औरैया में IPL सट्टा रैकेट का खुलासा, पुलिस ने 15 आरोपियों को दबोचा, लाखों कैश, मोबाइल और ऑनलाइन नेटवर्क जब्त
किराए के मकान में छिपा था सट्टे का हाईटेक अड्डा
उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में पुलिस ने एक बड़े और संगठित आईपीएल सट्टा रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सनसनी फैला दी है। सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बनारसी दास में एक साधारण दिखने वाले किराए के मकान के अंदर लंबे समय से हाईटेक तरीके से ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था। बाहरी तौर पर यह मकान सामान्य लग रहा था, लेकिन अंदर एक पूरा नेटवर्क सक्रिय था जो आईपीएल मैचों पर लाखों रुपये का दांव लगवा रहा था।
पुलिस को लगातार मिल रही गुप्त सूचनाओं के आधार पर इस पूरे ऑपरेशन की योजना बनाई गई। जैसे ही टीम ने मौके पर दबिश दी, अंदर का नजारा देखकर अधिकारी भी चौंक गए। कमरे के भीतर कई युवक मोबाइल और अन्य उपकरणों के जरिए लाइव सट्टा संचालित कर रहे थे।
संयुक्त टीम की कार्रवाई में 15 आरोपी दबोचे गए
इस कार्रवाई को सफल बनाने के लिए कोतवाली पुलिस के साथ स्वाट और सर्विलांस टीम ने मिलकर रणनीति तैयार की थी। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देशन और सीओ सिटी के नेतृत्व में यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया। दबिश के दौरान कुल 15 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जो सक्रिय रूप से सट्टेबाजी में शामिल थे।
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे से जुड़े हुए थे और आईपीएल सीजन के दौरान अपने नेटवर्क को और तेज कर देते थे। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे और बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।
मौके से लाखों कैश और मोबाइल फोन बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में सट्टा सामग्री भी बरामद की है। आरोपियों के पास से 6 लाख 4 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं, जो हाल ही में हुए सट्टे का हिस्सा बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 17 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनमें 16 एंड्रॉयड और एक कीपैड मोबाइल शामिल है।
इन मोबाइल फोन के जरिए आरोपी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए थे और लगातार सट्टा अपडेट कर रहे थे। इसके अलावा 52 ताश के पत्ते भी बरामद किए गए, जिससे साफ होता है कि ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन जुए का खेल भी यहां चलता था।
ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए चलता था पूरा नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा गिरोह “1EX99” नाम की वेबसाइट के जरिए आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चला रहा था। आरोपी इस प्लेटफॉर्म पर आईडी बनाकर खिलाड़ियों और मैचों पर दांव लगवाते थे और उसी के जरिए पैसे का लेन-देन होता था।
पुलिस ने जब मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें कुल 14 लाख 41 हजार 223 रुपये के कॉइन सक्रिय पाए गए, जिन्हें तत्काल सीज कर दिया गया। यह रकम दर्शाती है कि यह रैकेट छोटे स्तर का नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर संचालित हो रहा था।
बैंक खातों में भी मिला सट्टे का पैसा
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों को भी खंगाला। इसमें 12 बैंक खातों में कुल 3 लाख 61 हजार 261 रुपये की संदिग्ध रकम पाई गई, जिसे फ्रीज कर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यह रकम भी सट्टेबाजी से अर्जित की गई थी।
बैंकिंग ट्रांजैक्शन के जरिए यह गिरोह अपने नेटवर्क को और मजबूत बना रहा था, जिससे यह साफ हो गया कि सट्टा अब केवल नकद तक सीमित नहीं रहा बल्कि डिजिटल माध्यमों के जरिए भी तेजी से फैल रहा है।
मुख्य आरोपी ने खरीदी थी सट्टे की आईडी
पूछताछ में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन मुख्य आरोपी योगेश कुमार कर रहा था। उसने जालौन निवासी एक युवक से करीब 20 हजार रुपये में गेमिंग आईडी खरीदी थी, जिसके जरिए पूरे गिरोह को संचालित किया जा रहा था।
इसके बाद इसी आईडी के माध्यम से अन्य आरोपियों को जोड़ा गया और सभी को अलग-अलग यूजर आईडी देकर सट्टा खेलने और खिलाने का काम सौंपा गया। इस तरह यह एक संगठित और प्लानिंग के तहत चलने वाला नेटवर्क बन गया था।
गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनाया गया था खास तरीका
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी काफी चालाकी से अपना नेटवर्क चला रहे थे। वे खुले में या सार्वजनिक जगहों पर सट्टा खेलने के बजाय किराए के मकान के अंदर बंद कमरे में यह पूरा खेल संचालित करते थे।
इससे उन्हें लगता था कि पुलिस की नजर से बचा जा सकता है। लेकिन सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के चलते उनकी यह चालाकी ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकी और आखिरकार पूरा गिरोह पुलिस के शिकंजे में आ गया।
कई आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से कई ऐसे भी हैं जिनका पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। उन पर पहले भी जुआ अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपना धंधा जारी रखा और इस बार बड़े स्तर पर सट्टेबाजी में शामिल हो गए।
पुलिस अब इनके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क के तार और किन-किन जिलों या राज्यों तक जुड़े हुए हैं।
पुलिस का सख्त संदेश, जारी रहेगा अभियान
इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने साफ कहा है कि आईपीएल सट्टेबाजी जैसे अवैध धंधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जो भी व्यक्ति इसमें शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में भी जुट गई है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


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