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UP Heatwave News: आग की भट्टी बना बांदा! 48.2°C पार पहुंचा तापमान, 2 दिन रेड अलर्ट… डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिये सख्त निर्देश


UP में भीषण गर्मी का कहर, बांदा में 48.2°C तापमान रिकॉर्ड। 2 दिन रेड अलर्ट, लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर।

उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और खतरनाक लू की चपेट में है। बुंदेलखंड के बांदा जिले ने मंगलवार को ऐसा तापमान दर्ज किया जिसने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। बांदा में पारा 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके बाद पूरा प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है जबकि स्वास्थ्य विभाग को लू और गर्मी से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को हाई अलर्ट पर रहने के आदेश दिए हैं। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री से ऊपर पहुंच चुका है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।

बांदा बना उत्तर प्रदेश का सबसे गर्म जिला, 48.2 डिग्री ने बढ़ाई चिंता

उत्तर प्रदेश में मई की गर्मी इस बार लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। बुंदेलखंड क्षेत्र का बांदा जिला पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार को यहां अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने लोगों की हालत खराब कर दी। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आईं और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए। तेज धूप और झुलसा देने वाली हवाओं ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में ‘सीवियर हीटवेव’ यानी अत्यधिक भीषण लू की स्थिति बनी हुई है। बांदा के अलावा झांसी, हमीरपुर, कानपुर, आगरा और प्रयागराज जैसे जिलों में भी तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेज गर्मी स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है, खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए।

प्रदेश में लगातार बढ़ते तापमान ने बिजली और पानी की मांग भी बढ़ा दी है। कई इलाकों में बिजली कटौती और पानी की कमी की शिकायतें सामने आने लगी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और ज्यादा कठिन बताए जा रहे हैं, जहां लोग गर्म हवाओं और जल संकट दोनों से जूझ रहे हैं।

झांसी से प्रयागराज तक तपिश का हमला, कई जिलों में 45 पार पहुंचा पारा

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज में अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से करीब 4.5 डिग्री अधिक रहा। झांसी और आगरा में पारा 46.5 डिग्री तक पहुंच गया। जालौन में 45.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया जबकि कानपुर एयरफोर्स स्टेशन पर 44.8 डिग्री और शहर में 44 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

मेरठ में 43.6 डिग्री और अलीगढ़ में 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। चुरक में 43.2 डिग्री, फुरसतगंज में 42.1 डिग्री और हरदोई में 42 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वाराणसी बीएचयू और फतेहगढ़ में 42.4 डिग्री सेल्सियस पारा पहुंच गया जबकि शाहजहांपुर में 41.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।

राजधानी लखनऊ भी गर्मी की चपेट से बच नहीं सकी। यहां अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में गर्मी का असर और तेज हो सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गर्म रातें यानी ‘वॉर्म नाइट्स’ भी दर्ज की जाएंगी, जिसमें रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार जब रात का तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहता है तो शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिल पाता, जिससे हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा और बढ़ जाता है।

रेड अलर्ट के बाद सरकार अलर्ट मोड में, अस्पतालों को दिए गए खास निर्देश

प्रदेश में लू और गर्मी से बिगड़ते हालात को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने साफ कहा है कि गर्मी और लू की वजह से अचानक बीमार होने वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयों, ORS, बेड और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय रखने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। डॉक्टरों का कहना है कि लू लगने की स्थिति में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है, जिससे बेहोशी, उल्टी, चक्कर और कई बार मौत तक हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि लोग दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।

विशेषज्ञों ने कहा कि लगातार पानी पीना बेहद जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ सकती है। लोगों को नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ORS जैसे पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और सिर को कपड़े या टोपी से ढककर रखने की सलाह भी दी गई है।

किसानों और मजदूरों पर सबसे ज्यादा असर, दोपहर में काम रोकने की सलाह

भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर खेतों में काम करने वाले किसानों और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों पर पड़ रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दिन में काम करना मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने किसानों और मजदूरों से अपील की है कि वे दोपहर के समय खुले में काम करने से बचें।

ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह लोग पेड़ों की छांव और सार्वजनिक स्थानों पर राहत तलाशते नजर आए। बाजारों में दोपहर के समय सन्नाटा छा गया जबकि शाम के बाद ही लोगों की आवाजाही बढ़ी।

मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल गर्मी से राहत के कोई संकेत नहीं हैं। अगले कुछ दिनों तक तापमान इसी स्तर पर बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

लू से बचने के लिए क्या करें

डॉक्टरों और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिना जरूरत धूप में बाहर न निकलें। बाहर निकलते समय सिर ढककर रखें और शरीर को पूरी तरह हाइड्रेटेड रखें। खाली पेट बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन खाने से भी बचने की सलाह दी गई है।

यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी या सांस लेने में परेशानी महसूस हो तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि लापरवाही गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।

प्रदेश में गर्मी का यह कहर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा। मौसम विभाग की चेतावनी और लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले कुछ दिन उत्तर प्रदेश के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।

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