यूपी में स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड, प्रीपेड सिस्टम खत्म, हर महीने बिल और बकाया 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है और राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रीपेड सिस्टम को समाप्त कर दिया है, जिसके बाद अब सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को पोस्टपेड व्यवस्था के तहत हर महीने बिल मिलेगा, साथ ही बकाया बिल को 10 आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा भी दी गई है, जिससे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है और बिलिंग प्रक्रिया पहले की तरह सरल व पारदर्शी हो जाएगी
प्रीपेड सिस्टम खत्म, अब पोस्टपेड की तरह हर महीने आएगा बिल
राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होने जा रहा है क्योंकि अब तक लागू प्रीपेड सिस्टम में उपभोक्ताओं को पहले रिचार्ज कर बिजली का उपयोग करना पड़ता था, जिससे कई बार अचानक बिजली कटने की समस्या सामने आती थी, लेकिन अब नई व्यवस्था के तहत यह पूरी तरह समाप्त कर दी गई है और बिलिंग प्रक्रिया को पोस्टपेड मीटर की तरह कर दिया गया है
नई व्यवस्था के अनुसार उपभोक्ताओं की बिजली खपत का हिसाब हर महीने की 1 तारीख से लेकर महीने के अंतिम दिन तक किया जाएगा और अगले महीने की शुरुआत में उपभोक्ताओं को उनका बिल एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दिया जाएगा, जिससे उन्हें समय पर बिल की जानकारी मिल सकेगी और भुगतान की योजना बनाना आसान होगा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिलिंग साइकिल पूरी तरह पुराने पोस्टपेड सिस्टम के अनुरूप रहेगा, जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे आसानी से अपनी बिजली खपत और भुगतान को समझ सकेंगे
बकाया बिल पर बड़ी राहत, 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनके ऊपर बिजली बिल का बकाया है क्योंकि सरकार ने उन्हें राहत देते हुए यह सुविधा दी है कि वे अपने बकाया बिल को एक साथ जमा करने के बजाय 10 किस्तों में आसानी से चुका सकते हैं
यह व्यवस्था विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आई है जो आर्थिक कारणों से एकमुश्त भुगतान करने में सक्षम नहीं थे और अक्सर उनके कनेक्शन कटने का खतरा बना रहता था, लेकिन अब वे किस्तों में भुगतान करके बिना किसी अतिरिक्त दबाव के अपनी देनदारी पूरी कर सकेंगे
इसके साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक निर्धारित तिथि तक जो भी बकाया बिल होगा, उसे किस्तों में विभाजित कर दिया जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को राहत के साथ-साथ भुगतान में लचीलापन भी मिलेगा
बिलिंग, शिकायत और सुविधा सिस्टम में बड़ा बदलाव
नई व्यवस्था के तहत सरकार ने बिलिंग प्रक्रिया को और अधिक डिजिटल और उपभोक्ता-हितैषी बनाने पर जोर दिया है, जिसके तहत हर उपभोक्ता को महीने की 10 तारीख तक उसका बिल भेज दिया जाएगा और बिल प्राप्त होने के बाद भुगतान के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा
यदि किसी उपभोक्ता को समय पर बिल प्राप्त नहीं होता है, तो वह व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से अपनी संयोजन संख्या दर्ज कर अपना बिल प्राप्त कर सकता है, इसके अलावा 1912 पोर्टल के जरिए भी उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और बकाया या वर्तमान बिल की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं
सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि जिन उपभोक्ताओं के यहां पहले पोस्टपेड से प्रीपेड मीटर लगाए गए थे और उनकी सिक्योरिटी राशि वापस कर दी गई थी, उनसे अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने पर सिक्योरिटी राशि एक साथ नहीं बल्कि चार किस्तों में ली जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े
इसके अलावा मई और जून महीने में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां स्मार्ट मीटर से जुड़े बिलिंग और अन्य शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और सिस्टम को लेकर उनका भरोसा मजबूत हो सके
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कटौती न हो और सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए, साथ ही ट्रांसफॉर्मर खराब होने की स्थिति में उन्हें तुरंत बदला जाए ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की असुविधा न हो
यह फैसला राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल बिलिंग प्रक्रिया आसान होगी बल्कि उपभोक्ताओं को समय, पारदर्शिता और भुगतान की सुविधा का भी पूरा लाभ मिल सकेगा


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