25 मई से शुरू हो रहा नौतपा उत्तर भारत में कहर बरपा सकता है। दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में 48°C तक पहुंच सकता है तापमान।

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उत्तर भारत में गर्मी ने मई महीने में ही लोगों की हालत खराब कर दी है, लेकिन मौसम विभाग की मानें तो असली परीक्षा अभी बाकी है। 25 मई से शुरू होने वाला नौतपा इस बार बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार समेत कई राज्यों में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले 9 दिन लोगों के लिए बेहद मुश्किल भरे हो सकते हैं, क्योंकि तेज धूप, लू और उमस मिलकर हालात को और गंभीर बनाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने भी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन को लेकर अलर्ट जारी किया है।
25 मई से शुरू होगा नौतपा, 9 दिन झुलसेगा उत्तर भारत
हर साल मई के आखिरी सप्ताह और जून की शुरुआत में पड़ने वाला नौतपा गर्मी का सबसे खतरनाक दौर माना जाता है। इस बार नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान सूरज की तपिश अपने चरम पर होगी और उत्तर भारत के कई शहरों में दिन का तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, भोपाल, पटना और चंडीगढ़ जैसे शहरों में पहले से ही गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। बांदा जैसे इलाकों में नौतपा शुरू होने से पहले ही पारा 48 डिग्री तक पहुंच चुका है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने और बारिश की कमी की वजह से गर्मी ज्यादा खतरनाक रूप ले सकती है।
दिन में सड़कें तवे की तरह तपेंगी और रात में भी लोगों को राहत नहीं मिलेगी। गर्म हवाओं और उमस के कारण कई शहरों में रात का तापमान भी 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। यही वजह है कि मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
आखिर क्यों पड़ता है इतना खतरनाक नौतपा?
वैज्ञानिकों के अनुसार नौतपा के पीछे सबसे बड़ा कारण सूर्य और पृथ्वी की स्थिति है। पृथ्वी लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है। मई के आखिरी दिनों में सूर्य कर्क रेखा के बेहद करीब पहुंच जाता है। इस वजह से भारत के उत्तरी हिस्सों में सूर्य की किरणें सीधे जमीन पर पड़ती हैं और गर्मी कई गुना बढ़ जाती है।
इस दौरान दिन लंबे हो जाते हैं। सूरज सुबह जल्दी निकलता है और देर शाम तक आसमान में बना रहता है। लगातार कई घंटों तक पड़ने वाली धूप जमीन को अत्यधिक गर्म कर देती है। मिट्टी की नमी खत्म होने लगती है और सूखी जमीन तेजी से गर्मी छोड़ती है। यही कारण है कि नौतपा के दौरान सिर्फ दिन ही नहीं बल्कि रातें भी तपती रहती हैं।
राजस्थान और पश्चिमी रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म पछुआ हवाएं यानी लू भी हालात को ज्यादा खतरनाक बना देती हैं। ये हवाएं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान को तेजी से बढ़ाती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक ऊपरी वायुमंडल में दबाव की स्थिति बनने से बादल नहीं बन पाते और बारिश की संभावना लगभग खत्म हो जाती है।

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इसी समय बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नमी भरी हवाएं भी उत्तर भारत की तरफ बढ़ने लगती हैं। इससे उमस बढ़ जाती है। हवा में मौजूद नमी पसीने को जल्दी सूखने नहीं देती, जिसके कारण शरीर को वास्तविक तापमान से कहीं ज्यादा गर्मी महसूस होती है। मौसम वैज्ञानिक इसे ‘हीट इंडेक्स’ कहते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर तापमान 45 डिग्री हो और नमी 70 प्रतिशत के आसपास हो तो लोगों को तापमान 50 से 55 डिग्री जैसा महसूस हो सकता है।
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा, प्रशासन अलर्ट मोड पर
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नौतपा को लेकर खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि अगले कुछ दिनों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी और बेहोशी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को बताया गया है।
कई राज्यों के स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। बाहर निकलते समय सिर ढंककर रखें, हल्के सूती कपड़े पहनें और लगातार पानी पीते रहें।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा है कि गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी बहुत तेजी से होती है। ऐसे में नींबू पानी, ओआरएस, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन जरूरी है। तेज धूप में ज्यादा देर तक रहने से शरीर का तापमान अचानक बढ़ सकता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा पैदा हो जाता है।
मौसम विभाग के मुताबिक नौतपा खत्म होने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में दस्तक देगा और फिर धीरे-धीरे पूरे देश में आगे बढ़ेगा। मानसून की शुरुआती बारिश के साथ ही तापमान में गिरावट आने लगेगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।


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