बुलंदशहर जिम ट्रिपल मर्डर केस में आरोपी बॉडीबिल्डर जीतू सैनी एनकाउंटर में ढेर, बर्थडे पार्टी में 3 दोस्तों की हत्या से सनसनी
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में जिम के अंदर बर्थडे पार्टी के दौरान मामूली मजाक पर तीन दोस्तों की गोली मारकर हत्या करने वाला आरोपी और बॉडीबिल्डर जीतू सैनी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया, जिसने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग की थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और अस्पताल में उसकी मौत हो गई, इस सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में दहशत और बहस दोनों को जन्म दे दिया है
बर्थडे पार्टी से शुरू हुआ खून का खेल
बुलंदशहर जिले के खुर्जा थाना क्षेत्र स्थित एक जिम में 25 अप्रैल की रात जो माहौल जश्न का था, वह कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गया, जानकारी के अनुसार जिम में जीतू सैनी का जन्मदिन मनाया जा रहा था, जहां उसके करीबी दोस्त मौजूद थे और केक काटने के बाद माहौल हल्का-फुल्का मजाक वाला हो गया
इसी दौरान उसके दोस्त अमरदीप ने हंसी-मजाक में जीतू के चेहरे पर केक लगा दिया, जो आमतौर पर बर्थडे सेलिब्रेशन का हिस्सा माना जाता है, लेकिन यही मजाक जीतू को इतना नागवार गुजरा कि उसने गुस्से में अपना आपा खो दिया और देखते ही देखते उसने हथियार निकाल लिया
जिम के अंदर चली गोलियां, तीन की मौके पर मौत
मामूली बात पर भड़के जीतू ने बिना किसी चेतावनी के अपने ही दोस्तों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिससे जिम के अंदर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए भागने लगे, लेकिन गोलीबारी इतनी अचानक और तेज थी कि तीन लोग वहीं गिर पड़े
इस घटना में अमरदीप (32), आकाश (19) और मनीष (30) को कई गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई, यह घटना इतनी भयावह थी कि जिम के अंदर खून ही खून फैल गया और वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए
CCTV सबूत मिटाने की कोशिश, आरोपी फरार
हत्या की इस वारदात को अंजाम देने के बाद जीतू सैनी ने एक और चाल चली, उसने जिम में लगे CCTV कैमरों का DVR निकाल लिया ताकि उसके खिलाफ सबूत न बचें, इसके बाद वह मौके से फरार हो गया और पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को सील कर दिया गया, तीन-तीन हत्याओं ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया और मामला तेजी से राज्यभर में चर्चा का विषय बन गया
पुलिस की कई टीमें, लगातार तलाश
इस ट्रिपल मर्डर केस के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश में कई टीमें गठित कीं, आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया और हर संभावित ठिकाने पर दबिश दी गई, लेकिन कई दिनों तक जीतू का कोई सुराग नहीं मिला
पुलिस लगातार तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के जरिए उसकी लोकेशन ट्रैक करने की कोशिश कर रही थी, इसी दौरान उसे पकड़ने के लिए रणनीति बनाई गई
सुबह 5 बजे घेराबंदी, फिर हुआ एनकाउंटर
गुरुवार सुबह करीब 5 बजे पुलिस को सूचना मिली कि जीतू सैनी एक स्कूटी पर कहीं जा रहा है, पुलिस टीम ने तुरंत उसे घेर लिया और रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसे तीन गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया, इसके बाद उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया
बॉडीबिल्डिंग में नाम, सोशल मीडिया पर एक्टिव
जीतू सैनी कोई आम अपराधी नहीं था, वह बॉडीबिल्डिंग की दुनिया में भी जाना-पहचाना नाम था और कुछ साल पहले मिस्टर यूपी प्रतियोगिता में सेकेंड रनर-अप रह चुका था, उसकी जिम लाइफस्टाइल और बॉडीबिल्डिंग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय थीं
वह इंस्टाग्राम पर भी काफी एक्टिव रहता था और उसके 4000 से ज्यादा फॉलोअर्स थे, जहां वह अपनी फिटनेस और जिम से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करता था
राजनीति से भी जुड़ा रहा आरोपी
जानकारी के अनुसार जीतू सैनी का राजनीतिक कनेक्शन भी रहा है और वह साल 2017 में बसपा का नगर अध्यक्ष रह चुका था, जिससे उसकी पहचान और पहुंच दोनों काफी मजबूत मानी जाती थी
इस वजह से भी यह मामला और ज्यादा चर्चाओं में आ गया कि एक पूर्व राजनीतिक पदाधिकारी और फिटनेस आइकन इस तरह की जघन्य वारदात में शामिल कैसे हो गया
पीड़ित परिवार को मिला ‘संतोष’, आरोपी परिवार ने उठाए सवाल
इस पूरे मामले में जहां मृतकों के परिवारों में गहरा दुख और आक्रोश है, वहीं आरोपी के एनकाउंटर के बाद पीड़ित परिवारों ने राहत की सांस ली है, खासकर अमरदीप की पत्नी और बहनों ने इस कार्रवाई को न्याय बताया है
दूसरी तरफ जीतू सैनी के परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और न्याय व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि उसे जिंदा पकड़कर कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा दी जानी चाहिए थी
एनकाउंटर पर उठी बहस
इस पूरे घटनाक्रम के बाद इलाके में और सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है, एक वर्ग इसे कानून व्यवस्था की मजबूती और त्वरित न्याय बता रहा है, तो वहीं दूसरा वर्ग इसे पुलिस की सख्त कार्रवाई और सिस्टम के दुरुपयोग के तौर पर देख रहा है
तीन निर्दोष लोगों की हत्या और उसके बाद आरोपी की एनकाउंटर में मौत ने एक बार फिर कानून, न्याय और पुलिस कार्रवाई के तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि सामाजिक और प्रशासनिक बहस का केंद्र बन गया है


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