गोंडा में सास के अंतिम संस्कार में आए दामाद को सरयू किनारे मगरमच्छ खींच ले गया, SDRF रेस्क्यू जारी, परिवार सदमे में।
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Amazon पर देखेंगोंडा के सरयू घाट पर सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए 30 वर्षीय दीपक के साथ ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। चिता की तैयारी करने के बाद जैसे ही वह नदी किनारे हाथ धोने पहुंचा, तभी पानी में घात लगाए बैठे विशाल मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। देखते ही देखते मगरमच्छ ने दीपक का सिर अपने जबड़ों में दबोचा और उसे गहरे पानी में खींच ले गया। घाट पर मौजूद लोग चीखते रहे लेकिन मगरमच्छ के खौफ और तेज बहाव के कारण कोई भी उसे बचा नहीं सका। कई घंटों तक स्थानीय गोताखोरों ने तलाश की लेकिन सफलता नहीं मिली, जिसके बाद लखनऊ से SDRF टीम को बुलाया गया है। प्रशासन ने परिवार को 4 लाख रुपए की सहायता देने की घोषणा की है।
सास के अंतिम संस्कार में नोएडा से आया था दामाद, किसी को नहीं था मौत का अंदेशा
यह दर्दनाक घटना उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र में स्थित सरयू नदी के किनारे हुई। जानकारी के मुताबिक डीहा गांव निवासी बाबूलाल वर्मा के परिवार में पहले ही कई दुखों का पहाड़ टूट चुका था। उनके बेटे लालचंद्र की पहले ही मौत हो चुकी थी और अब उनकी बहू उर्मिला ने भी कैंसर से जिंदगी की जंग हार दी। मंगलवार को उर्मिला की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ था।
उर्मिला की बेटी रेखा की शादी करीब पांच साल पहले ग्रेटर नोएडा के परी चौक स्थित सिग्मा-2 इलाके में रहने वाले दीपक से हुई थी। दीपक एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था और अपनी पत्नी व चार साल की बेटी निक्की के साथ नोएडा में रहता था। सास की मौत की खबर मिलने के बाद वह तुरंत परिवार सहित गोंडा पहुंचा था ताकि अंतिम संस्कार में शामिल हो सके।
परिवार को क्या पता था कि जिस दामाद ने घर के दुख में साथ देने के लिए लंबा सफर तय किया है, वही कुछ घंटों बाद खुद मौत का शिकार बन जाएगा। बुधवार दोपहर जब सभी लोग सरयू नदी के घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तब माहौल बेहद गमगीन था। लोग लकड़ियां जमा कर रहे थे, चिता तैयार की जा रही थी और इसी बीच दीपक भी बाकी लोगों के साथ काम में जुटा हुआ था।
हाथ धोने झुका और पानी से निकला मौत का जबड़ा, देखते रह गए लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दीपक चिता को व्यवस्थित करने के लिए नदी किनारे गड्ढा खोद रहा था और लकड़ी का खूंटा गाड़ने का काम कर रहा था। दोपहर करीब 12 बजे काम खत्म होने के बाद वह हाथ और मुंह धोने के लिए नदी के बिल्कुल करीब चला गया। घाट पर मौजूद कई लोगों ने उसे चेतावनी भी दी थी कि उस हिस्से में मगरमच्छ दिखाई देता है और वहां जाना खतरनाक हो सकता है।
लेकिन किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि अगले कुछ सेकंड में इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। जैसे ही दीपक पानी की तरफ झुका, अचानक नदी के अंदर से विशाल मगरमच्छ बाहर निकला। लोगों ने बताया कि मगरमच्छ ने सीधे दीपक के सिर पर हमला किया और पलभर में उसे अपने जबड़ों में जकड़ लिया।
घाट पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले मगरमच्छ दीपक को घसीटते हुए गहरे पानी में ले गया। अचानक मचे हड़कंप से वहां मौजूद महिलाएं चीखने लगीं और लोग इधर-उधर भागने लगे। कुछ युवकों ने दीपक को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन मगरमच्छ की ताकत और नदी के तेज बहाव के सामने कोई टिक नहीं सका।
प्रत्यक्षदर्शी अमन ने बताया कि सब लोग दीपक को मना कर रहे थे कि उस तरफ मत जाओ, लेकिन वह सिर्फ हाथ धोने गया था। जैसे ही वह झुका, मगरमच्छ ने हमला कर दिया। किसी को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला।
बचाने की कोशिश में खुद डूबते-डूबते बचा युवक, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
घटना के दौरान मौजूद एक युवक ने बताया कि उसने दीपक को बचाने के लिए दौड़ लगाई थी। उसने मगरमच्छ से दीपक को छुड़ाने की कोशिश भी की, लेकिन मगरमच्छ बेहद ताकतवर था। युवक ने बताया कि अगर वह थोड़ा और आगे बढ़ जाता तो खुद भी नदी में खिंच सकता था।
घटना के बाद घाट पर मौजूद हर व्यक्ति सदमे में आ गया। कुछ लोग नदी किनारे बैठकर रोने लगे तो कुछ लोग प्रशासन को सूचना देने में जुट गए। दीपक की पत्नी रेखा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। कुछ देर पहले तक जो व्यक्ति अपनी सास के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था, वह अचानक खुद लापता हो चुका था।
दीपक के दादा ससुर बाबूलाल वर्मा ने रोते हुए कहा कि पहले बेटा गया, फिर बहू चली गई और अब दामाद को मगरमच्छ उठा ले गया। उन्होंने कहा कि उस समय किसी की हिम्मत नहीं हुई कि मगरमच्छ के पीछे पानी में कूद सके क्योंकि हर किसी को अपनी जान का डर था।
परिवार के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि दीपक की चार साल की मासूम बेटी का भविष्य क्या होगा। गांव में इस हादसे के बाद मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस दर्दनाक घटना की चर्चा कर रहा है।
घंटों चला सर्च ऑपरेशन, अब SDRF संभालेगी मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही उमरी बेगमगंज थाने की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। स्थानीय गोताखोरों और नाविकों की मदद से नदी में तलाश अभियान शुरू किया गया। कई घंटों तक नदी के अलग-अलग हिस्सों में खोजबीन की गई लेकिन दीपक का कोई सुराग नहीं मिला।
गोंडा के जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी में मगरमच्छ की मौजूदगी और गहरे पानी की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन काफी मुश्किल हो गया है। स्थानीय टीमों को सफलता नहीं मिलने के बाद लखनऊ से SDRF की विशेष टीम को बुलाया गया है। अब आधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित जवानों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि शव बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा और शासन की तरफ से परिजनों को चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यदि शव बरामद नहीं होता है तो विशेष अनुमति के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी ताकि परिवार को राहत राशि मिल सके।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग अब सरयू नदी के उस हिस्से में जाने से डर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में पहले भी मगरमच्छ दिखाई देते रहे हैं, लेकिन इस तरह किसी इंसान पर हमला होने की घटना ने सभी को डरा दिया है।
सरयू किनारे हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक ही परिवार से खुशियां छीन लीं। पहले कैंसर से सास की मौत और फिर उसी अंतिम संस्कार के दौरान दामाद का मगरमच्छ का शिकार बन जाना पूरे इलाके के लिए एक भयावह त्रासदी बन गया है।


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