भोपाल ट्विशा शर्मा मौत केस में भाभी राशि शर्मा ने कोर्ट में धमकियों, पुलिस ढिलाई और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए।
भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब नया मोड़ आ गया है। ट्विशा की भाभी राशि शर्मा ने सामने आकर दावा किया है कि परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं, कोर्ट परिसर में धक्का-मुक्की की गई और खुलेआम कहा गया कि “30 लोग बुलाकर पिटवा दूंगा।” राशि ने ससुराल पक्ष पर ट्विशा को बदनाम करने, सबूतों से छेड़छाड़ करने और प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट में नशे की बात खारिज होने के बावजूद ट्विशा को मानसिक रोगी और ड्रग एडिक्ट साबित करने की कोशिश की जा रही है। परिवार अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में SIT जांच की मांग कर रहा है।
जमानत खारिज होते ही बदला पूरा माहौल
ट्विशा शर्मा मौत मामले में परिवार की ओर से लगातार कई गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच ट्विशा की भाभी राशि शर्मा का बयान सामने आने के बाद मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया है। राशि ने आरोप लगाया कि जिस परिवार ने सात दिनों तक न तो ट्विशा के लिए संवेदना जताई और न ही न्याय की मांग की, वही लोग अब अचानक मीडिया में बयान देकर खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
राशि का कहना है कि जैसे ही समर्थ सिंह की जमानत याचिका खारिज हुई, उसके बाद से पूरे मामले की दिशा बदलने की कोशिश शुरू हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मृत महिला को बदनाम करने का अभियान चलाया जा रहा है ताकि असली सवालों से ध्यान हटाया जा सके। उनके मुताबिक, जब कोई परिवार अपनी बहू की मौत के तुरंत बाद उसके चरित्र, मानसिक स्थिति और निजी जीवन को निशाना बनाना शुरू कर दे, तो इससे यह समझना मुश्किल नहीं कि जिंदा रहते हुए उसके साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा।
राशि ने कहा कि ट्विशा लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना झेल रही थीं। उन्होंने कई बार परिवार के लोगों से अपनी परेशानियां साझा की थीं। घर के अंदर होने वाली घटनाओं का जिक्र उन्होंने मैसेज और बातचीत में भी किया था। अब वही बातें सच साबित होती दिखाई दे रही हैं।
‘ड्रग्स लेने’ के दावे पर फोरेंसिक रिपोर्ट ने पलटा पूरा मामला
मामले में सबसे बड़ा विवाद उस समय खड़ा हुआ जब ट्विशा को नशे का आदी बताए जाने की बातें सामने आने लगीं। राशि शर्मा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फोरेंसिक रिपोर्ट में साफ तौर पर यह सामने आ चुका है कि ट्विशा के शरीर में किसी भी प्रकार का नशीला पदार्थ नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद लगातार ड्रग्स और मानसिक बीमारी की बातें फैलाना बेहद शर्मनाक है। राशि का आरोप है कि यह सब केवल इसलिए किया जा रहा है ताकि लोगों का ध्यान मौत के असली कारणों से हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि अगर किसी महिला को लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जाए और बाद में उसकी मौत के बाद उसी पर आरोप मढ़ दिए जाएं, तो यह सिर्फ संवेदनहीनता नहीं बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है।
राशि ने यह भी कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को हथियार बनाकर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ट्विशा वास्तव में मानसिक रूप से बीमार थीं, तो परिवार ने कभी इलाज, मेडिकल रिकॉर्ड या सार्वजनिक चिंता क्यों नहीं दिखाई। अब मौत के बाद अचानक ऐसे दावे सामने आना कई संदेह पैदा करता है।
कोर्ट परिसर में धमकी, धक्का-मुक्की और पुलिस पर गंभीर सवाल
