मां को बोलेरो से कुचलकर गोद से छीन लिया डेढ़ साल का बच्चा… गोरखपुर में 45 मिनट के अंदर पुलिस ने पलट दी पूरी कहानी



गोरखपुर में बोलेरो सवारों ने मां को टक्कर मारकर बच्चे का अपहरण किया, पुलिस ने 45 मिनट में सुरक्षित बरामद कर चौंकाया


गोरखपुर में सरेआम वारदात से दहला इलाका

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में शनिवार शाम उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक महिला को सड़क पर टक्कर मारकर उसकी गोद से डेढ़ साल के मासूम को छीन लिया गया। इस खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। घटना गगहा थाना क्षेत्र के गजपुर बाजार की है, जहां अचानक हुई इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर और गुस्से का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि यह घटना इतनी तेजी से हुई कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए। महिला दर्द से कराहती रह गई और बदमाश कुछ ही सेकंड में बच्चे को लेकर फरार हो गए।

दवा लेकर लौट रही थी मां, पीछे से आई बोलेरो ने मारी टक्कर

घटना के अनुसार गजपुर बाजार निवासी राम आशीष यादव की पत्नी सुमन अपने डेढ़ साल के बेटे को लेकर दवा लेने बाजार गई थीं। दवा लेकर जब वह वापस घर लौट रही थीं, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही बोलेरो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सुमन सड़क पर गिर पड़ीं। इसी दौरान गाड़ी में सवार बदमाश तुरंत नीचे उतरे और महिला की गोद से बच्चे को उठाकर भाग निकले।

यह पूरी घटना इतनी सुनियोजित लग रही थी कि आसपास मौजूद लोग भी समझ नहीं पाए कि यह हादसा था या पहले से रची गई साजिश।

कुछ ही मिनटों में मचा हड़कंप, गांव में फैली दहशत

जैसे ही बच्चे के अपहरण की खबर फैली, पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। हर कोई इस घटना को लेकर हैरान और गुस्से में था।

महिला की हालत खराब थी और वह लगातार अपने बच्चे के लिए रो रही थी। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम बिना देर किए मौके पर पहुंची।

पुलिस ने दिखाई फुर्ती, CCTV से मिला बड़ा सुराग

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

फुटेज में साफ दिखाई दिया कि बोलेरो किस दिशा में भागी और उसका नंबर भी स्पष्ट नजर आया। यही सुराग पुलिस के लिए सबसे अहम साबित हुआ।

जांच के दौरान पता चला कि बोलेरो सहजनवा क्षेत्र के रहने वाले रिशु पासवान के नाम पर रजिस्टर्ड है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट कर दिया और पूरे इलाके में चेकिंग अभियान शुरू करा दिया गया।

45 मिनट में नाकाबंदी, पुलिस ने घेर लिया वाहन

पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कई स्थानों पर नाकाबंदी कर दी। सौहदौरा चौकी के पास पुलिस और ग्रामीणों की मदद से बोलेरो को घेर लिया गया।

हालांकि इस दौरान वाहन चालक मौके से भागने में सफल रहा, लेकिन पुलिस ने गाड़ी को कब्जे में ले लिया।

जब बोलेरो की तलाशी ली गई तो अंदर से अपहृत बच्चा सुरक्षित हालत में मिल गया। यह खबर मिलते ही पूरे इलाके में राहत की लहर दौड़ गई।

मामूली चोट के साथ सुरक्षित मिला मासूम

बरामदगी के बाद बच्चे को तुरंत मेडिकल जांच के लिए भेजा गया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को हल्की चोट आई है लेकिन वह पूरी तरह सुरक्षित है।

वहीं घायल महिला का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है।

दो संदिग्ध हिरासत में, फरार आरोपी की तलाश जारी

पुलिस ने इस मामले में बोलेरो वाहन को कब्जे में लेकर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे मामले की साजिश का खुलासा हो सके।

पुलिस का मानना है कि यह घटना अचानक नहीं बल्कि सोची-समझी योजना का हिस्सा हो सकती है।

एसपी साउथ ने दिया बयान, हर एंगल से जांच जारी

इस मामले में एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। फरार चालक की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

45 मिनट में पुलिस की कार्रवाई बनी मिसाल

इस पूरी घटना में सबसे खास बात यह रही कि पुलिस ने महज 45 मिनट के भीतर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।

जहां एक ओर यह घटना लोगों को डराने वाली थी, वहीं दूसरी ओर पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने यह दिखा दिया कि समय पर सही कदम उठाए जाएं तो बड़ी से बड़ी वारदात को भी रोका जा सकता है।

गोरखपुर की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि आखिर अपराधी इतने बेखौफ कैसे हो गए हैं, लेकिन साथ ही पुलिस की तत्परता ने लोगों का भरोसा भी मजबूत किया है।

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