मिर्जापुर स्टेशन पर AC बंद होने से नाराज यात्रियों ने ट्रैक जाम कर जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस रोक दी, मचा हंगामा।
मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस के एसी कोच में AC बंद होने से परेशान यात्रियों ने ट्रेन रुकते ही रेलवे ट्रैक पर बैठकर हंगामा शुरू कर दिया। भीषण गर्मी और उमस से परेशान यात्रियों का आरोप था कि कई बार शिकायत के बावजूद रेलवे कर्मचारियों ने उनकी समस्या नहीं सुनी। देखते ही देखते स्टेशन पर तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद यात्रियों को ट्रैक से हटाकर शांत कराया। करीब 10 से 12 मिनट तक ट्रेन स्टेशन पर रुकी रही, जिसके बाद अधिकारियों ने मुगलसराय में AC ठीक कराने का आश्वासन देकर ट्रेन को रवाना कराया।
मिर्जापुर स्टेशन पर अचानक भड़का यात्रियों का गुस्सा
शनिवार दोपहर करीब 5:20 बजे जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन मिर्जापुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची थी। ट्रेन जैसे ही स्टेशन पर रुकी, एसी कोच में सफर कर रहे कई यात्री तेजी से नीचे उतरे और सीधे रेलवे ट्रैक पर जाकर बैठ गए। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों को पहले समझ नहीं आया कि आखिर अचानक यह हंगामा क्यों शुरू हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन के अंदर काफी देर से AC काम नहीं कर रहा था। तेज गर्मी और उमस के कारण यात्रियों का हाल बेहाल हो चुका था। छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही थी। यात्रियों का आरोप था कि ट्रेन स्टाफ से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के बाद कुछ यात्रियों ने ट्रेन रोककर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला कर लिया।
यात्रियों के ट्रैक पर बैठते ही स्टेशन पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। प्लेटफॉर्म पर भीड़ बढ़ने लगी और कई यात्री मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगे। कुछ ही मिनटों में यह घटना पूरे स्टेशन पर चर्चा का विषय बन गई।
AC बंद होने से यात्रियों का हुआ बुरा हाल
यात्रियों ने बताया कि भीषण गर्मी के बीच AC कोच में सफर करना मुश्किल हो गया था। ट्रेन के अंदर घुटन जैसी स्थिति बन गई थी। कई यात्रियों ने कहा कि उन्होंने एसी टिकट के लिए अतिरिक्त किराया दिया था, लेकिन सुविधा नहीं मिलने से उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
एक यात्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ट्रेन में बैठना तक मुश्किल हो गया था। गर्म हवा चल रही थी और कोच के अंदर पसीने से हालत खराब हो रही थी। यात्रियों का कहना था कि अगर समय रहते रेलवे कर्मचारी तकनीकी खराबी दूर कर देते तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती।
सूत्रों के मुताबिक ट्रेन के कुछ एसी कोच में कूलिंग सिस्टम पूरी तरह से प्रभावित हो गया था। इसी कारण यात्रियों का गुस्सा बढ़ता चला गया। कुछ यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रेन स्टाफ ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।
रेलवे ट्रैक पर बैठे यात्रियों को हटाने के लिए अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को भरोसा दिलाया कि ट्रेन को आगे भेजकर तकनीकी खराबी ठीक कराई जाएगी। इसके बाद जाकर मामला शांत हुआ।
आरपीएफ और जीआरपी ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। रेलवे अधिकारियों के साथ सुरक्षा बल के जवानों ने यात्रियों को समझाने की कोशिश शुरू की। शुरुआत में यात्री काफी नाराज दिखाई दिए और ट्रैक से हटने को तैयार नहीं थे।
स्थिति बिगड़ती देख रेलवे प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी स्टेशन कार्यालय से बाहर निकलकर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने यात्रियों से बातचीत की और जल्द समस्या दूर कराने का भरोसा दिया। काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद यात्री ट्रैक से हटे।
इस दौरान स्टेशन पर कुछ देर के लिए परिचालन व्यवस्था भी प्रभावित हुई। रेलवे अधिकारियों को डर था कि अगर प्रदर्शन लंबा चला तो दूसरी ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि समय रहते मामला नियंत्रित कर लिया गया।
करीब 10 से 12 मिनट की देरी के बाद जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन को मुगलसराय की तरफ भेजा गया है, जहां तकनीकी टीम एसी सिस्टम की जांच कर उसे ठीक करेगी।
स्टेशन अधीक्षक ने बताई पूरी वजह
मिर्जापुर स्टेशन अधीक्षक बीके सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ट्रेन के एसी सिस्टम में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके कारण यात्रियों में नाराजगी फैल गई। उन्होंने कहा कि रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों को शांत कराया और उन्हें आश्वासन दिया गया कि आगे स्टेशन पर समस्या का समाधान किया जाएगा।
स्टेशन अधीक्षक ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा रेलवे की प्राथमिकता है। तकनीकी खराबी की वजह से अस्थायी परेशानी हुई, लेकिन स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया। उन्होंने बताया कि यात्रियों के ट्रैक पर बैठ जाने से कुछ समय के लिए स्टेशन पर तनाव का माहौल बन गया था।
रेलवे प्रशासन अब इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर रहा है। साथ ही तकनीकी खराबी के कारणों की भी जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मिर्जापुर स्टेशन पर हुए इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में यात्री रेलवे ट्रैक पर बैठे दिखाई दे रहे हैं जबकि रेलवे अधिकारी और सुरक्षाकर्मी उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने रेलवे की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। कुछ यूजर्स ने कहा कि भीषण गर्मी में एसी फेल होना यात्रियों के लिए बेहद गंभीर समस्या है। वहीं कुछ लोगों ने यात्रियों के ट्रैक पर बैठने को खतरनाक कदम बताया।
गर्मी के मौसम में ट्रेनों में बढ़ती तकनीकी दिक्कतों को लेकर भी बहस तेज हो गई है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच रेलवे पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने का दबाव बढ़ता जा रहा है।


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