दिल्ली से प्रेमिका का शव लाकर ग्वालियर में गुपचुप अंतिम संस्कार कर रहा था युवक, मुखाग्नि से पहले पुलिस ने पकड़ा।
ग्वालियर में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने आधी रात को श्मशान घाट पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए। दिल्ली से करीब 365 किलोमीटर दूर एम्बुलेंस में अपनी लिव-इन पार्टनर का शव लेकर पहुंचे युवक को पुलिस ने उस वक्त पकड़ लिया, जब वह चिता को मुखाग्नि देने ही वाला था। युवक अकेला था, कोई रिश्तेदार मौजूद नहीं था और शव को रात के अंधेरे में जल्दबाजी में जलाने की तैयारी चल रही थी। श्मशान घाट कर्मचारियों को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी गई। पूछताछ में युवक ने महिला की बीमारी से मौत होने की बात कही, लेकिन कोई मेडिकल दस्तावेज नहीं दिखा पाया। अब महिला के पति और पिता ने हत्या की आशंका जताई है और पूरा मामला रहस्यमयी बन गया है।
आधी रात श्मशान घाट में एम्बुलेंस पहुंचते ही मचा हड़कंप
ग्वालियर के कम्पू थाना क्षेत्र स्थित गुढ़ा-गुढ़ी का नाका श्मशान घाट पर सोमवार देर रात अचानक एक एम्बुलेंस पहुंची। एम्बुलेंस में एक महिला का शव रखा था और उसके साथ सिर्फ एक युवक मौजूद था। रात का समय, सुनसान श्मशान घाट और बिना किसी परिजन के अंतिम संस्कार की तैयारी ने वहां मौजूद कर्मचारियों को चौंका दिया।
श्मशान घाट कर्मचारियों ने देखा कि युवक काफी जल्दबाजी में था और तुरंत चिता तैयार कराकर शव को जलाने की कोशिश कर रहा था। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि महिला के परिवार का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं था। कर्मचारियों को मामला संदिग्ध लगा और उन्होंने तुरंत कम्पू थाना पुलिस को सूचना दे दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस जब श्मशान घाट पहुंची तब युवक महिला के शव को मुखाग्नि देने ही वाला था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रोक लिया और हिरासत में ले लिया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
भिंड की रहने वाली थी महिला, पति और बच्चों को छोड़कर चली गई थी दिल्ली
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका का नाम मीनू था और वह मूल रूप से मध्य प्रदेश के भिंड जिले की रहने वाली थी। उसकी शादी साल 2013 में रामानंद चौहान नामक युवक से हुई थी। दोनों के दो बच्चे भी हैं। शुरुआती वर्षों में परिवार सामान्य तरीके से चल रहा था, लेकिन बाद में मीनू की मुलाकात भिंड निवासी योगेश राठौर से हुई।
योगेश पेशे से मेल नर्स बताया जा रहा है। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और फिर प्रेम संबंध शुरू हो गया। परिवार के मुताबिक, साल 2024 में मीनू अपने पति और बच्चों को छोड़कर योगेश के साथ चली गई थी। इसके बाद दोनों दिल्ली में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।
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पुलिस के अनुसार, बीते कुछ महीनों से दोनों दिल्ली में किराए के मकान में रह रहे थे। वहीं पर महिला की मौत हुई। लेकिन मौत के बाद जो घटनाक्रम सामने आया उसने पूरे मामले को संदेहास्पद बना दिया।
दिल्ली में मौत, फिर गुपचुप तरीके से ग्वालियर में अंतिम संस्कार की तैयारी
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब महिला की मौत दिल्ली में हुई, तो शव को सीधे उसके मायके भिंड या ससुराल क्यों नहीं ले जाया गया। आखिर युवक ग्वालियर क्यों पहुंचा और वह भी आधी रात को श्मशान घाट में गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार करने की कोशिश क्यों कर रहा था।
पुलिस पूछताछ में योगेश राठौर ने बताया कि मीनू पिछले दो-तीन दिनों से बीमार थी। उसने दावा किया कि बीमारी के कारण उसकी मौत हो गई। योगेश ने यह भी कहा कि वह नर्सिंग का अनुभव रखता है, इसलिए घर पर ही उसका इलाज कर रहा था।
