दिल्ली मेयर चुनाव में BJP के प्रवेश वाही ने 156 वोट से जीत दर्ज की, कांग्रेस को करारी हार, AAP की गैरमौजूदगी बनी बड़ी वजह।
दिल्ली नगर निगम के मेयर चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार प्रवेश वाही ने जबरदस्त जीत दर्ज करते हुए 165 में से 156 वोट हासिल कर कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद जरीफ को बड़े अंतर से हरा दिया, जहां जरीफ को केवल 9 वोट मिले और आम आदमी पार्टी के चुनाव से दूर रहने के फैसले ने मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा बना दिया।
मेयर चुनाव में BJP की एकतरफा जीत
दिल्ली में हुए मेयर चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया कि इस बार मुकाबला पूरी तरह भाजपा के पक्ष में था। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार प्रवेश वाही को कुल 156 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के मोहम्मद जरीफ महज 9 वोटों पर सिमट गए। आम आदमी पार्टी के चुनाव में हिस्सा न लेने के फैसले के कारण यह मुकाबला सीधा भाजपा और कांग्रेस के बीच रह गया, जिसमें भाजपा ने भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की।
AAP की गैरमौजूदगी बनी सबसे बड़ी वजह
इस चुनाव में सबसे अहम फैक्टर आम आदमी पार्टी का चुनाव से दूरी बनाना रहा। पार्टी के पास करीब 105 वोट थे, जिनमें पार्षद, विधायक और राज्यसभा सदस्य शामिल थे, लेकिन इसके बावजूद पार्टी ने मेयर चुनाव में भाग नहीं लिया। AAP पार्षदों की अनुपस्थिति के कारण भाजपा के लिए जीत का रास्ता और आसान हो गया, जिससे कांग्रेस को भी कोई खास फायदा नहीं मिल सका।
सदन में गूंजे जय श्री राम के नारे
जैसे ही प्रवेश वाही के मेयर बनने की घोषणा हुई, नगर निगम सदन में भाजपा पार्षदों के बीच उत्साह का माहौल बन गया। इस दौरान “जय श्री राम” और “भारत माता की जय” जैसे नारों से पूरा सदन गूंज उठा। भाजपा समर्थकों ने इसे दिल्ली की राजनीति में एक बड़ी जीत के रूप में देखा।
प्रवेश वाही का राजनीतिक सफर
प्रवेश वाही का राजनीतिक करियर लंबे समय से सक्रिय रहा है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत विश्व हिंदू परिषद के खंड प्रमुख के रूप में की थी। इसके बाद वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और संगठन में विभिन्न पदों पर कार्य किया। वे भाजपा मंडल अध्यक्ष और युवा मोर्चा में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
तीन बार पार्षद रह चुके हैं वाही
प्रवेश वाही का स्थानीय राजनीति में भी मजबूत अनुभव रहा है। वे पहली बार 2007 में निगम पार्षद बने थे, इसके बाद 2012 और फिर 2022 में रोहिणी वार्ड से चुनाव जीतकर पार्षद बने। लगातार तीन बार जीत दर्ज करने के कारण उनकी पकड़ क्षेत्र में मजबूत मानी जाती है।
निगम में अहम पदों पर रह चुके हैं
मेयर बनने से पहले भी प्रवेश वाही निगम में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वे निर्माण समिति के चेयरमैन रह चुके हैं और जोन चेयरमैन की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। इसके अलावा वे उत्तरी निगम की स्थायी समिति के चेयरमैन भी रह चुके हैं, जिससे उन्हें प्रशासनिक अनुभव भी भरपूर मिला।
हाईकमान की पहली पसंद थे वाही
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा हाईकमान की पहली पसंद शुरुआत से ही प्रवेश वाही थे। पार्टी के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही थी। यही वजह रही कि चुनाव परिणाम आने से पहले ही भाजपा खेमे में जीत को लेकर पूरा भरोसा नजर आ रहा था।
जीत के बाद क्या बोले नए मेयर
मेयर बनने के बाद प्रवेश वाही ने कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य दिल्ली के लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं देना होगा। उन्होंने साफ किया कि वे शहर में सफाई व्यवस्था को मजबूत करेंगे और कूड़े के ढेर जैसी समस्याओं को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
कांग्रेस को मिली करारी हार
इस चुनाव में कांग्रेस की स्थिति काफी कमजोर नजर आई। पार्टी के पास केवल 9 पार्षद थे, जिसके कारण वह मुकाबले में कहीं टिक नहीं सकी। परिणामों ने यह साफ कर दिया कि मौजूदा हालात में दिल्ली नगर निगम की राजनीति में कांग्रेस की पकड़ काफी कमजोर हो चुकी है।
दिल्ली की राजनीति में नए समीकरण
मेयर चुनाव के इस नतीजे ने दिल्ली की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दिया है। भाजपा की इस जीत को आगामी चुनावों के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है, वहीं AAP के चुनाव से दूर रहने के फैसले पर भी सवाल उठने लगे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह जीत दिल्ली की राजनीति को किस दिशा में ले जाती है।


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