शिवपुरी में 17 वर्षीय लड़की पर कुल्हाड़ी से हमला कर फंदे से लटकाने का मामला, गांववालों ने सड़क जाम कर जताया विरोध।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के चंदावनी गांव में 17 वर्षीय लड़की पर जानलेवा हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के ही युवक धर्मेंद्र परिहार ने लड़की पर कुल्हाड़ी से हमला किया और बाद में उसके गले में रस्सी बांधकर छत से लटका दिया। गंभीर हालत में लड़की को पहले शिवपुरी मेडिकल कॉलेज और फिर ग्वालियर रेफर किया गया। घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
घर में अकेली थी लड़की, तभी पहुंचा आरोपी
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह लड़की के माता-पिता किसी काम से घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान आरोपी युवक धर्मेंद्र परिहार कथित तौर पर लड़की के घर पहुंचा। आरोप है कि उसने घर में घुसते ही लड़की पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले से बचने के लिए लड़की घर की छत की ओर भागी, लेकिन आरोपी वहां भी पहुंच गया।
परिजनों का आरोप है कि युवक ने लड़की के गले में रस्सी डालकर उसे छत से लटका दिया। कुछ देर बाद वह उसे नीचे पटककर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। गंभीर हालत में घायल लड़की को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताते हुए ग्वालियर रेफर कर दिया।
पुराने विवाद और पंचायत की भी चर्चा
ग्रामीणों के अनुसार आरोपी धर्मेंद्र परिहार का नाम पहले भी लड़की के साथ जोड़ा जाता रहा था। दोनों परिवारों के बीच कुछ समय पहले विवाद भी हुआ था। मामला बढ़ने पर गांव में पंचायत बुलाई गई थी, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया था। पंचायत में आरोपी युवक को भविष्य में किसी भी तरह की हरकत से दूर रहने की चेतावनी दी गई थी।
घटना के बाद गांव में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग इसे पुरानी रंजिश से जोड़ रहे हैं, जबकि कई ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी लड़की से एकतरफा प्रेम करता था और इसी वजह से उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
सड़क जाम कर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन खोड़-सिरसौद मार्ग पर पहुंच गए और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और निष्पक्ष जांच की मांग की।
करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग भी उठी। सूचना मिलने के बाद नायब तहसीलदार शुभम गर्ग और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से चर्चा कर उनकी मांगों का आवेदन लिया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और सड़क पर यातायात बहाल किया गया।
पुलिस के अनुसार मामले में मुख्य आरोपी धर्मेंद्र परिहार और उसके पिता अजब सिंह परिहार को हिरासत में लिया गया है। एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने बताया कि पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही है।


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