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WhatsApp पर आया एक APK लिंक… क्लिक करते ही खाली हो गया अकाउंट! औरैया में ‘बैंक कर्मचारी’ बनकर करोड़ों की ठगी करने वाला मास्टरमाइंड गिरफ्तार



औरैया में बैंक कर्मचारी बनकर APK लिंक से फोन हैक कर ठगी करने वाला साइबर अपराधी गिरफ्तार, 14 मोबाइल बरामद


उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में साइबर पुलिस ने एक ऐसे शातिर अंतर्राज्यीय ठग को गिरफ्तार किया है जो खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था और व्हाट्सएप के जरिए खतरनाक APK फाइल और लिंक भेजकर उनके मोबाइल फोन हैक कर लेता था। आरोपी लोगों के क्रेडिट कार्ड की जानकारी और OTP हासिल कर ऑनलाइन ठगी को अंजाम देता था। पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 10 लाख रुपये कीमत के 14 महंगे स्मार्टफोन और नकदी बरामद की है, जिनमें कई हाई-एंड iPhone मॉडल भी शामिल हैं।

बैंक कर्मचारी बनकर रचता था डिजिटल जाल

साइबर अपराधी कमल कुमार बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपना शिकार बनाता था। वह खुद को किसी बैंक का कर्मचारी बताकर कॉल करता और लोगों को यह विश्वास दिलाता कि उनका क्रेडिट कार्ड एक्टिव करना है, उसकी लिमिट बढ़ानी है या नया पासवर्ड सेट करना जरूरी है। बातचीत के दौरान वह इतना भरोसा जीत लेता था कि लोग उसकी बातों में आ जाते थे।

इसके बाद आरोपी व्हाट्सएप पर एक लिंक या APK फाइल भेजता था और कहता था कि इसे इंस्टॉल करने से बैंक की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। जैसे ही कोई व्यक्ति उस फाइल को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करता, उसी क्षण उसका फोन पूरी तरह हैक हो जाता था। आरोपी को फोन की लगभग हर गतिविधि की जानकारी मिलने लगती थी, जिसमें मैसेज, OTP और बैंकिंग डिटेल शामिल होती थीं।

इस तरीके से वह बिना किसी संदेह के पीड़ित के खाते से पैसे निकाल लेता था और ऑनलाइन खरीदारी करके रकम को ट्रेस होने से बचा लेता था।

एक शिकायत ने खोला पूरे गिरोह का राज

यह पूरा मामला औरैया के सदर कोतवाली क्षेत्र के खानपुर कस्बे से सामने आया, जहां निवासी कासिम बेग ने साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए उनसे संपर्क किया और क्रेडिट कार्ड एक्टिवेशन के नाम पर व्हाट्सएप पर एक लिंक और APK फाइल भेजी।

पीड़ित ने जैसे ही उस फाइल को इंस्टॉल किया, कुछ ही समय में उसके क्रेडिट कार्ड से 46 हजार 997 रुपये की ऑनलाइन खरीदारी कर ली गई। जब उन्हें ठगी का एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

शिकायत मिलते ही साइबर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच शुरू की। तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने झारखंड के दुमका निवासी कमल कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

14 महंगे मोबाइल, iPhone और नकदी बरामद

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। आरोपी के पास से कुल 14 महंगे स्मार्टफोन बरामद किए गए, जिनमें 4 iPhone 16 Pro Max जैसे प्रीमियम मॉडल भी शामिल हैं। इन सभी मोबाइल फोनों की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार ये सभी मोबाइल फोन ठगी से कमाए गए पैसों से खरीदे गए थे और कई फोन अभी भी सील पैक हालत में मिले हैं। इसके अलावा आरोपी के पास से नकदी भी बरामद की गई है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अकेला नहीं था बल्कि एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जो अलग-अलग राज्यों में बैठकर लोगों को निशाना बनाता है। पुलिस अब उसके नेटवर्क और अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है।

साइबर पुलिस की चेतावनी और लोगों के लिए जरूरी सलाह

इस पूरे मामले के बाद साइबर पुलिस ने लोगों को सख्त चेतावनी दी है कि वे किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या व्हाट्सएप मैसेज पर भरोसा न करें। खासकर जब कोई खुद को बैंक कर्मचारी बताकर जानकारी मांग रहा हो, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।

पुलिस का कहना है कि कोई भी बैंक कभी भी ग्राहक से फोन या मैसेज के जरिए OTP, पासवर्ड या कार्ड डिटेल नहीं मांगता। यदि कोई ऐसा करता है तो वह निश्चित रूप से ठग है।

साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने मोबाइल में केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें और किसी भी संदिग्ध फाइल को इंस्टॉल करने से बचें। साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए डिजिटल सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस तरह के साइबर अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी, लेकिन साथ ही यह भी साफ हो गया है कि तकनीक के इस दौर में जरा सी लापरवाही किसी को भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।

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