मुरादाबाद महिला अस्पताल में एक घंटे में 2 नवजात चोरी की कोशिश नाकाम, CCTV में कैद हुई वारदात, 2 आरोपी गिरफ्तार।
मुरादाबाद के सरकारी महिला चिकित्सालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक घंटे के भीतर दो अलग-अलग वार्डों से नवजात बच्चों को चोरी करने की कोशिश की गई। दोनों घटनाएं अस्पताल के CCTV कैमरों में कैद हो गईं। पहली घटना में एक महिला नवजात को गोद में उठाकर भागने लगी, जबकि दूसरी घटना में एक युवक बच्ची को लेकर अस्पताल से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा गार्डों और परिजनों की सतर्कता से दोनों मासूम सुरक्षित बचा लिए गए और दोनों आरोपियों को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
महिला बनकर वार्ड में घुसी संदिग्ध, नवजात को उठाकर भागने लगी
यह सनसनीखेज मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित सरकारी महिला चिकित्सालय का है। जानकारी के मुताबिक तड़के अस्पताल के मातृ एवं शिशु कल्याण (MCH) विंग में अचानक हड़कंप मच गया। वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने देखा कि एक संदिग्ध महिला चुपचाप एक नवजात बच्चे को गोद में उठाकर बाहर की तरफ जा रही है।
बताया जा रहा है कि महिला खुद को मरीज का परिजन बताकर अस्पताल में दाखिल हुई थी। उसने काफी देर तक वार्ड के आसपास घूमकर स्थिति को समझा और फिर मौका मिलते ही नवजात को उठाकर तेजी से बाहर निकलने लगी। लेकिन तभी एक महिला परिजन की नजर उस पर पड़ गई। परिजनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया जिसके बाद अस्पताल में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड तुरंत सक्रिय हुए और अस्पताल के मुख्य गेट की घेराबंदी कर दी। कुछ ही मिनटों में महिला को पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान वह लगातार अपनी पहचान बदलती रही। तलाशी लेने पर उसके पास अमरोहा निवासी साबरी नाम का एक पहचान पत्र बरामद हुआ। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने महिला को सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना के बाद वार्ड में भर्ती महिलाओं और उनके परिजनों में डर का माहौल बन गया। कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में कोई भी व्यक्ति आसानी से अंदर-बाहर हो जाता है और सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है।
दूसरी वारदात ने उड़ाए होश, युवक बच्ची को लेकर भागने लगा
पहली घटना के बाद अस्पताल प्रशासन अभी पूरी तरह संभल भी नहीं पाया था कि कुछ ही देर बाद दूसरी घटना सामने आ गई। इस बार मामला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड का था। यहां मुगलपुरा थाना क्षेत्र के जामा मस्जिद बरवलान निवासी इरशाद अली की पत्नी फरजाना भर्ती थीं जिन्होंने हाल ही में एक बच्ची को जन्म दिया था।
परिजनों के अनुसार वार्ड में अचानक एक युवक दाखिल हुआ और खुद को किसी मरीज का रिश्तेदार बताने लगा। उसने कुछ देर तक वार्ड में इधर-उधर घूमकर माहौल को देखा। इसी दौरान मौका मिलते ही वह नवजात बच्ची को उठाकर बाहर निकलने लगा।
बताया जा रहा है कि युवक तेजी से वार्ड से बाहर निकल रहा था तभी बच्ची की मां के परिजनों को शक हो गया। उन्होंने युवक को रोकने की कोशिश की लेकिन वह तेजी से आगे बढ़ने लगा। इसके बाद परिवार के लोगों ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया।
शोर सुनते ही अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मी रोहित कुमार और भोला राम मौके पर पहुंचे। दोनों गार्डों ने अस्पताल के बाहर निकलने से पहले ही युवक को पकड़ लिया। युवक के कब्जे से नवजात बच्ची को सुरक्षित छुड़ाकर उसकी मां को सौंप दिया गया।
इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। लोग लगातार सवाल उठा रहे थे कि आखिर एक घंटे के भीतर दो-दो बार नवजात चोरी की कोशिश कैसे हो गई।
स्कूटी की नंबर प्लेट ढकी थी, पहले से बनाई गई थी पूरी प्लानिंग
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रनवीर सिंह ने बताया कि पकड़ा गया युवक अपनी पहचान छिपाने की पूरी कोशिश कर रहा था। अस्पताल परिसर में खड़ी उसकी स्कूटी की नंबर प्लेट तक ढकी हुई थी। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपी पहले से पूरी योजना बनाकर अस्पताल पहुंचा था।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दोनों घटनाओं को बेहद गंभीरता से लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह भी शक जताया जा रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नवजात चोरी गिरोह तो सक्रिय नहीं है। क्योंकि दोनों घटनाएं बेहद कम समय के अंतराल में हुईं और दोनों आरोपियों की गतिविधियां काफी संदिग्ध थीं।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या दोनों आरोपी एक-दूसरे को जानते थे या फिर यह अलग-अलग घटनाएं थीं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं अस्पताल की रेकी पहले से तो नहीं की गई थी।
CCTV फुटेज में कैद हुई पूरी हरकत
अस्पताल प्रशासन के अनुसार दोनों घटनाएं अस्पताल में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई हैं। फुटेज में संदिग्ध महिला और युवक की गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं। पुलिस अब इन फुटेज को कब्जे में लेकर विस्तार से जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि CCTV फुटेज में महिला वार्ड के आसपास काफी देर तक घूमती नजर आ रही है। वहीं युवक भी अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों की गतिविधियों पर नजर रखता दिखाई दे रहा है। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने पहले से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया था।
जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि आरोपी अस्पताल तक कैसे पहुंचे और क्या उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। फुटेज के जरिए अस्पताल में आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की भी पहचान की जा रही है।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
लगातार दो घटनाओं के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में प्रवेश करने वाले लोगों की ठीक से जांच नहीं होती। कई बार बाहरी लोग आसानी से वार्ड तक पहुंच जाते हैं।
कुछ परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में सुरक्षा गार्डों की संख्या बेहद कम है और कई जगह CCTV कैमरे भी ठीक से काम नहीं करते। ऐसे में नवजात बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं। अब वार्डों में आने-जाने वाले लोगों की पहचान की जांच की जाएगी। साथ ही मरीजों के परिजनों के लिए विशेष पास जारी करने की तैयारी भी की जा रही है।
पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पीआरवी 112 और सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इसके पीछे नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाला कोई गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन और उनके संपर्कों की भी जांच की जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इससे पहले भी उन्होंने ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है।
फिलहाल दोनों नवजात पूरी तरह सुरक्षित हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है। लेकिन एक घंटे के भीतर हुई दो घटनाओं ने मुरादाबाद के सरकारी महिला चिकित्सालय की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। अब हर किसी की नजर पुलिस जांच और अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।


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