जंगबहादुरगंज NH-30 तिराहे पर डग्गामार वाहनों से रोज जाम, एंबुलेंस और स्कूली बच्चे फंसते, पुलिस पर लापरवाही के आरोप
अनूप गुप्ता की रिपोर्ट
जंगबहादुरगंज तिराहे पर रोज बन रहा जाम का संकट
खीरी जिले के जंगबहादुरगंज कस्बे में नेशनल हाईवे-30 का मुख्य तिराहा इन दिनों भारी यातायात अव्यवस्था का केंद्र बन चुका है, जहां रोजाना घंटों तक भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है। यह समस्या अब किसी एक दिन की नहीं रह गई है बल्कि रोजमर्रा की परेशानी बनकर स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत का कारण बन चुकी है। तिराहे पर डग्गामार बसों, टेम्पो और ऑटो रिक्शा का अवैध रूप से खड़ा होना इस समस्या की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सुबह से लेकर देर शाम तक यहां वाहन आड़े-तिरछे खड़े होकर सवारियां भरते रहते हैं, जिससे सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है और बाकी वाहनों के लिए निकलना मुश्किल हो जाता है। स्थिति यह है कि कई बार छोटे वाहन तो किसी तरह निकल जाते हैं, लेकिन बड़े वाहनों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
डग्गामार वाहनों का अवैध संचालन बना जाम की जड़
तिराहे पर सबसे बड़ी समस्या डग्गामार वाहनों के संचालन को लेकर है। बिना परमिट चलने वाली बसें और टेम्पो खुलेआम सड़क के बीचों-बीच खड़े होकर सवारियां भरते हैं। बताया जा रहा है कि कई बसें सीतापुर होते हुए दिल्ली तक का सफर तय करती हैं, जबकि पिहानी से भी दिल्ली के लिए बसों का संचालन हो रहा है। इसी तरह जंगबहादुरगंज से शाहजहांपुर तक टेम्पो का संचालन भी अव्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है।
इन वाहनों के चालकों को न तो किसी नियम का डर है और न ही किसी कार्रवाई का भय, जिसके चलते वे बेखौफ होकर सड़क पर कब्जा कर लेते हैं। इस कारण तिराहे पर हर समय अव्यवस्था का माहौल बना रहता है।
व्यापारियों में रोष, पुलिस पर लापरवाही के आरोप
तिराहे के आसपास स्थित दुकानदारों और व्यापारियों में इस समस्या को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि पुलिस को इस स्थिति की पूरी जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। व्यापारियों का आरोप है कि अगर समय रहते डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई की जाए तो इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
दुकानदारों का कहना है कि सड़क पर वाहन खड़े होने से ग्राहक भी दुकानों तक नहीं पहुंच पाते, जिससे उनके व्यापार पर भी असर पड़ रहा है। कई बार तो स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि दुकान के सामने तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
बिना नंबर के वाहन बना रहे बड़ा खतरा
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि कई टेम्पो और ऑटो रिक्शा बिना नंबर प्लेट के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ऐसे वाहनों की पहचान करना मुश्किल होता है और यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो चालक को पकड़ना भी आसान नहीं होता। यह स्थिति कानून व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती है।
बिना नंबर के वाहन न केवल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गए हैं। इसके बावजूद इन पर कोई सख्ती नहीं की जा रही है।
एंबुलेंस और स्कूली बच्चों को हो रही भारी परेशानी
इस जाम का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जिन्हें समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना बेहद जरूरी होता है। स्कूली बच्चों को रोजाना देरी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है जब कोई एंबुलेंस जाम में फंस जाती है।
कई बार गंभीर मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस भी घंटों जाम में फंसी रहती है, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
पुलिस की सफाई, संसाधनों की कमी का हवाला
इस पूरे मामले में जब पुलिस अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने संसाधनों की कमी को इसका कारण बताया। चौकी प्रभारी जंगबहादुरगंज और कोतवाली प्रभारी पसगवां जितेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि उनके पास पर्याप्त पुलिस बल नहीं है, जिसके कारण इस समस्या पर प्रभावी कार्रवाई करना संभव नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध होगा, इस समस्या का समाधान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है और केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा।
प्रशासनिक अनदेखी से बढ़ती जा रही समस्या
जंगबहादुरगंज तिराहे की यह समस्या अब प्रशासनिक अनदेखी का उदाहरण बन चुकी है। लगातार शिकायतों के बावजूद यदि स्थिति जस की तस बनी हुई है, तो यह साफ संकेत है कि इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन चाहे तो कुछ सख्त कदम उठाकर इस समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। जैसे कि तिराहे पर स्थायी पुलिस व्यवस्था, डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई और वैध स्टैंड की व्यवस्था।
समाधान की उम्मीद में लोग
जाम की इस समस्या से जूझ रहे लोग अब प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
जंगबहादुरगंज का यह तिराहा, जो कभी सामान्य यातायात का मार्ग हुआ करता था, आज अव्यवस्था और लापरवाही का प्रतीक बन गया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और पुलिस इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक लोगों को इस रोजमर्रा की परेशानी से राहत मिल पाती है।


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