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तीसरे उम्मीदवार पर सपा ने क्यों साधी चुप्पी? BJP के पत्ते खुलने के बाद अखिलेश यादव लेंगे बड़ा फैसला!



उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव में सपा के तीसरे उम्मीदवार पर सस्पेंस बरकरार है। 6 अक्टूबर को नामांकन के आखिरी दिन फैसला संभव है।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों अपने तय कोटे से एक-एक अतिरिक्त प्रत्याशी उतारने की तैयारी में हैं। ऐसे में चुनाव निर्विरोध होने के बजाय मतदान की स्थिति बन सकती है। सपा ने दो उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि तीसरे प्रत्याशी का नाम 6 अक्टूबर को नामांकन की अंतिम तारीख पर सामने आने की संभावना है।

राज्यसभा चुनाव में बढ़ी सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों ही अपने निर्धारित कोटे से एक अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में उतारने की तैयारी कर रही हैं। अगर ऐसा होता है तो सभी सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की संभावना खत्म हो जाएगी और मतदान कराना पड़ेगा।

समाजवादी पार्टी फिलहाल बीजेपी की रणनीति पर नजर बनाए हुए है। पार्टी नेतृत्व बीजेपी की ओर से उतारे जाने वाले उम्मीदवारों और उनकी संख्या स्पष्ट होने के बाद ही अपने तीसरे प्रत्याशी के नाम की औपचारिक घोषणा करने की तैयारी में है।

6 अक्टूबर को सामने आ सकता है सपा का तीसरा नाम

सपा सूत्रों के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीसरे प्रत्याशी का नाम तय कर लिया है। उम्मीदवार के नामांकन से जुड़ी तैयारी भी पूरी कर ली गई है। हालांकि अभी पार्टी ने इस नाम को सार्वजनिक नहीं किया है।

सपा की ओर से तीसरे प्रत्याशी के नाम का ऐलान नामांकन की अंतिम तारीख यानी मंगलवार, 6 अक्टूबर को किए जाने की सबसे अधिक संभावना बताई जा रही है। हालांकि इससे पहले सोमवार को भी नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

पार्टी नेतृत्व फिलहाल बीजेपी के कदम का इंतजार कर रहा है। बीजेपी के उम्मीदवारों की संख्या और उसकी चुनावी रणनीति सामने आने के बाद सपा अपने तीसरे उम्मीदवार को लेकर अंतिम रूप से स्थिति स्पष्ट करेगी।

रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी पहले ही घोषित

समाजवादी पार्टी राज्यसभा चुनाव के लिए अपने दो प्रत्याशियों के नाम पहले ही घोषित कर चुकी है। इनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव और रिलायंस समूह के कंसल्टेंट धनराज नाथवानी शामिल हैं।

अब पार्टी की नजर तीसरी सीट के लिए अपने उम्मीदवार पर है। सपा सूत्रों के अनुसार इस उम्मीदवार को लेकर पार्टी ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है और फिलहाल बीजेपी के अगले कदम का इंतजार किया जा रहा है।

निर्विरोध चुनाव का रास्ता कैसे बंद होगा?

राज्यसभा चुनाव के मौजूदा समीकरणों के अनुसार अगर समाजवादी पार्टी दो और बीजेपी आठ उम्मीदवारों तक सीमित रहती है तो उत्तर प्रदेश की सभी 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव निर्विरोध हो सकता है।

इसके विपरीत किसी भी पक्ष की ओर से एक अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में उतारे जाने पर मतदान की जरूरत पड़ेगी। यही वजह है कि सपा और बीजेपी दोनों की ओर से अतिरिक्त प्रत्याशी उतारने की संभावित रणनीति ने चुनाव को रोचक बना दिया है।

एक सीट के लिए 36 प्रथम वरीयता मत जरूरी

राज्यसभा चुनाव में एक प्रत्याशी को जीत हासिल करने के लिए 36 प्रथम वरीयता मतों की जरूरत होगी। समाजवादी पार्टी का दावा है कि उसके पास मौजूद विधायकों के मतों को जोड़ने के बाद उसके तीसरे उम्मीदवार को जीत दिलाने के लिए करीब पांच अतिरिक्त मतों की आवश्यकता होगी।

सपा का यह भी दावा है कि इन अतिरिक्त मतों की व्यवस्था के लिए सत्ताधारी गठबंधन के कुछ विधायक उसके संपर्क में हैं। हालांकि खबर में इन विधायकों के नाम या उनकी संख्या का उल्लेख नहीं किया गया है।

6 अक्टूबर है नामांकन की अंतिम तारीख

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है। वहीं उम्मीदवारों के नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित है। ऐसे में मंगलवार तक सभी राजनीतिक दलों को अपने प्रत्याशियों को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

राज्यसभा चुनाव में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य मतदान करते हैं। मौजूदा विधानसभा की संख्या और विधायकों की स्थिति के आधार पर अधिकतम करीब 393-394 वोट पड़ने की संभावना है। इन्हीं मतों के आधार पर राज्यसभा की 10 सीटों के लिए जीत का गणित तय होगा।

बीजेपी के कदम पर टिकी सपा की नजर

सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर पार्टी ने फिलहाल आधिकारिक तौर पर पत्ते नहीं खोले हैं। पार्टी के सूत्रों के अनुसार नाम तय होने के बावजूद घोषणा को बीजेपी की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

अब 6 अक्टूबर की नामांकन प्रक्रिया के दौरान यह साफ होगा कि बीजेपी और सपा कितने उम्मीदवार मैदान में उतारती हैं। अतिरिक्त प्रत्याशी सामने आने की स्थिति में उत्तर प्रदेश की इन 10 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान की तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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