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Nana Patekar Death: रात 11 बजे क्यों हुआ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार? बेटे मल्हार ने बताई वजह, नेक कामों पर भी दिया बड़ा बयान



नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार रात 11 बजे क्यों हुआ? बेटे मल्हार ने वजह बताई और पिता के सामाजिक कार्यों पर अपनी बात रखी।

नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने 8 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11 बजे हुए अंतिम संस्कार को लेकर सफाई दी। उन्होंने बताया कि अभिनेता के निधन की खबर सुबह मिली थी, लेकिन गोवा से आने और अन्य परिस्थितियों के कारण समय लग गया। मल्हार ने यह भी कहा कि नाना पाटेकर अपने कामों के जरिए हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेंगे। उन्होंने मानवता के लिए काम करने की पिता की सोच को भी याद किया।

नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार में देरी पर बेटे मल्हार ने क्या कहा?

नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक का माहौल है। अपने दमदार अभिनय और यादगार किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता ने फिल्मों के अलावा सामाजिक कार्यों के जरिए भी लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई थी। 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में उनके निधन की खबर सामने आई। दी गई जानकारी के मुताबिक, गोवा के डोना पाउला स्थित उनके निवास पर कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हुआ।

अभिनेता का अंतिम संस्कार 8 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे किया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने अंतिम संस्कार के दौरान पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में अंतिम संस्कार रात में किए जाने की वजह बताई।

रात में ही क्यों किया गया नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार?

मल्हार पाटेकर से सवाल किया गया कि नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार इतनी रात में क्यों किया गया और इसके लिए अगली सुबह तक इंतजार क्यों नहीं किया गया। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम संस्कार में देरी या दूसरे बॉलीवुड सितारों का इंतजार करने जैसी कोई बात नहीं थी।

मल्हार के मुताबिक, नाना पाटेकर के निधन की घटना सुबह हुई थी और तब तक काफी समय बीत चुका था। उन्होंने बताया कि अभिनेता गोवा में थे, इसलिए उम्मीद थी कि परिवार जल्दी पहुंच जाएगा। हालांकि, कुछ कारणों से आने में समय लग गया।

मल्हार ने कहा कि सुबह ही यह घटना हो गई थी और ऐसे में पार्थिव शरीर को ज्यादा समय तक रखना उचित नहीं समझा गया। इसी वजह से परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला किया। उनके बयान से स्पष्ट हुआ कि अंतिम संस्कार रात में करने के पीछे परिस्थितियां थीं, न कि किसी दूसरे फिल्मी सितारे के आने का इंतजार।

पिता के सामाजिक कार्यों को कैसे आगे बढ़ाएंगे मल्हार पाटेकर?

नाना पाटेकर ने अभिनय के साथ-साथ किसानों की मदद और सामाजिक कार्यों में भी योगदान दिया था। किसानों के लिए फाउंडेशन चलाने और जरूरतमंदों की सहायता करने से जुड़े उनके कामों को लेकर मल्हार से पूछा गया कि पिता के निधन के बाद वह इस विरासत को किस तरह आगे बढ़ाएंगे।

इस सवाल के जवाब में मल्हार ने कहा कि नाना पाटेकर जैसे लोग अपने कामों के कारण कभी पूरी तरह लोगों से दूर नहीं होते। उन्होंने पिता के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके काम उन्हें हमेशा जीवित रखेंगे।

मल्हार ने बताया कि उनके पिता की सोच हमेशा मानवता के नाम पर लोगों को एक साथ लाने और दुनिया को बेहतर बनाने के लिए काम करने की रही। उन्होंने इसी विचार को नाना पाटेकर की सबसे महत्वपूर्ण सीख के रूप में याद किया।

उनके मुताबिक, नाना पाटेकर बार-बार मानवता के लिए एकजुट होकर दुनिया की बेहतरी के लिए काम करने की बात कहते थे। मल्हार ने अपने बयान में पिता के सामाजिक योगदान और उनकी सोच को आगे बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।

नाना पाटेकर की अधूरी फिल्मों का क्या होगा?

नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी कुछ फिल्मों को लेकर भी चर्चा है। दी गई जानकारी के अनुसार, उनकी तीन फिल्मों का काम पूरा नहीं हो सका था। इन फिल्मों को अभिनेता के निधन के बाद रिलीज किए जाने की बात कही गई है।

इनमें पहली फिल्म 'इठा' है, जिसका निर्देशन लक्ष्मण उतेकर ने किया है। इस फिल्म में रणदीप हुड्डा और श्रद्धा कपूर मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की रिलीज तारीख 4 दिसंबर 2026 बताई गई है।

इसके अलावा नाना पाटेकर मैडॉक की हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'शक्ति शालिनी' का भी हिस्सा हैं। इसमें वह एक तांत्रिक की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि अनीत पड्डा भी अहम भूमिका निभाएंगी। इस फिल्म की रिलीज तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

नाना पाटेकर की तीसरी फिल्म 'द कन्फेशन ऑफ मैरी' है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इन फिल्मों को 2027 में रिलीज किया जा सकता है। हालांकि, फिल्मों की रिलीज से जुड़ी अंतिम जानकारी संबंधित घोषणाओं पर निर्भर करेगी।

कौन थी नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म?

नाना पाटेकर के फिल्मी सफर की बात करें तो शाहिद कपूर की फिल्म 'ओ रोमियो' उनके जीवनकाल में रिलीज हुई आखिरी फिल्म बताई गई है। इसके बाद प्राइम वीडियो पर आई फिल्म 'सूबेदार' में वह विशेष कैमियो भूमिका में दिखाई दिए थे। इसे उनकी आखिरी अभिनय प्रस्तुति बताया गया है।

अपने लंबे करियर में नाना पाटेकर ने कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनके अभिनय के साथ-साथ किसानों और जरूरतमंदों की मदद से जुड़े कार्यों को भी उनकी पहचान का अहम हिस्सा माना जाता रहा है।

उनके निधन के बाद बेटे मल्हार का बयान इस बात पर केंद्रित रहा कि किसी व्यक्ति का योगदान केवल उसके जीवन तक सीमित नहीं रहता। नाना पाटेकर की मानवता और सामाजिक सेवा से जुड़ी सोच को याद करते हुए उन्होंने पिता के कामों को उनकी स्थायी विरासत बताया।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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