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'We Will Do It': सत्ता में 25 साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने देश को दिया नया मंत्र, 2047 के लिए सेट किया मिशन

सत्ता प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने दिल्ली में 'We Will Do It' का नया नारा देकर 2047 का लक्ष्य तय किया।

​सरकार के मुखिया के तौर पर सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 'वी विल डू इट' (We Will Do It) का नया नारा दिया है। दिल्ली में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सभा' में उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण, शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने और वैश्विक मैन्यूफैक्चरिंग हब बनने जैसे बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य रखे। उन्होंने इस लंबी राजनीतिक यात्रा का पूरा श्रेय जनता, लोकतंत्र और संविधान को दिया।

​विनायक मंदिर में प्रार्थना और जनादेश को नमन

​राजधानी दिल्ली में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम में आने से पहले उन्होंने विनायक मंदिर जाकर देश की खुशहाली के साथ-साथ स्वयं के लिए भी प्रार्थना की, ताकि ईश्वर उन्हें राष्ट्र सेवा करते रहने की निरंतर शक्ति प्रदान करे। उन्होंने कहा कि बीते ढाई दशकों में विधानसभा से लेकर लोकसभा तक जितने भी चुनाव हुए, जनता-जनार्दन ने हमेशा उन्हें सेवा का अवसर दिया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय संविधान, लोकतंत्र और सेवा ज्योति यात्रा में हिस्सा लेने वाले सभी देशवासियों के प्रति आदर व्यक्त किया।

​7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ सफर, जनता के विश्वास को बताया सबसे बड़ी पूंजी

​अपनी यात्रा को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को जब उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब उन्होंने इस पड़ाव की कल्पना भी नहीं की थी। सरकार के शीर्ष पद पर लगातार 25 साल की सेवा पूरा होना केवल देशवासियों के निरंतर आशीर्वाद, भारतीय जनता पार्टी, एनडीए और लोकतंत्र में आस्था रखने वाले सभी राजनीतिक साथियों के समर्थन से ही मुमकिन हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीते 25 वर्षों का जनविश्वास और अनुभव केवल उनका निजी नहीं, बल्कि पूरे देश और मां भारती की हर संतान की साझा धरोहर है।

​वडनगर के स्कूल के दिन और जीवन में आलोचकों की अहमियत

​अपने बचपन के दिनों का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वडनगर के स्कूल में वह सबसे पहले कक्षा में पहुंचने वाले छात्रों में शामिल रहते थे। वहां से सीखने की जो आदत विकसित हुई, उसी के चलते वह आज भी खुद को एक शिक्षार्थी ही मानते हैं। उन्होंने कहा कि उनके जीवन में हर व्यक्ति और परिस्थिति ने कुछ न कुछ सिखाया है। सफलताओं ने जहां उन्हें विनम्रता दी, वहीं असफलताओं ने दोबारा उठ खड़े होने का हौसला दिया। शुभचिंतकों ने उनका उत्साह बढ़ाया तो आलोचकों ने आत्ममंथन करने का मार्ग दिखाया। हर बाधा उनके सब्र की परीक्षा बनी और हर उपलब्धि ने नए संकल्पों को गति दी।

​'We Will Do It': वर्ष 2047 और भविष्य के बड़े संकल्प

​प्रधानमंत्री ने लाल किले से दिए गए 'सबका प्रयास' के विचार का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अब 'हम करके रहेंगे' यानी 'We Will Do It' के जज्बे के साथ काम करना होगा। उन्होंने रेखांकित किया कि 2047 तक विकसित भारत बनाना हो, विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं की सूची में आना हो, आत्मनिर्भर भारत का संकल्प सिद्ध करना हो, ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब बनना हो, ओलंपिक का आयोजन करना हो या अंतरिक्ष में नए कदम बढ़ाने हों—हर क्षेत्र में यही आत्मविश्वास काम करेगा।

​बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को सराहा

​प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देश की माताओं और बहनों की सुरक्षा तथा सम्मान के लिए शौचालय निर्माण से लेकर उज्ज्वला योजना जैसी पहल की गई हैं। उन्होंने 16 करोड़ लखपति दीदियों के सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं के विकास पर केवल चर्चा ही नहीं की, बल्कि धरातल पर उसका सफल नेतृत्व भी किया है।

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