ताजा खबरें

5/recent/ticker-posts

बड़ी खबरें

Recent/hot-post

‘साहब दवा देख लो…’ इतना कहते ही टूट पड़े गार्ड! गाजीपुर जिला अस्पताल में बच्ची के पिता को बाउंसर ने डंडों से पीटा, पत्नी रोती रही, मचा हड़कंप


गाजीपुर जिला अस्पताल में बच्ची के इलाज के बाद दवा दिखाने पहुंचे पिता को गार्ड्स और बाउंसर ने डंडों से पीटा, वीडियो वायरल।

गाजीपुर जिला अस्पताल में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां पांच साल की बच्ची का इलाज कराने पहुंचे उसके पिता को मामूली बहस के बाद गार्ड्स और बाउंसर ने बेरहमी से डंडों से पीट दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में पीड़ित की पत्नी अपने पति को बचाने के लिए रोती-बिलखती दिखाई दे रही है, लेकिन गार्ड्स लगातार हमला करते रहे। मामले के बाद अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है, जबकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है।

बच्ची के कान में फंसा था चना, इलाज के बाद शुरू हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक गाजीपुर के ताड़ीघाट निवासी मनोज यादव शनिवार को अपनी पांच वर्षीय बेटी को लेकर महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय स्थित जिला अस्पताल पहुंचे थे। बच्ची के कान में चना फंस गया था, जिसकी वजह से वह काफी परेशान थी। अस्पताल के ईएनटी विभाग में डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची के कान से चना बाहर निकाल दिया और कुछ दवाएं लिख दीं।

परिजनों के मुताबिक इलाज पूरा होने के बाद मनोज यादव डॉक्टर से यह समझना चाहते थे कि दवा किस तरह देनी है और कितनी मात्रा में इस्तेमाल करनी है। इसी सिलसिले में वह डॉक्टरों के पास दोबारा पहुंचे। आरोप है कि उस समय डॉक्टरों की शिफ्ट समाप्त हो चुकी थी और कुछ डॉक्टर चाय-नाश्ते में व्यस्त थे। मनोज ने जब दवा देखने की बात कही तो उन्हें इंतजार करने के लिए कहा गया।

बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। पहले हल्की बहस हुई, लेकिन कुछ ही मिनटों में माहौल तनावपूर्ण हो गया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों का कहना है कि विवाद बढ़ने के बाद सुरक्षा गार्ड और एक बाउंसर मौके पर पहुंचे। आरोप है कि आते ही उन्होंने मनोज यादव पर हमला शुरू कर दिया।

अस्पताल परिसर में डंडों से पिटाई, पत्नी बचाने दौड़ी तो उसे भी लगी चोट

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गार्ड्स और बाउंसर ने मनोज यादव को अस्पताल परिसर में ही डंडों से पीटना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि पीड़ित जमीन पर गिरता-पड़ता नजर आ रहा है और उसकी पत्नी लगातार बीच-बचाव की कोशिश कर रही है। महिला चीख-चीखकर अपने पति को छोड़ने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपियों ने मारपीट जारी रखी।

वीडियो में यह भी दिखाई दे रहा है कि हंगामे के दौरान महिला को भी डंडे लगे। घटना के समय अस्पताल में मौजूद कई लोग यह सब देखते रहे। कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन गार्ड्स और बाउंसर का गुस्सा शांत नहीं हुआ। देखते ही देखते अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों के परिजन भी दहशत में आ गए।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर अस्पताल में इलाज कराने आए मरीज और उनके परिजन ही सुरक्षित नहीं हैं तो फिर सुरक्षा व्यवस्था का क्या मतलब रह जाता है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में तैनात निजी गार्ड और बाउंसर अक्सर मरीजों और तीमारदारों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं।

वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप, पुलिस कार्रवाई की मांग तेज

मारपीट की घटना सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पीड़ित मनोज यादव ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोपी बाउंसर और गार्ड्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि वह केवल अपनी बेटी की दवा के बारे में जानकारी लेना चाहते थे, लेकिन मामूली बात पर उन्हें बुरी तरह पीटा गया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद कुछ कर्मचारियों ने भी गार्ड्स का साथ दिया और किसी ने उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की। परिवार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज या तीमारदार के साथ ऐसी घटना न हो।

दूसरी ओर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भी नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि अस्पताल इलाज और सहारे की जगह होते हैं, लेकिन अगर वहीं पर तीमारदारों की पिटाई होने लगे तो आम जनता का भरोसा टूट जाएगा।

मेडिकल प्रिंसिपल बोले- वीडियो में बाउंसर की गलती दिख रही

इस पूरे मामले पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर आनंद मिश्रा का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में प्रथम दृष्टया बाउंसर की गलती दिखाई दे रही है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि एक डॉक्टर ने मनोज यादव पर गाली-गलौज और बदतमीजी करने का आरोप लगाया है।

डॉक्टर आनंद मिश्रा ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति दो से तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि अगर जांच में गार्ड्स और बाउंसर दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं दूसरी तरफ पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

गाजीपुर जिला अस्पताल की इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात निजी सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अक्सर मरीज और उनके परिजन इलाज को लेकर पहले से तनाव में होते हैं। ऐसे में अगर मामूली विवाद पर उनके साथ हिंसक व्यवहार किया जाए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पतालों में तैनात गार्ड्स को सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए रखा जाता है, लेकिन कई बार वही लोग मरीजों और तीमारदारों के लिए डर का कारण बन जाते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखने के बाद लोग लगातार दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

घटना के बाद अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों में भी डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर किसी बात को लेकर बहस हो भी जाए तो उसका समाधान बातचीत से होना चाहिए, न कि डंडों से पिटाई करके। फिलहाल सभी की नजर अब जांच समिति की रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