अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस ने दो शूटरों को एनकाउंटर में मार गिराया, जांच में भोलू शाहपुरिया का नाम सामने आया।
हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड में शामली पुलिस ने 31 अगस्त की सुबह मुठभेड़ में दो कथित शार्प शूटरों को मार गिराया। दोनों की पहचान सोनीपत निवासी मोहित और सुमित के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और उनका संबंध गोगी गैंग से बताया जा रहा है। इस कार्रवाई में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
औद्योगिक इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़
शामली पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त की सुबह करीब 4 बजे सदर कोतवाली क्षेत्र के औद्योगिक इलाके में पुलिस टीमों की बदमाशों से मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में थाना कोतवाली शामली, थाना झिंझाना और स्वाट टीम शामिल थी।
पुलिस का कहना है कि बदमाशों ने टीम पर फायरिंग की। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल शामली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, दोनों शूटरों ने अलग-अलग स्थानों पर पुलिस टीमों पर फायरिंग की और बाइक से भागने का प्रयास किया। उनकी गोलीबारी में स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप घायल हुए हैं। पुलिस की गाड़ी पर भी गोलियां लगी हैं।
एनकाउंटर में मारे गए दोनों शूटरों की पहचान
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों की पहचान मोहित और सुमित के रूप में हुई है। दोनों सोनीपत के रहने वाले बताए गए हैं और अंकित बालियान हत्याकांड में उनकी तलाश की जा रही थी।
करीब 22 वर्षीय मोहित सोनीपत के बईयापुर खुर्द का रहने वाला था। पुलिस के अनुसार उसका मूल निवास जटवाड़ा गांव बताया गया है। पुलिस को उसके खिलाफ हरियाणा में करीब 14 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है।
वहीं, करीब 24 वर्षीय सुमित सोनीपत के कुंडली क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहता था। उसका मूल पता ककरौही गांव बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ हरियाणा में एक मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिली है।
पुलिस दोनों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों का संबंध कुख्यात गोगी गैंग से बताया जा रहा है।
मौके से पिस्टल, कारतूस और नकदी बरामद
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, मौके से दो पिस्टल, 30 बोर के 10 जिंदा और 9 खोखा कारतूस बरामद हुए।
इसके अलावा एक अन्य पिस्टल के साथ 16 जिंदा और 6 खोखा कारतूस भी मिले हैं। पुलिस ने एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, बैग, मोबाइल फोन और 5 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की है।
पुलिस अब बरामद हथियारों, मोबाइल फोन और अन्य सामान को अंकित बालियान हत्याकांड से जोड़कर जांच कर रही है।
26 अगस्त को जिम से निकलते समय हुई थी अंकित की हत्या
हरियाणवी गायक अंकित बालियान की 26 अगस्त की शाम करीब 6:45 बजे शामली के आर्यपुरी इलाके में हत्या कर दी गई थी। बताया गया कि अंकित जिम से बाहर निकले थे, तभी चार हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं।
गोली लगने के बाद अंकित को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। वारदात के बाद से पुलिस हमलावरों और हत्या के पीछे की साजिश से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी थी।
जांच में सामने आया सुपारी का कथित एंगल
अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में अब पुलिस को कथित सुपारी का एंगल सामने आया है। शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक, राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया ने अंकित की हत्या की सुपारी दी थी।
पुलिस के अनुसार, अंकित ने गोगी गैंग के सरगना की दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में हुई हत्या के बाद इस घटना को लेकर एक गाना बनाया था। इस गाने के बोल थे, ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे, जज के आएंगे पसीने…’।
दरअसल, गोगी गैंग के मुखिया जितेंद्र गोगी की 24 सितंबर 2021 को रोहिणी कोर्ट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, इसी गाने को लेकर भोलू शाहपुरिया अंकित से नाराज था।
गाने को लेकर नाराजगी और हत्या की साजिश का दावा
पुलिस जांच के अनुसार, भोलू शाहपुरिया को लगा कि अंकित ने गाना बनाकर गोगी गैंग के मुखिया जितेंद्र गोगी को बदनाम करने की कोशिश की। इसी कथित नाराजगी के बाद अंकित की हत्या की साजिश रचे जाने की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, मोहित और सुमित को कथित तौर पर सुपारी देकर अंकित की हत्या की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस हत्या की साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
सुपारी से लेकर अंकित की लोकेशन तक जांच जारी
दोनों संदिग्ध शूटरों के एनकाउंटर के बाद पुलिस अब अंकित बालियान की हत्या की पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित सुपारी की रकम किसके माध्यम से पहुंची और शूटर्स को अंकित की लोकेशन की जानकारी किसने दी।
इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या की वारदात में शामिल बाकी लोगों की क्या भूमिका थी। एनकाउंटर स्थल से बरामद मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
अंकित बालियान हत्याकांड में दो कथित शूटरों की मौत के बाद जांच आगे बढ़ी है, लेकिन पुलिस के सामने अब हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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