दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गोवा में दिल का दौरा पड़ने से निधन। 45 मिनट तक दिया गया सीपीआर, देशभर में शोक की लहर।
भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गोवा स्थित आवास पर कार्डियक अरेस्ट की वजह से निधन हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक, गुरुवार तड़के उन्हें बचाने के लिए 45 मिनट तक लगातार सीपीआर दिया गया, लेकिन उनकी धड़कनें दोबारा शुरू नहीं हो सकीं। पांच दशकों तक अपने जानदार अभिनय और सामाजिक कार्यों के जरिए लोगों के दिलों पर राज करने वाले इस महान कलाकार के आकस्मिक जाने से फिल्मी गलियारों और सियासी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
अस्पताल ने दी जानकारी: 45 मिनट तक दिया गया सीपीआर, कराया जाएगा पोस्टमार्टम
नाना पाटेकर के निधन के संदर्भ में मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर सालकर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि गुरुवार सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर कार्डियक अरेस्ट की वजह से अभिनेता का निधन हुआ। चिकित्सकों की टीम ने उन्हें बचाने की भरसक कोशिश की और करीब 45 मिनट तक सीपीआर (CPR) दिया गया। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उनकी दिल की धड़कनें पूरी तरह बंद रहीं। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि नियमानुसार उनका पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बोले— 'किसानों के मददगार और सिनेमा के स्तंभ को खो दिया'
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस घटना को दिल तोड़ने वाला और फिल्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर के साथ उनके बेहद आत्मीय और दोस्ताना संबंध थे। पांच दशकों से अधिक समय तक उन्होंने अपनी विशिष्ट संवाद अदायगी और दमदार अदाकारी से दर्शकों के दिलों पर राज किया और किरदारों को जीवंत बना दिया।
गडकरी ने उनके सामाजिक योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि 'नाम फाउंडेशन' के माध्यम से नाना पाटेकर ने महाराष्ट्र के सुदूर ग्रामीण अंचलों में जल संरक्षण और वाटरशेड मैनेजमेंट के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया। आत्महत्या करने वाले पीड़ित किसान परिवारों को सहारा देकर वे उनके जीवन का बड़ा संबल बने। वे एक बेहतरीन अभिनेता होने के साथ-साथ समाज के प्रति अत्यंत संवेदनशील इंसान थे।
राजनीतिक हस्तियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
नाना पाटेकर के निधन पर देश के प्रमुख राजनीतिक दिग्गजों ने गहरा शोक व्यक्त किया:
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'पद्म श्री' नाना पाटेकर का जाना कला जगत की बहुत बड़ी क्षति है। वे एक प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के मजबूत स्तंभ और संवेदनशील समाजसेवी थे, जिन्होंने अपने अभिनय और सरोकारों से समाज को समृद्ध किया।
- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गहरा सदमा व्यक्त करते हुए कहा कि सिनेमा ने अपनी सबसे बेबाक और सच्ची आवाज खो दी है। उन्होंने 'परिंदा', 'क्रांतिवीर', 'प्रहार' और 'अब तक छप्पन' जैसी फिल्मों में नाना के अभिनय के प्रभाव और ग्रामीण समाज के प्रति उनके निस्वार्थ समर्पण को याद किया।
- महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा अजित पवार ने कहा कि इस खबर ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया है। नाना पाटेकर अभिनय और सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा संगम थे। उन्होंने 'नटसम्राट', 'क्रांतिवीर' और 'परिंदा' जैसी फिल्मों का उल्लेख करते हुए वंचितों और किसानों के लिए किए गए उनके कार्यों की सराहना की और 'दादा' के साथ उनके पारिवारिक स्नेह को याद किया।
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नाना पाटेकर ने अपने प्रभावशाली संवाद और जीवंत अभिनय से हिंदी सिनेमा में एक अद्वितीय पहचान बनाई थी। उनका चले जाना कला जगत के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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