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पिता ने जीता था ब्रॉन्ज, अब बेटे ने किया कमाल! अजाया बाबू ने CWG 2026 में भारत को दिलाया सिल्वर मेडल


कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अजाया बाबू ने 79kg कैटेगरी में 330 किलो वजन उठाकर सिल्वर जीता। जानें आंध्र प्रदेश के इस लाल की कहानी।

​भारत के 22 वर्षीय युवा वेटलिफ्टर अजाया बाबू ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। पुरुषों के 79 किलोग्राम भारवर्ग में उन्होंने कुल 330 किलो वजन उठाकर देश का मान बढ़ाया है। दिलचस्प बात यह है कि अजाया के पिता ने भी 2010 के कॉमनवेल्थ खेलों में कांस्य पदक (ब्रॉन्ज) जीता था, जिसे अब बेटे ने सिल्वर में तब्दील कर दिया है। अजाया आंध्र प्रदेश के उस इलाके से ताल्लुक रखते हैं, जिसे वेटलिफ्टरों की खदान माना जाता है।

स्नैच और क्लीन एंड जर्क में दिखाया दम

​ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में अजाया बाबू वलूरी ने अपनी ताकत का शानदार मुजाहिरा किया। 79 किलोग्राम कैटेगरी में उतरते हुए इस 22 साल के एथलीट ने स्नैच राउंड में 149 किलो और क्लीन एंड जर्क में 181 किलो का भार उठाया। इस तरह कुल 330 किलोग्राम वजन के साथ उन्होंने रजत पदक पर अपना कब्जा जमाया।

पिता से मिली विरासत, ब्रॉन्ज को दिया सिल्वर का रूप

​अजाया बाबू के लिए वेटलिफ्टिंग सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि उनके खून में रची-बसी एक पारिवारिक विरासत है। उनके पिता वलूरी श्रीनिवास राव खुद एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के वेटलिफ्टर रहे हैं। साल 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले श्रीनिवास राव ने ही 2015 में अपने बेटे अजाया को इस खेल का पहला पाठ पढ़ाया था। अब 2026 में अजाया ने अपने पिता के उस ब्रॉन्ज मेडल वाले रिकॉर्ड को अपग्रेड करते हुए सिल्वर मेडल में बदल दिया है।

वेटलिफ्टरों की खान है अजाया का गांव

​22 नवंबर 2004 को जन्मे अजाया बाबू आंध्र प्रदेश के विजयानगरम जिले के कोंडावेलागडा गांव के रहने वाले हैं। उत्तरी आंध्र प्रदेश का यह क्षेत्र, जिसमें गोडालम, कोंडावेलागडा और अमाडालावालासा जैसे गांव शामिल हैं, वेटलिफ्टरों की नर्सरी के रूप में जाना जाता है। अकेले अजाया के गांव कोंडावेलागडा ने अब तक 33 वेटलिफ्टर दिए हैं। इनमें से 22 खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर और 13 ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

खेलो इंडिया से शुरू हुआ कामयाबी का सफर

​अजाया बाबू के पेशेवर करियर की अहम शुरुआत साल 2023 के 'खेलो इंडिया गेम्स' से हुई थी। वहां उन्होंने अपनी कैटेगरी में नेशनल रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता, जिसके दम पर उन्हें भारतीय टीम में एंट्री मिली। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा:

  • 2024: कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप के जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल जीता। इसी साल एशियन यूथ एंड जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी सिल्वर मेडल हासिल किया।
  • 2025: अहमदाबाद में आयोजित कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में अजाया ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 335 किलो वजन उठाया। इस चैंपियनशिप रिकॉर्ड के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल जीता और यहीं से उन्होंने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का टिकट पक्का किया था।

साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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