शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गायों को कटने से बचाने के लिए ‘गो-LX’ प्लेटफॉर्म लॉन्च करने का ऐलान किया।

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वाराणसी से लेकर सुल्तानपुर तक इन दिनों शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के एक बड़े ऐलान की चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने दावा किया है कि अब अगर कोई हिंदू किसी मजबूरी में अपनी गाय बेचना चाहता है तो उसे कसाइयों या बिचौलियों के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए OLX की तर्ज पर ‘गो-LX’ नाम का नया प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जहां गाय बेचने की जानकारी देने पर उनकी संस्था और गौरक्षा से जुड़े लोग गाय खरीदेंगे और उसकी देखभाल करेंगे। शंकराचार्य ने कहा कि इस पहल का मकसद गायों को कटने से बचाना और देशभर में गौसेवा को मजबूत करना है।
‘गो-LX’ प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे देशभर के गौरक्षक
ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि आने वाले समय में ‘गो-LX’ केवल एक वेबसाइट नहीं बल्कि देशव्यापी गौसंरक्षण अभियान का माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में लोग उनसे जुड़ रहे हैं, जो गौसेवा और गौरक्षा के लिए आर्थिक सहयोग देने को तैयार हैं। इसी समर्थन को देखते हुए यह प्लेटफॉर्म शुरू करने का फैसला लिया गया।
उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीण इलाकों या शहरों में लोग आर्थिक तंगी, बीमारी या दूसरी परेशानियों के कारण गाय बेचने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे समय में कई बार गाय गलत हाथों में पहुंच जाती है। इस स्थिति को रोकने के लिए अब संस्था खुद आगे आएगी और गाय खरीदकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी उठाएगी।
शंकराचार्य के मुताबिक ‘गो-LX’ वेबसाइट पर गाय बेचने वाला व्यक्ति अपनी जानकारी और गाय से जुड़ी डिटेल साझा करेगा। इसके बाद संस्था और गौसेवा से जुड़े लोग संपर्क कर गाय को खरीदेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था से हजारों गायों को कटने से बचाया जा सकेगा।
‘हिंदू गाय को कटने के लिए नहीं बेचता’, बयान से बढ़ी चर्चा
शंकराचार्य ने अपने संबोधन के दौरान सोशल मीडिया पर चल रही बहसों और कुछ मौलानाओं के बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि अगर मुसलमान गाय खरीदना बंद कर देंगे तो हिंदुओं को आर्थिक नुकसान होगा। इस पर उन्होंने सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी हिंदू जानबूझकर अपनी गाय किसी कसाई को नहीं बेचता।
उन्होंने कहा कि हिंदू परिवार गाय को परिवार का हिस्सा मानता है और अगर उसे यह पता चल जाए कि गाय को काटा जाएगा तो वह किसी भी कीमत पर उसे नहीं बेचेगा। शंकराचार्य ने कहा कि अधिकांश लोग इसी भरोसे पर गाय बेचते हैं कि सामने वाला उसकी सेवा करेगा और उसे सुरक्षित रखेगा।
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे गौरक्षा की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं तो कुछ लोग इसे धार्मिक और सामाजिक मुद्दों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि शंकराचार्य ने साफ कहा कि उनका उद्देश्य केवल गायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सुल्तानपुर की गविष्ठी यात्रा में हुआ बड़ा ऐलान
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इस समय उत्तर प्रदेश में अपनी गविष्ठी यात्रा पर हैं। इसी यात्रा के दौरान सुल्तानपुर में उन्होंने ‘गो-LX’ प्लेटफॉर्म की घोषणा की। उनके मंच से यह ऐलान होते ही धार्मिक संगठनों और गौरक्षा से जुड़े लोगों में उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में मौजूद कई लोगों ने इस पहल का समर्थन किया और कहा कि इससे गौसंरक्षण को नया मॉडल मिल सकता है। गौरक्षा संगठनों का मानना है कि अगर यह योजना सही तरीके से लागू होती है तो बड़ी संख्या में गायों को अवैध तस्करी और कटान से बचाया जा सकेगा।
बताया जा रहा है कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए केवल गायों की खरीद ही नहीं बल्कि उनके पालन-पोषण, चिकित्सा और आश्रय की व्यवस्था भी की जाएगी। संस्था इसके लिए अलग-अलग राज्यों में गौशालाओं और गौसेवकों का नेटवर्क तैयार करने पर भी काम कर सकती है।
शंकराचार्य के इस ऐलान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में गौरक्षा पहले से बड़ा मुद्दा रही है। ऐसे में ‘गो-LX’ को लेकर अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि यह योजना जमीन पर कब और कैसे लागू होती है।
धार्मिक विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए गौरक्षा को जोड़ने की यह कोशिश देश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर सामने आई है। अगर इसे व्यापक समर्थन मिलता है तो यह मॉडल आगे चलकर गौसंरक्षण के क्षेत्र में नई व्यवस्था बन सकता है।


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