Varanasi Crime News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से इंसानियत को शर्मसार और रूह को कंपा देने वाली एक ऐसी खौफनाक घटना सामने आई है, जिसे सुनकर किसी का भी कलेजा दहल उठे। यहां एक कलयुगी मां ने महज 10 साड़ियों और 16 हजार रुपये के लालच में अपनी ही 12 साल की सगी बेटी का सौदा कर डाला। बच्ची को खरीदने वाले अधेड़ शख्स ने चार महीने तक उसके साथ लगातार हैवानियत की। इसके बाद जब बच्ची स्टेशन पर बदहवास हालत में मिली, तो मदद का झांसा देकर एक ऑटो ड्राइवर ने भी उसे अपनी हवस का शिकार बनाया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस घिनौने अपराध में शामिल मां, खरीदार और ऑटो ड्राइवर समेत तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रेलवे स्टेशन पर हुआ मासूम की आबरू का सौदा
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़िता की मां मूल रूप से बिहार के अरवल की रहने वाली है। इस साल जनवरी के महीने में बनारस रेलवे स्टेशन पर उसकी मुलाकात चंदौली के बलुआ निवासी लहरू यादव नाम के शख्स से हुई थी। लहरू पहले से दो बच्चों का पिता है, लेकिन वह किसी कम उम्र की लड़की की तलाश में था। खुद को जवान दिखाने के लिए उसने दिल्ली से हेयर ट्रांसप्लांट भी कराया था।
रेलवे स्टेशन पर ही इस निर्दयी मां ने चंद रुपयों और साड़ियों के लालच में अपनी मासूम बेटी को लहरू के हवाले कर दिया। इस घिनौने सौदे पर पर्दा डालने के लिए चंदौली के चहनिया स्थित एक मंदिर में जबरन शादी का ढोंग भी रचा गया था।
4 महीने तक नर्क की जिंदगी जीती रही मासूम बेटी
आरोपी लहरू यादव मासूम बच्ची को अपने परिवार से दूर छुपाकर रखा हुआ था और 4 महीने तक लगातार उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। बताया जा रहा है कि आरोपी लहरू अपनी जमीन बेचकर अब तक करीब 20 लाख रुपये अय्याशी और ऐसे ही गंदे शौकों में उड़ा चुका है। जब उसका मन भर गया, तो बीती 19 मई को वह बच्ची को लहूलुहान और बदहवास हालत में बनारस रेलवे स्टेशन पर लावारिस छोड़कर मौके से फरार हो गया।
मदद के बहाने ऑटो वाले ने भी पार की हैवानियत की हदें
स्टेशन पर अकेली और रोती हुई बच्ची पर झारखंड के रहने वाले एक ऑटो ड्राइवर रवि वर्मा की नजर पड़ी। बच्ची ने बिलखते हुए उसे अपनी पूरी दर्दनाक आपबीती सुनाई। लेकिन मदद करने के बजाय उस हैवान ड्राइवर का भी दिल नहीं पसीजा और उसने भी मौके का फायदा उठाया। वह बच्ची को बहला-फुसलाकर सारनाथ के एक तालाब के पास ले गया और वहां उसके साथ रेप किया। इसके बाद वह उसे पहड़िया स्थित अपने किराए के घर ले आया।
कमरे में बंद मासूम को रोता देख आसपास के पड़ोसियों को गहरा शक हुआ। जब लोगों ने सख्ती से पूछताछ की, तो मासूम बच्ची ने अपने साथ हुई पूरी दरिंदगी की कहानी बयां कर दी। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत मामले की सूचना सारनाथ थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत कई अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कलयुगी मां, अधेड़ खरीदार और ऑटो ड्राइवर तीनों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।


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