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झालमुड़ी से जुड़ा पीएम मोदी का ‘मजेदार मोमेंट’… चुनावी गर्मी के बीच बंगाल की दुकान पर रुके पीएम, दिया ऐसा जवाब कि छूट गई हंसी



बंगाल में चुनाव प्रचार के बीच पीएम मोदी ने झालमुड़ी खाई, दुकानदार संग मजेदार बातचीत का वीडियो वायरल

चुनावी दौरे के बीच अचानक रुके प्रधानमंत्री

पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जब वह जनसभाओं के बीच अचानक झारग्राम के एक स्थानीय बाजार में रुक गए। आमतौर पर सख्त सुरक्षा और तय कार्यक्रम के तहत चलने वाले प्रधानमंत्री का इस तरह से सड़क किनारे रुकना वहां मौजूद लोगों के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं था। चुनावी भाषणों की गर्मी के बीच यह पल पूरी तरह हल्का और मानवीय नजर आया, जिसने तुरंत ही लोगों का ध्यान खींच लिया।

‘मुझे झालमुड़ी खिलाओ’… पीएम का सहज अंदाज

झारग्राम के बाजार में पहुंचते ही प्रधानमंत्री सीधे एक छोटी सी दुकान की ओर बढ़े और दुकानदार से मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें झालमुड़ी खिलाई जाए। बंगाल का यह लोकप्रिय स्ट्रीट फूड स्थानीय लोगों की पहचान का हिस्सा है और पीएम मोदी ने उसी स्वाद को महसूस करने के लिए खुद पहल की। दुकानदार शुरुआत में हिचकिचाया और बार-बार पैसे लेने से मना करता रहा, लेकिन प्रधानमंत्री ने अपने अंदाज में उसे पैसे देकर ही झालमुड़ी ली। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए खास बन गया, क्योंकि उन्होंने देश के प्रधानमंत्री को बेहद साधारण अंदाज में एक आम ग्राहक की तरह देखा।



प्याज पर सवाल और मोदी का मजेदार जवाब

जब दुकानदार झालमुड़ी तैयार कर रहा था, उसने सामान्य तरीके से पूछा कि क्या उसमें प्याज डाली जाए। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने हंसते हुए जवाब दिया कि वह प्याज खाते हैं, दिमाग नहीं। इस जवाब ने माहौल को हल्का कर दिया और वहां मौजूद लोग जोर से हंस पड़े। यह छोटा सा संवाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जहां लोग पीएम के इस सहज और हास्यपूर्ण अंदाज की चर्चा कर रहे हैं।

दुकानदार और लोगों के लिए यादगार पल

दुकानदार के लिए यह अनुभव जीवनभर का यादगार पल बन गया। उसने बार-बार यह कहा कि प्रधानमंत्री का उसकी दुकान पर आना ही उसके लिए सबसे बड़ी बात है और वह पैसे नहीं लेना चाहता। बावजूद इसके पीएम मोदी ने भुगतान किया और एक सामान्य ग्राहक की तरह व्यवहार करते हुए यह संदेश दिया कि मेहनत का मूल्य देना जरूरी होता है। आसपास खड़े लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया, जिससे यह पल और भी ज्यादा चर्चित हो गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

प्रधानमंत्री मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे पीएम मोदी दुकानदार से बातचीत करते हैं, झालमुड़ी लेते हैं और फिर हंसते हुए वहां से आगे बढ़ जाते हैं। यह वीडियो न केवल उनके समर्थकों बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।



चुनावी मंच से ममता सरकार पर हमला

इस हल्के पल के बावजूद प्रधानमंत्री का चुनावी तेवर पूरी तरह बरकरार रहा। अपनी रैलियों में उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और उनकी पार्टी Trinamool Congress पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में तुष्टिकरण की राजनीति के चलते विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और आदिवासी समुदायों के अधिकारों को नजरअंदाज किया गया है।

‘न पढ़ाई, न कमाई, न दवाई’ का आरोप

झारग्राम की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यहां न पढ़ाई की सही व्यवस्था है, न रोजगार के अवसर और न ही स्वास्थ्य सेवाएं ठीक हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग बदलाव चाहते हैं और अब समय आ गया है कि मौजूदा सरकार को जवाब दिया जाए। उनके इस बयान ने चुनावी माहौल को और ज्यादा गरमा दिया।

आदिवासी क्षेत्रों पर फोकस

प्रधानमंत्री का यह दौरा खास तौर पर आदिवासी बहुल क्षेत्रों पर केंद्रित था, जहां उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र की कई योजनाओं को लागू करने में बाधा डालती है, जिससे लोगों तक उनका लाभ नहीं पहुंच पाता।

चुनावी रणनीति में ‘लोकल कनेक्ट’ का संदेश

झालमुड़ी का स्वाद लेने वाला यह छोटा सा पल केवल एक सामान्य घटना नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे चुनावी रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। स्थानीय संस्कृति और खान-पान से जुड़कर प्रधानमंत्री ने लोगों के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव स्थापित करने की कोशिश की। इस तरह के दृश्य आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश देते हैं और नेता की छवि को और करीब लाते हैं।

राजनीतिक माहौल के बीच मानवीय चेहरा

जहां एक ओर चुनावी मंचों पर तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के छोटे-छोटे पल नेताओं के मानवीय पक्ष को सामने लाते हैं। झारग्राम में झालमुड़ी का स्वाद लेते हुए प्रधानमंत्री मोदी का यह अंदाज इसी बात का उदाहरण बना, जिसने चुनावी तनाव के बीच एक हल्की मुस्कान बिखेर दी।

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