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‘मां-बाप और बहन को मार डाला, फिर दोस्त भी बना दुश्मन’… प्रयागराज के चौहरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा


प्रयागराज चौहरे हत्याकांड में बेटे ने दोस्त संग मां-बाप और बहन की हत्या की, फिर लूट के बंटवारे में खुद भी मारा गया।

प्रयागराज के साउथ मलाका इलाके में हुए सनसनीखेज चौहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि कर्ज में डूबे बेटे अभिषेक वैश्य ने अपने साथी सनी गुप्ता के साथ मिलकर माता-पिता और बहन की हत्या की थी। वारदात के बाद डेढ़ करोड़ के जेवरात के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद सनी ने अभिषेक को भी मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड और लूटे गए जेवरात बरामद किए हैं।

कर्ज और पारिवारिक विवाद ने रची खूनी साजिश

प्रयागराज के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित साउथ मलाका इलाके में मंगलवार को एक बंद घर से एक ही परिवार के चार लोगों की लाशें मिलने से हड़कंप मच गया था। पुलिस ने घर और दुकान का ताला तोड़कर जब अंदर प्रवेश किया तो अलग-अलग कमरों में शव पड़े मिले। मृतकों की पहचान 70 वर्षीय वीरेंद्र वैश्य, उनकी पत्नी 65 वर्षीय अनिता वैश्य, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक वैश्य के रूप में हुई थी।

पुलिस जांच में सामने आया कि अभिषेक भारी कर्ज में डूबा हुआ था। परिवार में पैसों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि पिता वीरेंद्र वैश्य ने अभिषेक को संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। आर्थिक तंगी और पारिवारिक तनाव के बीच अभिषेक ने अपने पूरे परिवार को खत्म करने की साजिश रच डाली।

इस साजिश में उसने अपने परिचित सनी गुप्ता को शामिल किया। सनी उसी मकान के नीचे समोसे की दुकान चलाता था और दोनों के बीच अच्छी दोस्ती थी। पुलिस के मुताबिक 31 मई को दोनों ने साथ बैठकर शराब पी और देर शाम वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई।

पहले बहन की हत्या, फिर मां-बाप को उतारा मौत के घाट

पुलिस के अनुसार, सबसे पहले मीनाक्षी को निशाना बनाया गया। वह शाम के समय दुकान खोलने के लिए नीचे आ रही थी, तभी सीढ़ियों पर अभिषेक और सनी ने लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों शव को ऊपर कमरे में ले गए ताकि किसी को शक न हो।

मीनाक्षी की हत्या के बाद दोनों दूसरे कमरे में पहुंचे जहां वीरेंद्र वैश्य और उनकी पत्नी अनिता सो रहे थे। आरोपियों ने सोते समय दोनों पर हमला कर उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया। पुलिस का कहना है कि तीनों हत्याएं बेहद बेरहमी से की गईं और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी समेट ली। शुरुआती जांच में लूटे गए जेवरों की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे मुख्य मकसद लूट और संपत्ति पर कब्जा था।

‘जो अपने मां-बाप का नहीं हुआ…’ फिर दोस्त की भी कर दी हत्या

तीन हत्याओं के बाद अभिषेक और सनी नीचे दुकान में पहुंचे जहां लूट के सामान के बंटवारे को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। पुलिस पूछताछ में सनी ने बताया कि अभिषेक उसे पूरा हिस्सा देने से मुकर रहा था। इसी दौरान सनी के मन में शक पैदा हुआ कि जो व्यक्ति अपने मां-बाप और बहन का नहीं हुआ, वह उसका भी नहीं हो सकता।

इसके बाद सनी ने मौका देखकर लोहे की रॉड से अभिषेक पर हमला कर दिया और उसकी भी हत्या कर दी। इस तरह परिवार के तीन लोगों की हत्या करने वाला अभिषेक खुद अपने साथी के हाथों मारा गया।

पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद सनी ने पूरे घर में मौजूद सबूत मिटाने की कोशिश की। उसने तेजाब डालकर खून के निशान साफ किए और पुलिस को गुमराह करने के लिए दीवार पर भ्रामक बातें भी लिख दीं ताकि जांच दूसरी दिशा में चली जाए।

हालांकि फोरेंसिक जांच, कॉल डिटेल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस को जल्द ही सनी पर शक हो गया। इसके बाद पुलिस ने मुट्ठीगंज इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में सनी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके कब्जे से करीब 1002 ग्राम सोने के जेवर, 360 ग्राम चांदी और नकदी बरामद की गई है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड भी बरामद कर ली है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, लेकिन लालच और पैसों की चाहत ने उसे चार हत्याओं का आरोपी बना दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने लापरवाही बरतने पर साउथ मलाका चौकी इंचार्ज रोहित गौड़ और कोतवाली के एसएसआई मुलायम सिंह यादव को निलंबित कर दिया है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हत्या की साजिश कब से रची जा रही थी और इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

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