अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में 8 आरोपियों के घर पुलिस की छापेमारी, सबूत जुटाने की कार्रवाई तेज। पूरी अपडेट पढ़ें।
सुबह-सुबह 6 पुलिस टीमों ने एक साथ दी दबिश, परिजनों और पड़ोसियों से की पूछताछ
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब और तेज हो गई है। रविवार सुबह उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। पुलिस ने घरों की तलाशी लेने के साथ परिजनों और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि चोरी से जुड़ी कोई संपत्ति, दस्तावेज या अन्य महत्वपूर्ण सबूत आरोपियों के घरों से मिल सकते हैं।
टिन्नू यादव समेत सभी आरोपियों के घरों की हुई तलाशी
जानकारी के अनुसार पुलिस की छह टीमों ने सुबह करीब सात बजे अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। जांच के दायरे में मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा सहित सभी आठ आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने उनके परिजनों के बयान दर्ज किए और घरों में मौजूद संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की। टिन्नू यादव के घर पर कार्रवाई के दौरान ताला लगा मिला। छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि जांच में किसी तरह की बाधा न आए।
FIR के बाद गिरफ्तार हुए आरोपी, ट्रस्ट में इस्तीफों पर भी नजर
इस मामले में 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने टिन्नू यादव समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। अगले दिन अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। पुलिस का मानना है कि चोरी से जुड़ी रकम या अन्य साक्ष्य आरोपियों के घरों से बरामद हो सकते हैं, इसलिए जांच लगातार आगे बढ़ाई जा रही है।
उधर, इस पूरे विवाद के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि भी ट्रस्ट की ओर से की गई है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने बताया कि दोनों के त्यागपत्र प्राप्त हो चुके हैं, जिन पर 11 जुलाई को होने वाली बैठक में विचार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया कि मंदिर में चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषण और अन्य मूल्यवान चढ़ावे पूरी तरह सुरक्षित हैं।
गौरतलब है कि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला 7 जून को सामने आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी, जिसके आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। अब पुलिस आरोपियों से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
सोर्स: मीडिया रिपोर्ट्स


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