कानपुर में डबल मर्डर से सनसनी: ‘सीक्रेट CCTV रूम में कैद थीं जुड़वा बेटियां’, मां का दर्दनाक खुलासा, प्यार करने वाला पति निकला हैवान




कानपुर में पिता ने जुड़वा बेटियों की हत्या की, पत्नी ने CCTV और सीक्रेट रूम का चौंकाने वाला सच उजागर किया


प्रेम कहानी से खौफनाक अंजाम तक का सफर

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर के नौबस्ता इलाके से सामने आई यह दिल दहला देने वाली घटना इंसानियत को झकझोर कर रख देती है। एक मां का दर्द उस वक्त चीख बनकर बाहर आया जब उसने अपनी ही कोख से जन्मी दो मासूम बेटियों की हत्या का सच दुनिया के सामने रखा। यह वही शख्स था, जिसके लिए उसने अपना घर-परिवार छोड़ा, जिसके साथ जिंदगी बिताने का सपना देखा, लेकिन वही पति उसकी बेटियों का कातिल बन गया।

रेशमा और शशि रंजन मिश्रा की प्रेम कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। साल 2014 में दोनों ने समाज की परवाह किए बिना शादी की थी। शुरुआत में जिंदगी खुशहाल थी, लेकिन समय के साथ रिश्ते में दरारें आने लगीं।

जुड़वा बेटियों के जन्म के बाद बदली जिंदगी

शादी के कुछ समय बाद जब रेशमा ने जुड़वा बेटियों रिद्धि और सिद्धि को जन्म दिया, तो घर में खुशियों का माहौल था। लेकिन यही खुशी धीरे-धीरे एक भयावह कहानी में बदल गई। पति शशि रंजन शराब की लत में डूबता चला गया और उसका व्यवहार दिन-ब-दिन आक्रामक होता गया।

परिवार के भीतर प्यार की जगह शक और अविश्वास ने ले ली। रेशमा के अनुसार, शशि को उसके चरित्र पर बेवजह शक होने लगा था, जो धीरे-धीरे एक खतरनाक सनक में बदल गया।

घर को बना दिया था किला, हर कोने में CCTV

रेशमा ने पुलिस को बताया कि शशि ने पूरे फ्लैट को एक किले की तरह बना दिया था। घर के एंट्रेंस से लेकर हर कमरे तक CCTV कैमरे लगवा दिए गए थे। कुल छह कैमरे घर की हर गतिविधि पर नजर रखते थे।

सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि घर में एक सीक्रेट कमरा बनाया गया था, जहां केवल शशि को जाने की अनुमति थी। उस कमरे में वह खुद रहता था और अपनी दोनों बेटियों को भी वहीं सुलाता था।

रेशमा को उस कमरे में जाने की इजाजत नहीं थी। उसे सिर्फ टीवी स्क्रीन के जरिए CCTV फुटेज देखने की अनुमति थी, जिससे वह अपनी ही बेटियों की गतिविधियां देख पाती थी।

शक, शराब और हिंसा का बढ़ता दायरा

रेशमा के मुताबिक, शशि अक्सर शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करता था। वह बार-बार कहता था कि वह अपने बेटे को लेकर मायके चली जाए और बेटियों को वह खुद संभालेगा।

एक बार जब रेशमा अपने मायके गई, तो शशि ने बेटियों को उसके साथ भेजने से साफ इनकार कर दिया। यह साफ संकेत था कि वह मानसिक रूप से अस्थिर होता जा रहा था और बेटियों को अपने नियंत्रण में रखना चाहता था।

वह रात जिसने सब कुछ खत्म कर दिया

घटना वाली रात रेशमा ने CCTV के जरिए करीब 1:30 बजे अपनी एक बेटी को वॉशरूम जाते देखा था। उस समय तक सब कुछ सामान्य लग रहा था।

लेकिन कुछ ही घंटों बाद सुबह करीब 4:30 बजे शशि ने खुद पुलिस को फोन कर बताया कि उसने अपनी दोनों बेटियों की हत्या कर दी है।

जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो जो दृश्य सामने आया, वह किसी भी इंसान को अंदर तक हिला देने वाला था। शशि अपनी ही बेटियों की खून से लथपथ लाशों के पास बैठा हुआ था। उसके चेहरे पर न कोई पछतावा था और न ही कोई डर।

पुलिस जांच और आरोपी का रवैया

पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही आरोपी को हिरासत में ले लिया। हैरानी की बात यह रही कि उसने बिना किसी विरोध के खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।

फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर उसने इतनी निर्दयता से अपनी ही बेटियों की हत्या क्यों की। शुरुआती जांच में मानसिक अस्थिरता, शक और शराब की लत को प्रमुख कारण माना जा रहा है, लेकिन असली वजह का खुलासा पूछताछ के बाद ही हो सकेगा।

मां की चीख और इंसाफ की गुहार

आज रेशमा पूरी तरह टूट चुकी है। वह अपने फैसले को कोस रही है कि उसने कभी शशि से प्यार किया और उसके साथ जिंदगी बिताने का सपना देखा।

अपनी गोद में छोटे बेटे को लेकर वह सिर्फ एक ही मांग कर रही है कि उसकी मासूम बेटियों के कातिल को सख्त से सख्त सजा दी जाए।

उसकी आंखों में सिर्फ दर्द है और जुबां पर एक ही सवाल—जिस इंसान पर उसने भरोसा किया, वही उसकी दुनिया क्यों उजाड़ गया।

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