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दिल्ली हॉस्टल हादसा: चार बहनों के इकलौते भाई पवन की मौत, दो महीने पहले ही पढ़ाई के लिए गया था दिल्ली; परिवार में छाया मातम


दिल्ली हॉस्टल हादसे में औरैया के पवन कुमार की मौत, चार बहनों के इकलौते भाई ने 20 जुलाई को DU में दाखिला लिया था।

दिल्ली में हुए हॉस्टल हादसे में औरैया के दिबियापुर निवासी पवन कुमार की मौत हो गई। पवन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और चार बहनों का अकेला भाई था। बेहतर भविष्य के लिए उसने इसी साल 20 जुलाई को दिल्ली विश्वविद्यालय में बीएससी कंप्यूटर साइंस में दाखिला लिया था और करीब दो महीने पहले ही पढ़ाई के लिए दिल्ली गया था। हादसे की पुष्टि के बाद परिवार में मातम छा गया।

दिल्ली हॉस्टल हादसे ने परिवार की खुशियां छीनीं

दिल्ली में हुए हॉस्टल हादसे की खबर ने औरैया के दिबियापुर कस्बे में रहने वाले पवन कुमार के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पवन अपने माता-पिता की इकलौती संतान नहीं था, लेकिन परिवार का इकलौता बेटा जरूर था। उसकी चार बहनें हैं और वह सभी का अकेला भाई था। परिवार ने उसकी पढ़ाई और करियर को लेकर कई उम्मीदें लगा रखी थीं।

पवन ने बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया था। पढ़ाई पूरी कर वह अपने परिवार का नाम रोशन करे, यही परिजनों की इच्छा थी। लेकिन दिल्ली में हुए हादसे ने परिवार के इन सपनों को अचानक खत्म कर दिया।

20 जुलाई को दिल्ली विश्वविद्यालय में लिया था दाखिला

पवन ने दिबियापुर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। आगे की पढ़ाई के लिए उसने इसी साल 20 जुलाई को दिल्ली विश्वविद्यालय में बीएससी कंप्यूटर साइंस में प्रवेश लिया था।

दाखिला लेने के बाद पवन पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली चला गया था। परिवार के लिए यह समय बेटे के भविष्य को लेकर उम्मीदों से भरा था। पवन ने अभी दिल्ली में पढ़ाई शुरू ही की थी और उसे वहां गए करीब दो महीने ही हुए थे।

सोशल मीडिया और फोन कॉल से मिली हादसे की जानकारी

रिश्तेदार नीरज कुमार चक के मुताबिक, रविवार रात हुए हादसे की जानकारी परिवार को सोशल मीडिया और फोन कॉल के माध्यम से मिली। हॉस्टल गिरने की खबर सामने आने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई थी।

शुरुआत में परिवार को यह यकीन नहीं था कि पवन भी हादसे की चपेट में आया हो सकता है। टीवी पर हॉस्टल हादसे से जुड़ी खबरें चल रही थीं, लेकिन देर रात तक पवन के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।

हादसे के बाद प्रशासन ने घटनास्थल को घेर लिया था और लोगों को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। ऐसे में परिवार और रिश्तेदार लगातार पवन के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करते रहे।

मौके पर शिनाख्त के बाद हुई पवन की मौत की पुष्टि

सुबह परिवार के सदस्य और परिचित घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी हुई, जिसमें पवन की पहचान हुई और उसकी मौत की पुष्टि कर दी गई।

पवन की मौत की खबर सामने आते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जिस बेटे के दिल्ली जाने के बाद परिवार उसके भविष्य को लेकर सपने देख रहा था, उसकी मौत की खबर ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया।

चार बहनों का इकलौता भाई था पवन

पवन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। परिवार में उसकी चार बहनें हैं और सभी की अभी शादी नहीं हुई है। पवन सबसे छोटा था और चारों बहनों का इकलौता भाई था।

पवन के पिता विशंभर सिंह होम्योपैथिक विभाग में फार्मासिस्ट रहे हैं और अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। परिवार को पवन की पढ़ाई और उसके करियर से काफी उम्मीदें थीं। दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला मिलने के बाद इन उम्मीदों को और बल मिला था।

पवन के दिल्ली जाने के बाद परिवार को भरोसा था कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करके बेहतर भविष्य बनाएगा। लेकिन हादसे में उसकी मौत की खबर ने परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है।

बहन दिल्ली पहुंची, पिता भी हुए रवाना

हादसे की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली में रहने वाली पवन की बहन भी मौके पर पहुंची। वहां की स्थिति और पवन के बारे में जानकारी मिलने के बाद उसके पिता विशंभर सिंह भी अपनी बेटी के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए।

परिवार के सामने अब बेटे की मौत की सच्चाई को स्वीकार करने का बेहद कठिन समय है। पवन के अचानक चले जाने से परिवार में शोक का माहौल है।

मां को बेटे की मौत की खबर देने से भी डरता रहा परिवार

पवन की मां मीरा देवी मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। इसी वजह से परिवार को चिंता थी कि बेटे की मौत की खबर मिलने पर उनकी तबीयत और बिगड़ सकती है।

परिवार ने इसी चिंता के कारण काफी देर तक मीरा देवी को पवन की मौत की जानकारी नहीं दी। दूसरी ओर, दिबियापुर में हादसे में पवन की मौत की खबर फैलने के साथ ही रिश्तेदारों और परिचितों का उसके घर पहुंचना शुरू हो गया।

कुछ समय पहले तक इस घर में बेटे के दिल्ली जाकर पढ़ाई करने और उसके बेहतर भविष्य की बातें हो रही थीं। अब उसी घर में पवन की मौत के बाद शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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