INDIA गठबंधन ने राष्ट्रपति मुर्मू से मिलकर CEC पर कार्रवाई और बैलेट पेपर की मांग की। राहुल गांधी बोले- सोमवार को SC में देंगे ज्ञापन।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के 10 प्रमुख नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कदम उठाने और ईवीएम की जगह मतपत्र (बैलेट पेपर) से मतदान कराने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। नेताओं के अनुसार, राष्ट्रपति ने उनकी आपत्तियों को सुना और संबंधित मामलों के प्रमाण मांगे हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस विषय पर आगामी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को ज्ञापन देने का ऐलान किया है।
राष्ट्रपति भवन पहुंचा विपक्ष, 10 दलों के शीर्ष नेता रहे मौजूद
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव व्यवस्था में कथित अनियमितताओं की शिकायत लेकर विपक्षी दल सीधे राष्ट्रपति भवन पहुंचे। राष्ट्रपति से मिलने वाले इस 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी से राजीव राय, राजद सांसद मनोज झा, माकपा नेता एम.ए. बेबी, भाकपा नेता डी. राजा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के उमर अब्दुल्ला और वीसीके नेता थोल तिरुमावलवन समेत कई अन्य नेता शामिल थे।
राष्ट्रपति से मुलाकात से पूर्व विपक्षी सांसदों ने पुरानी संसद भवन (ओल्ड पार्लियामेंट हाउस) के सेंट्रल हॉल में एक अहम बैठक की थी, जिसमें प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों और उठाए जाने वाले मुद्दों की रूपरेखा तैयार की गई थी।
'राष्ट्रपति ने बात नहीं नकारी, सबूत मांगे'—राहुल गांधी के आरोप
मुलाकात के उपरांत कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें अंदेशा था कि राष्ट्रपति देश की चुनाव प्रणाली को स्वतंत्र व निष्पक्ष बताते हुए 'वोट चोरी' के आरोपों को खारिज कर देंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राहुल गांधी के मुताबिक, वह यह देखकर दंग रह गए कि राष्ट्रपति ने उनकी बात सुनी और इन आरोपों के पुख्ता प्रमाण पेश करने को कहा।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में हो रही कथित वोट चोरी की रूपरेखा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तैयार की है, जबकि गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इसे क्रियान्वित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा देश इस स्थिति से वाकिफ है और विपक्ष इस लड़ाई को आगे ले जाते हुए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को भी औपचारिक ज्ञापन सौंपेगा।
बैलेट पेपर से चुनाव की मांग, सबूत जुटाने में जुटा विपक्ष: खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति के समक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली और कथित गड़बड़ियों का ब्योरा रखा गया है। विपक्ष ने औपचारिक रूप से यह मांग दोहराई है कि आगामी चुनावों में ईवीएम को हटाकर बैलेट पेपर की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए।
खरगे ने बताया कि राष्ट्रपति ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना है और उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में तथ्य व साक्ष्य पेश करने का निर्देश दिया है। खरगे के अनुसार, राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वह इस संबंध में विचार-विमर्श कर नियमानुसार कदम उठाएंगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने के आरोप लगाए और कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति के कहे अनुसार आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर उन्हें उपलब्ध कराएगा।
INDIA गठबंधन एकजुट, ममता बनर्जी और प्रियंका गांधी के बयान
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि विपक्षी गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और यह आम जनता के अधिकारों की आवाज उठा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया गया है और उनसे निष्पक्ष रुख की उम्मीद है; आवश्यकता पड़ने पर संबंधित दावों से जुड़े विस्तृत दस्तावेज भी पेश किए जाएंगे।
दूसरी ओर, इस राजनीतिक हलचल और प्रदर्शनों के बीच राजधानी दिल्ली में कुछ मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने मेट्रो संचालन रोके जाने की आलोचना करते हुए इसे प्रशासन का भय और कायरता करार दिया।
महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के साथ हमारी मीटिंग हुई। मैं आश्चर्यचकित रह गया कि जब हमने 'वोट चोरी' के बारे में जानकारी दी तो उन्होंने इसे मानने से इनकार नहीं किया। उन्होंने ये नहीं कहा कि हिंदुस्तान में चुनाव चोरी नहीं हो रहे हैं। उल्टा राष्ट्रपति जी ने हमसे कहा है- आप 'वोट चोरी' के सबूत लाइए। हम उन्हें 'वोट चोरी' का सबूत देने को तैयार हैं। पूरा देश जानता है, छात्र जानते हैं कि देश में 'वोट चोरी' हो रही है। नरेंद्र मोदी इसके architect हैं। अमित शाह और ज्ञानेश कुमार इसे लागू कर रहे हैं। राष्ट्रपति जी ने इससे भी इनकार नहीं किया। : नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi 📍 दिल्ली
— Congress (@INCIndia) October 9, 2026
वर्तमान में विपक्षी दल चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से मतदाता सूची तथा चुनावी पारदर्शिता पर जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़े हैं। आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट को दिए जाने वाले ज्ञापन और राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे मामले का अगला रुख तय होगा।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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