सस्ते सोने का लालच, करोड़ों की ठगी! गुरुग्राम में गुजराती ठग का खेल बेनकाब, बॉलीवुड तक फैला जाल



गुरुग्राम में नकली सोने के सिक्कों से करोड़ों की ठगी, गुजरात के शातिर ठग ने बॉलीवुड और कारोबारियों को बनाया शिकार


गुरुग्राम में करोड़ों की ठगी का खुलासा

हरियाणा के गुरुग्राम से एक ऐसे हाई-प्रोफाइल ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने सस्ते सोने के सिक्कों का लालच देकर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। इस मामले ने न सिर्फ स्थानीय व्यापारियों बल्कि बड़े कारोबारी और फिल्मी दुनिया से जुड़े लोगों को भी चौंका दिया है। पुलिस ने इस गैंग के मास्टरमाइंड प्रभुभाई सोलंकी उर्फ कल्पेश उर्फ रवि को उसके तीन साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 2.30 करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी और करीब 678 ग्राम सोना बरामद किया है। इस मामले की शुरुआत गुरुग्राम के एक एक्सपोर्टर की शिकायत से हुई, जिसने करोड़ों की ठगी का आरोप लगाया था।

असली सिक्कों से भरोसा, नकली से वार

पुलिस जांच में सामने आया कि प्रभुभाई सोलंकी बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वह पहले पीड़ितों को असली सोने और चांदी के सिक्के दिखाकर उनका विश्वास जीतता था। जब लोग उन सिक्कों को ज्वेलर के पास जांच के लिए ले जाते, तो वे पूरी तरह असली निकलते थे।

यहीं से शुरू होता था असली खेल। भरोसा बनने के बाद आरोपी बड़ी मात्रा में सस्ते सोने के सिक्के देने का लालच देता और मोटी रकम वसूल कर लेता। बदले में वह पीतल के सिक्कों पर सोने की परत चढ़ाकर दे देता था। जब तक पीड़ित को ठगी का अहसास होता, तब तक आरोपी फरार हो चुका होता था।

हाईवे पर बनाता था शिकार

प्रभुभाई का तरीका बेहद अलग और चालाक था। वह खुद को बुलडोजर ऑपरेटर बताकर गंदे कपड़ों में हाईवे पर घूमता था। वह उन लोगों को निशाना बनाता, जिनकी गाड़ी रास्ते में खराब हो जाती या पंचर हो जाता था।

वह उन्हें कहानी सुनाता कि खुदाई के दौरान उसे पुराने सोने के सिक्के मिले हैं, लेकिन डर के कारण वह उन्हें खुले बाजार में नहीं बेच सकता। इस भावनात्मक और लालच भरे जाल में फंसकर लोग आसानी से उसका शिकार बन जाते थे।

करोड़ों की डील और बड़ी ठगी

एक मामले में आरोपी ने 2 मार्च को एक कारोबारी से 2.49 करोड़ रुपये नकद और 50 तोला सोना लेकर नकली सिक्के थमा दिए। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई और क्राइम ब्रांच सेक्टर-43 की टीम ने जांच शुरू की।

सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई और पूरे गैंग को पकड़ लिया। इस खुलासे के बाद यह साफ हो गया कि यह कोई छोटा-मोटा ठग नहीं बल्कि लंबे समय से सक्रिय संगठित गिरोह है।

25 साल से सक्रिय, कई राज्यों में केस

पुलिस के अनुसार, प्रभुभाई सोलंकी पिछले करीब 25 वर्षों से इस तरह की ठगी में सक्रिय है। उसके खिलाफ महाराष्ट्र और गुजरात में पहले से कई मामले दर्ज हैं। वह लगातार अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग राज्यों में लोगों को ठगता रहा है।

उसकी खासियत यही थी कि वह हर बार नया तरीका अपनाता और खुद को साधारण आदमी के रूप में पेश करता, जिससे किसी को उस पर शक न हो।

बॉलीवुड और बड़े कारोबारियों को भी नहीं छोड़ा

इस ठग का जाल इतना बड़ा था कि उसने सिर्फ आम लोगों को ही नहीं बल्कि बॉलीवुड से जुड़े लोगों को भी अपना शिकार बनाया। पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 15 साल पहले उसने एक फिल्म अभिनेता से 25 लाख रुपये और एक बड़े फिल्मी परिवार से जुड़े व्यक्ति से 20 लाख रुपये ठगे थे।

यह जानकारी सामने आने के बाद मामला और भी सनसनीखेज हो गया है, क्योंकि इससे साफ होता है कि आरोपी का नेटवर्क काफी बड़ा और प्रभावशाली लोगों तक पहुंच रखने वाला था।

ठगी के पैसों से बनाई फिल्म और होटल

प्रभुभाई सोलंकी ने ठगी से कमाए पैसों का इस्तेमाल सिर्फ ऐशो-आराम के लिए ही नहीं किया, बल्कि उसने निवेश भी किया। उसने दिल्ली-मुंबई हाईवे पर एक होटल खरीदा और एक गुजराती फिल्म “लव यू यार” भी बनाई।

इस फिल्म की अभिनेत्री से उसने चौथी शादी कर ली, जबकि उससे पहले उसकी तीन पत्नियां थीं। इस तरह वह अपनी आपराधिक कमाई को वैध रूप देने की कोशिश करता रहा।

राजनीतिक महत्वाकांक्षा भी आई सामने

जांच में यह भी सामने आया कि प्रभुभाई की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं भी थीं। उसने अपनी पत्नी को गुजरात में नगर पालिका चुनाव में उतारा था। इससे साफ होता है कि वह सिर्फ ठगी तक सीमित नहीं था, बल्कि समाज में अपनी पहचान बनाने की भी कोशिश कर रहा था।

दिल्ली में बनते थे नकली सिक्के

पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि इस पूरे गिरोह के नकली सिक्के दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में तैयार किए जाते थे। वहां पीतल के सिक्कों पर सोने की परत चढ़ाकर उन्हें असली जैसा बनाया जाता था।

गिरोह में दो महिलाएं भी शामिल थीं, जो फिलहाल किसी अन्य मामले में जेल में बंद हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क काफी संगठित और बड़े स्तर पर काम कर रहा था।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

गुरुग्राम पुलिस ने सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क का फैलाव और कितना बड़ा है।

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