बरेली में गैस सिलेंडर लीक से वर्कशॉप में भीषण आग, शादी का घर मातम में बदला, 13 वर्षीय युवक की मौत, तीन गंभीर झुलसे।
नवाबगंज में दर्दनाक हादसा, वर्कशॉप बनी आग का गोला
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के नवाबगंज इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। बरखन मार्ग पर शिवा धर्मकांटे के पास स्थित एक कार वर्कशॉप में अचानक लगी आग ने कुछ ही पलों में खुशियों को मातम में बदल दिया। बताया जा रहा है कि वर्कशॉप में गैस सिलेंडर से रिसाव हो रहा था, जिसने देखते ही देखते भीषण आग का रूप ले लिया। उस समय वर्कशॉप के भीतर ही घर की महिलाएं खाना बना रही थीं, जिससे हादसे की गंभीरता और बढ़ गई।
तीन सिलेंडरों से गैस रिसाव ने बढ़ाया खतरा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस हादसे के पीछे केवल एक सिलेंडर नहीं बल्कि तीन सिलेंडरों से गैस लीक होना मुख्य कारण बना। जैसे ही परिवार के लोग स्थिति को संभालने पहुंचे, अचानक आग भड़क उठी और पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही सेकंड में वर्कशॉप धुएं और लपटों से भर गई, जिससे वहां मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
शादी की तैयारियों के बीच हुआ बड़ा हादसा
जिस घर में यह हादसा हुआ, वहां खुशियों का माहौल था। वर्कशॉप मालिक महावीर की बेटी विनीता की शादी तय थी और घर में जोर-शोर से तैयारियां चल रही थीं। रविवार को लग्न और सोमवार को बारात आने वाली थी। वर्कशॉप के ऊपर बने घर में शादी का सामान भी बड़ी मात्रा में रखा गया था। जैसे ही आग लगी, सबसे पहले उसी सामान को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन यही कोशिश कई लोगों के लिए जानलेवा साबित हो गई।
आग में कूदे लोग, चार गंभीर रूप से झुलसे
आग लगने के बाद महावीर, रजा हुसैन, अजीत और साहिल ने बिना अपनी जान की परवाह किए शादी का सामान बचाने के लिए वर्कशॉप में दौड़ लगा दी। लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि चारों लोग उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। आग का तापमान इतना अधिक था कि आसपास खड़े लोगों के लिए भी वहां रुकना मुश्किल हो गया था।
13 साल के अजीत की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे में सबसे ज्यादा गंभीर रूप से झुलसे 13 वर्षीय अजीत कुमार को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अजीत वर्कशॉप में काम करता था और उसकी मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं बाकी तीन घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज निजी अस्पताल में जारी है।
स्थानीय लोगों की मदद से बुझी आग
घटना के बाद आसपास के लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए आग बुझाने की कोशिश की। बिना किसी उपकरण के लोगों ने अपने स्तर पर आग को काबू में लाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया, लेकिन तब तक वर्कशॉप में रखा ज्यादातर सामान जलकर राख हो चुका था। शादी के लिए खरीदी गई चीजें भी पूरी तरह नष्ट हो गईं, जिससे परिवार को दोहरी मार झेलनी पड़ी।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी नीलेश मिश्रा और इंस्पेक्टर अरुण कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि गैस रिसाव के कारण ही यह हादसा हुआ, लेकिन पूरी सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी।
खुशियों के घर में छाया मातम
जिस घर में कुछ ही घंटों बाद शहनाई बजने वाली थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। एक मासूम की मौत और तीन लोगों की गंभीर हालत ने पूरे परिवार को अंदर से तोड़ दिया है। जो घर मेहमानों की आवाज से गूंजने वाला था, वहां अब सिर्फ रोने की आवाजें सुनाई दे रही हैं।
लापरवाही ने छीनी मासूम की जान
यह घटना गैस सिलेंडर की सुरक्षा और सावधानी को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। अगर समय रहते गैस रिसाव को गंभीरता से लिया जाता, तो शायद इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। यह हादसा साफ तौर पर दिखाता है कि छोटी सी लापरवाही किस तरह बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।
इलाके में दहशत और गम का माहौल
इस घटना के बाद पूरे नवाबगंज इलाके में दहशत और गम का माहौल है। लोग इस हादसे को लेकर स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं। स्थानीय लोग भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि अगर ऐसे हादसों से बचाव के उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।


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