीक तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है, जिससे यूजर को अपने दिमाग और सपनों पर अधिक नियंत्रण मिलता है। इसी कारण इसकी कीमत भी ज्यादा रखी गई है।

टेक्नोलॉजी की नई बहस, क्या सच में संभव होगा सपना कंट्रोल

इस डिवाइस के लॉन्च के साथ ही टेक्नोलॉजी और साइंस की दुनिया में नई बहस शुरू हो गई है। जहां एक तरफ इसे भविष्य की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ लोग इसके प्रभाव, सुरक्षा और नैतिक पहलुओं को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। क्या वाकई इंसान अपने सपनों को पूरी तरह कंट्रोल कर पाएगा या यह सिर्फ एक सीमित अनुभव तक ही रहेगा, यह आने वाला समय ही बताएगा।

फिलहाल इतना तय है कि Prophetic AI का यह इनोवेशन टेक्नोलॉजी के इतिहास में एक नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है, जो आने वाले समय में इंसानी दिमाग और मशीन के बीच की दूरी को और कम कर देगा।

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