मंच पर ‘मुक्कों वाला आशीर्वाद’! कौन हैं सीताराम बाबा जिन्होंने बीजेपी विधायक को सबके सामने धक्का देकर मारी माला?



दतिया में सीताराम बाबा का वीडियो वायरल, बीजेपी विधायक को मंच पर धक्का और मुक्के मारने का मामला चर्चा में


दतिया की भागवत कथा में मचा बवाल, वायरल वीडियो ने खींचा ध्यान

मध्य प्रदेश के दतिया जिले से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त हलचल मचा दी है। यह घटना बेरछा गांव में आयोजित भागवत कथा के दौरान की बताई जा रही है, जहां मंच पर मौजूद संत सीताराम बाबा और सेवड़ा क्षेत्र से बीजेपी विधायक प्रदीप अग्रवाल के बीच ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसे देखकर लोग हैरान रह गए। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जैसे ही विधायक बाबा को माला पहनाने के लिए आगे बढ़ते हैं, उसी क्षण माहौल अचानक बदल जाता है और बाबा का व्यवहार पूरी तरह आक्रामक नजर आता है।

माला पहनाने पहुंचे विधायक को मिला ‘अनोखा आशीर्वाद’

वायरल हो रहे वीडियो में स्पष्ट दिखता है कि विधायक प्रदीप अग्रवाल पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ संत सीताराम बाबा के पास पहुंचते हैं। वे झुककर उन्हें माला पहनाने का प्रयास करते हैं, लेकिन इसी दौरान बाबा अचानक भड़क जाते हैं। व्यास गद्दी पर बैठे-बैठे बाबा न केवल उन्हें फटकार लगाते हैं बल्कि उनके साथ शारीरिक रूप से भी आक्रामक व्यवहार करते दिखाई देते हैं। बाबा ने विधायक की पीठ पर मुक्के मारे, उन्हें पीछे की ओर धक्का दिया और उनके द्वारा पहनाई गई माला उतारकर उनके चेहरे की ओर फेंक दी।

इस पूरी घटना के दौरान विधायक प्रदीप अग्रवाल का व्यवहार बेहद शांत और संयमित नजर आता है। वे बिना किसी विरोध के हाथ जोड़कर वहीं बैठे रहते हैं और किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं देते। उनका यह रवैया भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

कौन हैं सीताराम बाबा, जिनका अंदाज बना चर्चा का केंद्र

संत सीताराम बाबा मध्य प्रदेश के भिंड जिले के निसरोल मंदिर के महंत बताए जाते हैं। वे क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित संत और कथावाचक के रूप में पहचाने जाते हैं। धार्मिक आयोजनों में उनकी मौजूदगी काफी अहम मानी जाती है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनकी कथा सुनने पहुंचते हैं। उनके अनुयायियों में आम लोगों के साथ-साथ कई प्रभावशाली राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां भी शामिल हैं।

सीताराम बाबा को उनके गुरु मस्तराम बाबा की परंपरा को आगे बढ़ाने वाला संत माना जाता है। भिंड जिले के रसनौल में स्थित मस्तराम बाबा का स्थान वर्षों से आस्था का बड़ा केंद्र रहा है और सीताराम बाबा उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कथावाचन और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय हैं।

‘उग्र शैली’ ही पहचान, समर्थक मानते हैं खास आशीर्वाद

सीताराम बाबा की पहचान उनकी अलग और उग्र शैली के कारण भी है। बताया जाता है कि वे मंच से अक्सर तीखे शब्दों का प्रयोग करते हैं और कई बार गुस्से में अपने भक्तों के साथ सख्त व्यवहार भी कर बैठते हैं। हालांकि उनके अनुयायी इस व्यवहार को नकारात्मक रूप में नहीं देखते, बल्कि इसे बाबा की विशेष कृपा और आशीर्वाद मानते हैं।

समर्थकों का मानना है कि बाबा जिन लोगों को अपना मानते हैं, उन्हीं के साथ इस तरह का व्यवहार करते हैं। उनके अनुसार यह किसी प्रकार का अपमान नहीं बल्कि आध्यात्मिक संबंध का एक अलग रूप है। वहीं, कुछ लोग इसे सार्वजनिक मंच पर अनुचित आचरण मानते हैं और इसे लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर बंटी राय, समर्थन और आलोचना दोनों जारी

इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक वर्ग इस घटना को गुरु-शिष्य परंपरा का हिस्सा मान रहा है और बाबा के व्यवहार को उनके व्यक्तित्व का हिस्सा बता रहा है। वहीं दूसरा वर्ग इसे सार्वजनिक मंच पर एक जनप्रतिनिधि के साथ किया गया अपमानजनक व्यवहार मान रहा है।

वीडियो के तेजी से वायरल होने के बाद यह मामला केवल दतिया या मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इस घटना को धार्मिक आस्था और राजनीतिक शिष्टाचार के नजरिए से देख रहे हैं।

अब तक नहीं आया कोई आधिकारिक बयान

इस पूरे घटनाक्रम के बावजूद अभी तक न तो विधायक प्रदीप अग्रवाल की ओर से कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है और न ही संत सीताराम बाबा की ओर से कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने आया है। यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद दोनों पक्षों की चुप्पी आखिर क्या संकेत देती है।



‘मुक्के वाला आशीर्वाद’ बना राष्ट्रीय चर्चा का विषय

दतिया की इस घटना ने संत सीताराम बाबा को अचानक राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में ला दिया है। जिस अंदाज में यह पूरी घटना सामने आई है, उसने लोगों को चौंकाने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर कर दिया है कि धार्मिक मंचों पर इस तरह की घटनाओं को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए। फिलहाल, यह वीडियो लगातार शेयर किया जा रहा है और लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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