राशि शर्मा ने दावा किया कि ट्विशा के परिवार को लगातार डराने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट परिसर में ट्विशा के भाई के साथ धक्का-मुक्की की गई, उनका फोन फेंका गया और खुलेआम धमकी दी गई कि “30 लोग बुलाकर पिटवा दूंगा, तू जानता नहीं मैं कौन हूं।”
राशि ने कहा कि अगर कोर्ट परिसर जैसा संवेदनशील स्थान भी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक कहां जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भी इस पूरे मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही। परिवार की FIR दर्ज करने में तीन दिन की देरी हुई, जबकि मामला बेहद गंभीर था।
उन्होंने सवाल उठाया कि मेडिकल-लीगल केस होने के बावजूद अब तक समर्थ सिंह से कस्टोडियल पूछताछ क्यों नहीं की गई। राशि के मुताबिक, FIR में कई ऐसे तथ्य हैं जो सीधे तौर पर समर्थ सिंह की भूमिका पर सवाल खड़े करते हैं। इसके बावजूद जांच की रफ्तार बेहद धीमी दिखाई दे रही है।
‘रसूख और सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है’
राशि शर्मा ने आरोप लगाया कि इस मामले में प्रभाव और रसूख का इस्तेमाल साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि जब परिवार का संबंध न्याय व्यवस्था से रहा हो, बेटा क्रिमिनल लॉयर हो और मां पूर्व जज रही हों, तब कई चीजें सामान्य तरीके से आगे बढ़ती नजर नहीं आतीं।
उन्होंने दावा किया कि जांच के दौरान कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया गया। राशि ने सीसीटीवी फुटेज का जिक्र करते हुए कहा कि जिस समय CPR देने का दावा किया जा रहा था, उस दौरान वीडियो में लोग सामान्य तरीके से घूमते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर पुलिस और एम्बुलेंस को तुरंत कॉल क्यों नहीं किया गया।
राशि ने कहा कि परिवार अब हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में SIT जांच की मांग करेगा ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर जांच से परिवार का भरोसा उठता जा रहा है।
‘घर वापस आना चाहती थीं ट्विशा’
राशि शर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि ट्विशा अब उस माहौल से बाहर निकलना चाहती थीं। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा ने खुद फोन कर टिकट बुक कराने और पैसे भेजने की बात कही थी। परिवार ने टिकट तक बुक करा दिए थे, लेकिन बाद में वे टिकट कैंसिल करवा दिए गए।
राशि के मुताबिक, ट्विशा लगातार अपमान और मानसिक दबाव का सामना कर रही थीं। नौकरी जाने के बाद समर्थ सिंह का व्यवहार काफी बदल गया था। वे छोटी-छोटी बातों पर गाली देते थे, अपमानित करते थे और मानसिक रूप से परेशान करते थे।
उन्होंने कहा कि ट्विशा ने कई बार संकेत दिए थे कि वह खुश नहीं हैं और वापस घर आना चाहती हैं। परिवार ने इसे गंभीरता से लिया था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला इतनी दुखद स्थिति तक पहुंच जाएगा।
मुख्यमंत्री से मिलने का समय तक नहीं मिला
राशि शर्मा ने सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार सिर्फ मुख्यमंत्री से पांच मिनट का समय चाहता था ताकि अपनी बात रख सके, लेकिन उन्हें वह भी नहीं मिला। परिवार को हर स्तर पर निराशा हाथ लगी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का रवैया सहयोगात्मक नहीं है और परिवार को लगातार मानसिक दबाव में रखा जा रहा है। राशि का कहना है कि उन्हें अब सरकार और सिस्टम से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं बची, लेकिन वे न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि अगर निष्पक्ष जांच हुई और कोर्ट ने गंभीरता से सुनवाई की, तभी ट्विशा शर्मा को इंसाफ मिल सकेगा। फिलहाल यह मामला भोपाल ही नहीं बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर नए बयान के साथ विवाद और गहराता जा रहा है।


0 टिप्पणियाँ
आपका विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण है, कृपया अपनी राय नीचे लिखें।