हालांकि पुलिस को उसकी कहानी पर शक हुआ क्योंकि वह किसी डॉक्टर का पर्चा, मेडिकल रिपोर्ट या दवाइयों के बिल नहीं दिखा पाया। ऐसे में पुलिस को मामला और ज्यादा संदिग्ध लगने लगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर मौत सामान्य थी तो युवक ने स्थानीय पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी। दिल्ली में पोस्टमार्टम या कानूनी प्रक्रिया पूरी कराने के बजाय सीधे शव को एम्बुलेंस में रखकर दूसरे राज्य में ले जाना कई सवाल खड़े करता है।
हाईवे से लेकर बॉर्डर तक किसी ने नहीं रोकी एम्बुलेंस
इस पूरे मामले में एक और बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि दिल्ली से ग्वालियर तक करीब 365 किलोमीटर की दूरी तय करने के दौरान किसी भी हाईवे पेट्रोलिंग टीम या पुलिस चौकी ने एम्बुलेंस को नहीं रोका।
बताया जा रहा है कि युवक शव को लेकर कई घंटों तक सफर करता रहा, लेकिन कहीं भी पूछताछ नहीं हुई। एम्बुलेंस में शव होने के बावजूद किसी प्रकार के दस्तावेजों की जांच नहीं की गई। अब इस पहलू को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी लंबी दूरी तक शव ले जाने के दौरान किसी प्रशासनिक एजेंसी ने जांच क्यों नहीं की।
पुलिस हिरासत में युवक, दिल्ली के मकान मालिक से भी पूछताछ
ग्वालियर पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। कम्पू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार के मुताबिक, युवक की गतिविधियां बेहद संदिग्ध लगीं, इसलिए उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने दिल्ली स्थित उस मकान मालिक से भी संपर्क साधा है जहां दोनों रह रहे थे। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि महिला की तबीयत कब बिगड़ी, क्या किसी डॉक्टर को दिखाया गया था या नहीं और मौत से पहले दोनों के बीच किसी तरह का विवाद हुआ था या नहीं।
इसके अलावा पुलिस एम्बुलेंस चालक से भी पूछताछ कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि शव को किस परिस्थिति में दिल्ली से ग्वालियर लाया गया और रास्ते में क्या-क्या हुआ।
महिला के पति और पिता ने जताई हत्या की आशंका
जैसे ही पुलिस ने महिला के परिजनों को सूचना दी, मृतका के पिता शीतल सिंह भदौरिया और पति रामानंद चौहान ग्वालियर पहुंचे। दोनों ने महिला की मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है।
परिजनों का कहना है कि अगर मौत सामान्य होती तो शव को छिपाकर रात में अंतिम संस्कार करने की कोशिश नहीं की जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में कई बातें ऐसी हैं जो सीधे तौर पर संदेह पैदा करती हैं।
महिला के पति रामानंद का कहना है कि मीनू भले ही उसे छोड़कर चली गई थी, लेकिन उसकी मौत की खबर तक परिवार को नहीं दी गई। उन्हें यह जानकारी तब मिली जब पुलिस ने संपर्क किया।
डॉक्टरों के पैनल से कराया गया पोस्टमार्टम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।
अगर रिपोर्ट में किसी प्रकार की चोट, जहर या हत्या के संकेत मिलते हैं तो आरोपी युवक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार शव लेकर भिंड रवाना हो गया। वहीं युवक अभी पुलिस हिरासत में है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
प्रेम कहानी से शुरू हुआ रिश्ता अब बना रहस्यमयी मौत का केस
जिस रिश्ते की शुरुआत प्रेम कहानी की तरह हुई थी, वह अब एक रहस्यमयी मौत के केस में बदल चुका है। एक शादीशुदा महिला का अपने पति और बच्चों को छोड़कर प्रेमी के साथ दिल्ली जाना, फिर अचानक मौत होना और उसके बाद शव को रात के अंधेरे में दूसरे शहर ले जाकर जलाने की कोशिश करना पूरे मामले को बेहद सनसनीखेज बना रहा है।
ग्वालियर पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर मीनू की मौत प्राकृतिक थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई है। फिलहाल पूरे इलाके में इसी घटना की चर्चा हो रही है और लोग यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर उस रात एम्बुलेंस में ऐसा क्या था जिसे इतनी जल्दबाजी में हमेशा के लिए आग के हवाले किया जा रहा था।


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