उत्तराखंड के उत्तरकाशी में शनिवार रात 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ। 4 दिनों में यह दूसरा झटका है। फिलहाल किसी नुकसान की खबर नहीं।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में शनिवार रात 8 बजकर 07 मिनट पर 4.2 तीव्रता के भूकंप से हड़कंप मच गया। पिछले चार दिनों के भीतर इस पर्वतीय इलाके में जमीन हिलने की यह दूसरी घटना है। सतह से करीब 11 किलोमीटर गहराई में आए इस झटके के बाद घबराए लोग तुरंत सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे। राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
जमीन से 11 किमी नीचे था केंद्र, रिक्टर स्केल पर 4.2 दर्ज हुई तीव्रता
शनिवार की रात 8 बजकर 7 मिनट और 30 सेकंड पर उत्तरकाशी में यह भूगर्भीय हलचल रिकॉर्ड की गई। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.2 मापी गई है। आंकड़ों के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र 30.744 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 78.414 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। वहीं, भूकंप की गहराई जमीन से लगभग 11 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई।
अचानक लगे झटकों से दहशत, घरों से बाहर निकले बाशिंदे
रात के समय अचानक महसूस हुए कंपन से स्थानीय निवासियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। झटकों की तीव्रता भांपते ही कई लोग डर के मारे तुरंत अपने घरों से निकलकर खुली और सुरक्षित जगहों पर पहुंच गए। इसके बाद काफी देर तक इलाके में डर का माहौल रहा और लोग एक-दूसरे से फोन व बातचीत के जरिए भूकंप की जानकारी जुटाते दिखे।
संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में सावधानी बरतने की सलाह
उत्तरकाशी का इलाका हिमालयी क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण भूकंपीय हलचलों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। हालांकि इस बार किसी भी तरह की क्षति या जान-माल की हानि नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञों ने ऐसी स्थितियों में घबराहट से बचने और सतर्कता बरतने पर जोर दिया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, झटके महसूस होने पर घर के अंदर मौजूद लोगों को मजबूत मेज के नीचे शरण लेनी चाहिए और अपने सिर व गर्दन को ढककर रखना चाहिए। खिड़कियों, कांच के पैनल्स और भारी सामानों से दूरी बनाकर रखें। कंपन रुकने के बाद ही सीढ़ियों का इस्तेमाल करते हुए सुरक्षित खुले स्थानों की ओर बढ़ें और ऐसी आपात स्थिति में लिफ्ट का प्रयोग बिल्कुल न करें।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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