लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा केस में फरार चल रही श्रद्धा दुबे को उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। उसके साथ बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को भी पकड़ा गया है। तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के मुताबिक, श्रद्धा को पुलिस की कार्यप्रणाली और तकनीकी पहलुओं की जानकारी थी, जिसके कारण उसे पकड़ने में समय लगा।
नागपुर से गिरफ्तार हुई श्रद्धा दुबे, बहन और ड्राइवर भी पकड़े गए
शिवा शर्मा केस में फरार आरोपियों की तलाश कर रही उत्तर प्रदेश पुलिस को आखिरकार नागपुर में सफलता मिली। यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस के सहयोग से श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपी मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद से फरार चल रहे थे।
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, तीनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार प्रयास कर रही थीं। करीब 11 दिनों तक उसकी तलाश जारी रही, जिसके बाद उसे नागपुर से पकड़ा गया।
STF चीफ अमिताभ यश ने बताई गिरफ्तारी में देरी की वजह
श्रद्धा दुबे को गिरफ्तार करने में इतना समय क्यों लगा, इस सवाल पर एसटीएफ चीफ और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने जानकारी दी। उनके मुताबिक, श्रद्धा को पुलिस के काम करने के तरीके और तकनीकी पहलुओं की जानकारी थी। इसी वजह से उसकी गिरफ्तारी में समय लगा।
अमिताभ यश ने बताया कि पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी और अलग-अलग टीमें इस अभियान में काम कर रही थीं। आखिरकार जांच और तलाश के बाद पुलिस को सफलता मिली और श्रद्धा दुबे को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने की तैयारी में है। पूछताछ के दौरान शिवा शर्मा केस से जुड़े घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी।
श्रद्धा दुबे की तलाश में जुटी थीं कई पुलिस टीमें
श्रद्धा दुबे और उसके साथियों को पकड़ने के लिए यूपी एसटीएफ मुख्यालय, लखनऊ एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और बनारस एसटीएफ की टीमें लगाई गई थीं। पुलिस इन आरोपियों की तलाश में लगातार काम कर रही थी।
जांच के दौरान श्रद्धा दुबे की लोकेशन नागपुर में मिली। इसके बाद यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने नागपुर पुलिस की सहायता से वहां कार्रवाई की। इस अभियान में श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की आगे की कार्रवाई उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर की जा रही है।
9 अक्टूबर 2026 को दर्ज हुआ था हत्या का मुकदमा
पुलिस के मुताबिक, हजरतगंज थाने में 9 अक्टूबर 2026 को रंजना शर्मा की लिखित शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत दर्ज किया गया, जो हत्या से संबंधित है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और चालक दानिश फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की थीं। इसके साथ ही तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
मामले में पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ने के साथ अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
ट्रांजिट रिमांड के बाद लखनऊ कोर्ट में पेश करने की तैयारी
एसटीएफ चीफ अमिताभ यश के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लखनऊ लाने और अदालत में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें लखनऊ लाया जाएगा।
पुलिस अब पूछताछ के जरिए शिवा शर्मा की मौत से जुड़े घटनाक्रम में आरोपियों की भूमिका के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी। इसके अलावा, फरार रहने के दौरान आरोपी कहां-कहां रहे, इस संबंध में भी पूछताछ की जाएगी।
फिलहाल श्रद्धा दुबे, रश्मि दुबे और दानिश की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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