गोरखपुर में कारोबारी अम्बरीश श्रीवास्तव की फार्महाउस पर संदिग्ध गोली लगने से मौत, पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी
रहस्यमयी हालात में कारोबारी की मौत से दहला गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक प्रतिष्ठित कारोबारी की अचानक और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। अम्बरीश श्रीवास्तव नाम के इस कारोबारी की फार्महाउस पर गोली लगने से मौत हुई, लेकिन इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की टाइमिंग, परिस्थितियां और घटनास्थल का विवरण इस मामले को और अधिक रहस्यमय बना रहा है।
शुक्रवार की सुबह जब यह खबर फैली कि शहर के जाने-माने कारोबारी की गोली लगने से मौत हो गई है, तो हर कोई हैरान रह गया। परिवार में मातम का माहौल छा गया और शहर के कारोबारी वर्ग में भी इस घटना को लेकर चिंता और चर्चा का माहौल बन गया।
बछड़े के पैर छूने के बाद ऊपर गया… फिर चली गोली
घटना के शुरुआती घटनाक्रम ने पूरे मामले को और ज्यादा उलझा दिया है। जानकारी के अनुसार, अम्बरीश श्रीवास्तव सुबह अपने कुसमी स्थित गोदाम और फार्महाउस पहुंचे थे। वहां उन्होंने रोज की तरह कर्मचारियों से बातचीत की और कामकाज का जायजा लिया।
इसी दौरान उन्होंने वहां मौजूद गाय के बछड़े का पैर छुआ, जो एक सामान्य धार्मिक या भावनात्मक क्रिया मानी जा रही है। इसके बाद वह मोबाइल फोन पर किसी से बात करते हुए गोदाम की ऊपरी मंजिल की ओर चले गए।
कुछ ही मिनटों बाद अचानक गोली चलने की तेज आवाज सुनाई दी। कर्मचारियों ने जब ऊपर जाकर देखा तो अम्बरीश खून से लथपथ हालत में पड़े थे और उनके मुंह में गोली लगी हुई थी। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग घबरा गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस, शुरू हुई जांच
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने शुरुआती जांच में पाया कि गोली मृतक के अपने लाइसेंसी पिस्टल से चली थी।
सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई, जिसमें अम्बरीश को सीढ़ियों से ऊपर जाते हुए देखा गया है। हालांकि गोली चलने के बाद क्या हुआ, यह अभी भी जांच का विषय बना हुआ है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। आत्महत्या, दुर्घटना या किसी साजिश की संभावना—तीनों एंगल पर पुलिस काम कर रही है।
परिजनों का दावा—पिस्टल साफ करते समय चली गोली
मृतक के परिजनों का कहना है कि यह घटना एक हादसा हो सकती है। उनके अनुसार, अम्बरीश पिस्टल की सफाई कर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई और यह दर्दनाक हादसा हो गया।
हालांकि पुलिस इस दावे को पूरी तरह स्वीकार करने से पहले सभी तकनीकी और फोरेंसिक जांच कर रही है। गोली लगने की दिशा, दूरी और परिस्थिति का विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
घर पहुंचा शव तो मचा कोहराम
शुक्रवार शाम करीब चार बजे जब पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा, तो परिवार में कोहराम मच गया। जैसे ही पिता अतुल श्रीवास्तव ने अपने बेटे का शव देखा, वह फूट-फूटकर रो पड़े।
अम्बरीश के दोनों बेटे और छोटा भाई शव से लिपटकर रोते रहे। परिवार का हर सदस्य गहरे सदमे में था। माहौल इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
सबसे मार्मिक पल तब सामने आया जब अम्बरीश के बेटे ईशान ने अपनी मां को संभालते हुए कहा कि वह परिवार की जिम्मेदारी उठाएगा। इस दृश्य ने हर किसी को भावुक कर दिया।
पारिवारिक और सामाजिक जीवन में सक्रिय थे अम्बरीश
अम्बरीश श्रीवास्तव न सिर्फ एक सफल कारोबारी थे, बल्कि सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते थे। हाल ही में उन्हें चित्रगुप्त मंदिर सभा का महामंत्री चुना गया था, जिससे उनकी सामाजिक पहचान और भी मजबूत हुई थी।
उनकी शादी वर्ष 2012 में दीपाली से हुई थी और उनके दो बेटे हैं। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, वह एक जिम्मेदार और परिवार-प्रेमी व्यक्ति थे।
आखिरी रात और सुबह की पूरी कहानी
बताया जा रहा है कि घटना से एक दिन पहले यानी गुरुवार की रात अम्बरीश ने अपने सिविल लाइन स्थित घर पर खाना खाया और सोने चले गए।
शुक्रवार सुबह उन्होंने फार्महाउस जाने के लिए अपने ड्राइवर को फोन किया, लेकिन ड्राइवर नहीं आया। इसके बाद उन्होंने खुद अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी लेकर फार्महाउस जाने का निर्णय लिया।
फार्महाउस पहुंचने के बाद उन्होंने सामान्य दिनचर्या के अनुसार कामकाज देखा, लेकिन कुछ ही देर बाद जो हुआ, उसने सब कुछ बदल दिया।


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