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प्रेग्नेंट इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर को पेड़ से बांधकर जिंदा जलाया, 54 दिन तड़पने के बाद मौत; पुलिस की बड़ी लापरवाही आई सामने!


पंजाब की इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की 54 दिन बाद मौत। चंडीगढ़ से अपहरण कर पेड़ से बांधकर जिंदा जलाया था। पुलिस की लापरवाही से उठे सवाल।

​पंजाब की 28 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की चंडीगढ़ के पीजीआई में 54 दिन तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद मौत हो गई। आरोप है कि दो परिचित युवकों ने चंडीगढ़ से उनका अपहरण कर मोरिंडा के जंगल में उन्हें पेड़ से बांधकर जिंदा जला दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनजीत के करीब सात हफ्ते की गर्भवती होने का बड़ा खुलासा हुआ है। चंडीगढ़ पुलिस ने मां की शिकायत पर हत्या और अपहरण का केस दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

​धोखे से बुलाकर किया अपहरण, फिर पेड़ से बांधकर लगाई आग

​मृतका की मां कांता देवी द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक, 3 जुलाई की देर रात मनजीत को उसके दो परिचितों— शुभी और पिंडा ने चंडीगढ़ के सेक्टर-34 स्थित एक शराब के ठेके के पास मिलने बुलाया था। जब मनजीत वहां पहुंची, तो दोनों उसे जबरन कार में डालकर मोरिंडा ले गए। वहां जंगल में एक शहतूत के पेड़ से बांधकर आरोपियों ने उसे आग के हवाले कर दिया। घटना के तुरंत बाद मनजीत का एक परिचित मौके पर पहुंचा, जिसने कंबल डालकर आग बुझाई और उसे मोरिंडा के स्थानीय अस्पताल ले गया।

​54 दिन अस्पताल में तड़पती रही मनजीत

​मोरिंडा में प्राथमिक उपचार के बाद मनजीत को मोहाली के मैक्स अस्पताल और फिर 9 जुलाई को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। इस खौफनाक वारदात में मनजीत बुरी तरह झुलस गई थी और कई हफ्तों तक बेहोश रही। 5 अगस्त को जब उसे थोड़ा होश आया, तो उसने अपने परिवार को पूरी आपबीती बताई। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती गई और 26 अगस्त को उसने दम तोड़ दिया। पीजीआई में हुए पोस्टमार्टम में पता चला कि मौत के वक्त वह सात सप्ताह की प्रेग्नेंट थी।

​पुलिस सीमा विवाद में उलझी, नहीं दर्ज हो सका आखिरी बयान

​इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस हफ्तों तक सीमा (अधिकार क्षेत्र) के विवाद में उलझी रहीं। मोहाली के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस ने स्पष्ट किया कि अपहरण सेक्टर-34 से हुआ था, इसलिए यह चंडीगढ़ पुलिस का मामला है।

​सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि जब मनजीत होश में थी और बयान देना चाहती थी, तब पीजीआई द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद खरड़ पुलिस का कोई भी कर्मी उसका बयान दर्ज करने नहीं पहुंचा। अब मनजीत की मौत के साथ ही घटना के प्रत्यक्ष सुबूत हमेशा के लिए मिट गए हैं। अंततः पुलिस ने उसकी मां कांता देवी के बयान पर एफआईआर दर्ज की है।

​सोशल मीडिया विवाद की हो रही जांच, आरोपी फरार

​मनजीत कौर तलाकशुदा थी। उसका एक 7 साल का बेटा है, जो अपने पिता के पास रहता है। मायके में उसकी मां और 11 साल का एक छोटा भाई है। चंडीगढ़ पुलिस अब इस हत्याकांड की कई एंगल से जांच कर रही है।

​चंडीगढ़ पुलिस के साइबर सेल ने मनजीत की सोशल मीडिया गतिविधियों, डिजिटल रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी विवाद की बात भी सामने आई है, जिसे इस हमले से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल, पुलिस ने मुख्य आरोपी शुभी और पिंडा के खिलाफ साजिश रचने, अपहरण और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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